{"_id":"65944f15ccf2720a0700e873","slug":"children-of-anganwadi-centers-will-play-with-toys-balrampur-news-c-99-1-slko1018-5818-2024-01-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: खिलौनों से खेलेंगे आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: खिलौनों से खेलेंगे आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चे
Tue, 02 Jan 2024 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 02 Jan 2024 11:29 PM IST
विज्ञापन
बलरामपुर। परिषदीय स्कूलों के परिसर में चल रहे आंगनबाडी केंद्रों में बच्चों के लिए खिलौने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जिले के 76 केंद्रों का चयन किया गया है। खिलौनों के लिए 38 लाख रुपये का बजट भी मिला है।
प्री-प्राइमरी एजूकेशन शुरू किए जाने के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों को संसाधनों से लैस किया जा रहा है। इसके तहत बच्चों को लुभाने के लिए खिलौने खरीदे जाएंगे। शासन ने आउटडोर खेल सामग्री क्रय करने को प्रत्येक केंद्र के लिए 50 हजार रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इसके तहत ऐसे खिलौने खरीदे जाएंगे, जिससे बच्चे खेल के साथ ही शिक्षा भी हासिल कर सकें।
इससे इन केंद्रों पर पंजीकृत करीब तीन हजार नौनिहालों को मनोरंजन के साथ शिक्षा भी मिलेगी। केंद्रों पर बच्चों को इस तरह से तैयार किया जाएगा कि वे प्राइमरी स्कूल की पहली कक्षा में प्रवेश लें तो उन्हें पढ़ना लिखना आ जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं के साथ ही प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी निहारिका विश्वकर्मा ने कहा कि नियमों के तहत सामग्री की खरीद कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्री-प्राइमरी एजूकेशन शुरू किए जाने के बाद आंगनबाड़ी केंद्रों को संसाधनों से लैस किया जा रहा है। इसके तहत बच्चों को लुभाने के लिए खिलौने खरीदे जाएंगे। शासन ने आउटडोर खेल सामग्री क्रय करने को प्रत्येक केंद्र के लिए 50 हजार रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इसके तहत ऐसे खिलौने खरीदे जाएंगे, जिससे बच्चे खेल के साथ ही शिक्षा भी हासिल कर सकें।
विज्ञापन
इससे इन केंद्रों पर पंजीकृत करीब तीन हजार नौनिहालों को मनोरंजन के साथ शिक्षा भी मिलेगी। केंद्रों पर बच्चों को इस तरह से तैयार किया जाएगा कि वे प्राइमरी स्कूल की पहली कक्षा में प्रवेश लें तो उन्हें पढ़ना लिखना आ जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं के साथ ही प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी निहारिका विश्वकर्मा ने कहा कि नियमों के तहत सामग्री की खरीद कराई जाएगी।
विज्ञापन