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बाल विवाह को लेकर आयोग की सदस्य ने जताई नाराजगी
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बलरामपुर। बाल विवाह व बाल श्रम रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर आयोग की सदस्य ने विभागीय अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जताई है। समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कार्य में सुधार लाने की चेतावनी दी। एक दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान बुधवार को राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी ने कलेक्ट्रेट सभागार में योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने इमिलिया कोडर में समाज कल्याण विभाग की तरफ से संचालित थारु जनजाति के राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय का निरीक्षण भी किया।
इस दौरान इमिलिया कोडर गांव की थारु महिलाओं से मिलकर आयोग की सदस्य ने योजनाओं का लाभ मिलने के बारे में जानकारी हासिल की। छात्र छात्राओं ने आयोग की सदस्य को बताया कि उन्हें विद्यालय में सभी संसाधन मुहैया कराए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान आयोग की सदस्य ने कलेक्ट्रेट सभागार में बच्चों व महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा की। भिक्षावृत्ति, बाल विवाह व बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराईयों को रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान की प्रगति रिपोर्ट में बेहतर सुधार न होने पर आयोग की सदस्य ने कड़ी नाराजगी जताई और विभागीय अधिकारियों को तत्काल सुधार करने का निर्देश दिया।
ईंट भट्ठों पर काम करने वाले बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराने का अभियान चलाने व राईट टू एजूकेशन के तहत गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने आदि की समीक्षा की साथ ही बीएसए डॉ. रामचंद्र को इन योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का निर्देश दिया। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों, धात्री व गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जाना। अति कुपोषित व कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर की जा रही कार्रवाई के बारे में डीपीओ केएम पांडेय ने सूचना उपलब्ध कराई। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल, जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र, जिला समाज कल्याण अधिकारी एमपी सिंह, सीओ सिटी वरुण मिश्र, राघिनी मिश्रा व प्रदीप द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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इस दौरान इमिलिया कोडर गांव की थारु महिलाओं से मिलकर आयोग की सदस्य ने योजनाओं का लाभ मिलने के बारे में जानकारी हासिल की। छात्र छात्राओं ने आयोग की सदस्य को बताया कि उन्हें विद्यालय में सभी संसाधन मुहैया कराए जा रहे हैं। निरीक्षण के दौरान आयोग की सदस्य ने कलेक्ट्रेट सभागार में बच्चों व महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा की। भिक्षावृत्ति, बाल विवाह व बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराईयों को रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान की प्रगति रिपोर्ट में बेहतर सुधार न होने पर आयोग की सदस्य ने कड़ी नाराजगी जताई और विभागीय अधिकारियों को तत्काल सुधार करने का निर्देश दिया।
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ईंट भट्ठों पर काम करने वाले बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराने का अभियान चलाने व राईट टू एजूकेशन के तहत गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने आदि की समीक्षा की साथ ही बीएसए डॉ. रामचंद्र को इन योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का निर्देश दिया। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों, धात्री व गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जाना। अति कुपोषित व कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर की जा रही कार्रवाई के बारे में डीपीओ केएम पांडेय ने सूचना उपलब्ध कराई। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल, जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश चंद्र, जिला समाज कल्याण अधिकारी एमपी सिंह, सीओ सिटी वरुण मिश्र, राघिनी मिश्रा व प्रदीप द्विवेदी आदि मौजूद रहे।
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