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आपसी सुलह-समझौते से 6969 मामले निस्तारित
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बलरामपुर। आपसी सुलह समझौते के आधार पर लोक अदालत में 6969 मामलों का निस्तारण कराया गया है। न्यायिक अधिकारियों ने मुकदमों का निस्तारण कराने के बाद अर्थदंड भी वसूला। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव / जनपद न्यायाधीश नरेंद्र बहादुर यादव ने नए न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत की अध्यक्षता करते कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में वादों के निस्तारण होने से आपसी सौहार्द भी बढ़ता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि बीते दिन जनपद न्यायाधीश ने राष्ट्रीय लोक अदालत में दो मुकदमों का निस्तारण कराकर 70 हजार रुपये वादी को भुगतान करने का आदेश दिया है। मोटर दुर्घटना प्रतिकर मामले में अनुपम गोयल ने छह मामलों का निस्तारण, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय राम सुलीन सिंह ने भरण पोषण व वैवाहिक वादों के 14 मामलों का निस्तारण और अपर न्यायाधीश विपिन कुमार ने बिजली विभाग के 25 मामलों का निस्तारण किया।
अपर न्यायाधीश द्रुतगामी प्रथम ने दो वादों का निस्तारण, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रत्नेश दीप कमल आनंद ने फौजदारी के 993 मामले और सिविल जज प्रीती माला चतुर्वेदी ने 30 मामलों का निस्तारण किया। सिविल जज उतरौला मोहित प्रसाद ने फौजदारी के 418 और सिविल के चार मामले, अपर सिविल जज प्रथम मंजुला मिश्रा ने 41 मामलों का, सिविल जज जूनियर डिविजन द्रुतगामी सुरभि वर्मा ने 112 फौजदारी मामलों का निस्तारण किया। तहसील से फौजदारी के 195, राजस्व के 524, प्री लिटीगेशन स्तर पर 3695 व 132 बैंक के मामले आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित कराए गए। (संवाद)
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि बीते दिन जनपद न्यायाधीश ने राष्ट्रीय लोक अदालत में दो मुकदमों का निस्तारण कराकर 70 हजार रुपये वादी को भुगतान करने का आदेश दिया है। मोटर दुर्घटना प्रतिकर मामले में अनुपम गोयल ने छह मामलों का निस्तारण, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय राम सुलीन सिंह ने भरण पोषण व वैवाहिक वादों के 14 मामलों का निस्तारण और अपर न्यायाधीश विपिन कुमार ने बिजली विभाग के 25 मामलों का निस्तारण किया।
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अपर न्यायाधीश द्रुतगामी प्रथम ने दो वादों का निस्तारण, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रत्नेश दीप कमल आनंद ने फौजदारी के 993 मामले और सिविल जज प्रीती माला चतुर्वेदी ने 30 मामलों का निस्तारण किया। सिविल जज उतरौला मोहित प्रसाद ने फौजदारी के 418 और सिविल के चार मामले, अपर सिविल जज प्रथम मंजुला मिश्रा ने 41 मामलों का, सिविल जज जूनियर डिविजन द्रुतगामी सुरभि वर्मा ने 112 फौजदारी मामलों का निस्तारण किया। तहसील से फौजदारी के 195, राजस्व के 524, प्री लिटीगेशन स्तर पर 3695 व 132 बैंक के मामले आपसी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित कराए गए। (संवाद)
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