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Balrampur News: खेल-खेल में सीखेंगे बच्चे, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया प्रशिक्षण
Fri, 22 May 2026 11:05 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 22 May 2026 11:05 PM IST
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बलरामपुर। गैसड़ी ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय बिलोहा बनकसिया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम समापन शुक्रवार को हुआ। प्रशिक्षण में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को खेल-खेल में रोचक एवं प्रभावी बनाने के तरीके बताए गए।
प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं को खेल आधारित शिक्षण, गतिविधि आधारित अधिगम और बाल मनोविज्ञान की जानकारी दी गई। बच्चों को भावगीतों के माध्यम से गिनती सिखाने, शब्द बनाना-तोड़ना तथा चित्रों के जरिए भाषा विकास कराने की विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियों से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ती है और वे बिना दबाव के आसानी से नई चीजें सीख पाते हैं। प्रशिक्षक अंतिमा ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों को प्रारंभिक शिक्षा का मजबूत आधार बनाया जा रहा है। खेल, गीत और कहानियों के माध्यम से बच्चों की भाषा, गणित एवं संवेगात्मक क्षमता का विकास संभव है। प्रशिक्षक शिखा ने बताया कि समूह आधारित गतिविधियों से बच्चों में सहयोग और साझेदारी की भावना विकसित होती है, जिससे उनका सामाजिक विकास भी तेजी से होता है। वहीं प्रशिक्षक प्रदीप ने स्थानीय संसाधनों से शिक्षण सामग्री तैयार कर कम लागत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को टीएलएम तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। इस अवसर पर सुलोचना तिवारी, सुमन पाण्डेय, सरिता भारती, मधु, सीता देवी और लक्ष्मी देवी आदि मौजूद रहे।
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प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं को खेल आधारित शिक्षण, गतिविधि आधारित अधिगम और बाल मनोविज्ञान की जानकारी दी गई। बच्चों को भावगीतों के माध्यम से गिनती सिखाने, शब्द बनाना-तोड़ना तथा चित्रों के जरिए भाषा विकास कराने की विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियों से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ती है और वे बिना दबाव के आसानी से नई चीजें सीख पाते हैं। प्रशिक्षक अंतिमा ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों को प्रारंभिक शिक्षा का मजबूत आधार बनाया जा रहा है। खेल, गीत और कहानियों के माध्यम से बच्चों की भाषा, गणित एवं संवेगात्मक क्षमता का विकास संभव है। प्रशिक्षक शिखा ने बताया कि समूह आधारित गतिविधियों से बच्चों में सहयोग और साझेदारी की भावना विकसित होती है, जिससे उनका सामाजिक विकास भी तेजी से होता है। वहीं प्रशिक्षक प्रदीप ने स्थानीय संसाधनों से शिक्षण सामग्री तैयार कर कम लागत में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को टीएलएम तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। इस अवसर पर सुलोचना तिवारी, सुमन पाण्डेय, सरिता भारती, मधु, सीता देवी और लक्ष्मी देवी आदि मौजूद रहे।
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