{"_id":"5f05f6068ebc3e639e0b4837","slug":"cleanliness-system-failed-in-district-joint-hospital-balrampur-news-lko529814826","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाखों का खेल, जिला संयुक्त चिकित्सालय सफाई में फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाखों का खेल, जिला संयुक्त चिकित्सालय सफाई में फेल
विज्ञापन
बलरामपुर के जिला संयुक्त चिकित्सालय के पार्क में उगी झाड़ियां।
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। जिला संयुक्त चिकित्सालय में सफाई के नाम पर प्रतिमाह लाखों का खेल किया जा रहा है। ढाई लाख रुपये से अधिक बजट प्रति माह खर्च करने के बावजूद अस्पताल में चारों तरफ गंदगी व कूड़े का ढेर लगा रहता है। अस्पताल के पार्कों में फूल पौधों की जगह बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी आई हैं। पार्क व वार्डों के पीछे बड़ी-बड़ी झाड़ियों के कारण सांप-बिच्छू का डर भी मरीजों में बना रहता है।
जिला संयुक्त चिकित्सालय के बर्न यूनिट को कोविड लेवल-2 हास्पिटल के रूप में तैयार किए जाने के बाद भी अस्पताल में सफाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। कागजों में सबकुछ चुस्त दुरुस्त दिखाने वाले अधिकारियों को यहां गंदगी व झाड़ियां दिखाई नहीं देती है।
जिला संयुक्त चिकित्सालय परिसर की सफाई व पार्कों की देख भाल की जिम्मेदारी प्राइम क्लीनिंग संस्था को सौंपी गई है। सफाई व पार्कों की देख भाल के लिए इस संस्था को प्रति माह दो लाख 80 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है। वैसे तो सफाई व पार्कों की देख भाल के लिए यहां 20 से 22 लोगों की तैनाती दिखाई जाती है लेकिन हकीकत में मात्र 6 से 8 लोग ही काम करते हुए दिखाई पड़ते हैं। 2 लाख 80 हजार रुपये खर्च होने के बावजूद अस्पताल परिसर में न तो नियमित रूप से सफाई होती है और न पार्कों की ठीक ढंग से देखभाल की जाती है। पार्कों में फूल पौधे की जगह बड़ी-बड़ी झाड़ियां ही दिखाई देती हैं।
विज्ञापन
सीएमओ/प्रभारी सीएमएस डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि जिला संयुक्त चिकित्सालय परिसर में चारो तरफ गंदगी तथा सफाई के प्रति लापरवाही को देखते हुए प्राइम क्लीनिंग संस्था के प्रबंधक को नोटिस दी गई है। सफाई के प्रति किसी भी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। भविष्य में गंदगी मिलने पर संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जिला संयुक्त चिकित्सालय के बर्न यूनिट को कोविड लेवल-2 हास्पिटल के रूप में तैयार किए जाने के बाद भी अस्पताल में सफाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। कागजों में सबकुछ चुस्त दुरुस्त दिखाने वाले अधिकारियों को यहां गंदगी व झाड़ियां दिखाई नहीं देती है।
विज्ञापन
जिला संयुक्त चिकित्सालय परिसर की सफाई व पार्कों की देख भाल की जिम्मेदारी प्राइम क्लीनिंग संस्था को सौंपी गई है। सफाई व पार्कों की देख भाल के लिए इस संस्था को प्रति माह दो लाख 80 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है। वैसे तो सफाई व पार्कों की देख भाल के लिए यहां 20 से 22 लोगों की तैनाती दिखाई जाती है लेकिन हकीकत में मात्र 6 से 8 लोग ही काम करते हुए दिखाई पड़ते हैं। 2 लाख 80 हजार रुपये खर्च होने के बावजूद अस्पताल परिसर में न तो नियमित रूप से सफाई होती है और न पार्कों की ठीक ढंग से देखभाल की जाती है। पार्कों में फूल पौधे की जगह बड़ी-बड़ी झाड़ियां ही दिखाई देती हैं।
विज्ञापन
सीएमओ/प्रभारी सीएमएस डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि जिला संयुक्त चिकित्सालय परिसर में चारो तरफ गंदगी तथा सफाई के प्रति लापरवाही को देखते हुए प्राइम क्लीनिंग संस्था के प्रबंधक को नोटिस दी गई है। सफाई के प्रति किसी भी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। भविष्य में गंदगी मिलने पर संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।