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Balrampur News: धर्म परिवर्तन कराने के आरोप से बचने के लिए छांगुर का स्वेच्छा दांव फेल
Fri, 18 Apr 2025 09:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 18 Apr 2025 09:23 PM IST
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छांगुर बाबा
बलरामपुर। धर्म परिवर्तन के आरोप से बचने के लिए जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा का एक भी दांव नहीं चल सका। बाबा ने नवीन रोहरा, उनकी पत्नी नीतू रोहरा और बेटी से स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने का शपथपत्र एटीएस को दिलाया था। उसने कई शपथ पत्र बनवाकर रख भी लिए थे, ताकि मुकदमेबाजी या कोई विवाद होने पर अपना बचाव कर सके। हालांकि अब एटीएस की जांच में बाबा का यह दांव फेल हो गया।
एटीएस ने अब छांगुर बाबा और नीतू की तलाश तेज कर दी है। पूरे मामले में आठ आरोपी भूमिगत हो गए हैं। स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने का शपथ पत्र ही अब छांगुर बाबा के गले की हड्डी बन गया है। इस शपथ पत्र से धर्म परिवर्तन कराने की पुष्टि हो रही है। इसके लिए छांगुर के जिम्मेदार होने का भी खुलासा हो रहा है। सबसे महत्वपूर्ण तो यह रहा कि एक तरफ तो नवीन के परिवार ने स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन का शपथ पत्र दिया तो दूसरी तरफ छांगुर के घर में ही रहने लगे। जबकि नवीन मूल रूप से मुंबई के रहने वाले हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि छांगुर ने शपथ पत्र दिलाने का कदम नागपुर के एक व्यक्ति की सलाह पर उठाया था। एटीएस छांगुर की तलाश कर रही है।
स्थानीय स्तर पर बनवाए थे दस्तावेज
धर्म परिवर्तन के बाद नवीन, नीतू और उनकी बेटी के सभी दस्तावेज स्थानीय स्तर से बनवाए गए थे। आधार कार्ड भी बन गया और उसमें पता भी उतरौला के मधपुर का ही दर्ज है। मधपुर गांव ही छांगुर का निवास है। इसके अलावा जमीनों के बैनामे और दाखिल खारिज भी तेजी से हुए। इस दौरान भी स्थानीय अधिकारियों ने जांच करना जरूरी नहीं समझा। एटीएस ने अगस्त 2024 में मामले की छानबीन की तब पूरा मामला पकड़ में आया।
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सीबीआई जांच में खुलेंगे अहम राज
एटीएस की जांच तो देशविरोधी गतिविधियों और धर्म परिवर्तन की एफआईआर पर हो रही है। इसी बीच सीबीआई की पड़ताल से जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। माना जा रहा है कि जमीनों की खरीद-फरोख्त में भी नियमों की अनदेखी हुई है। सीबीआई की जांच में यह बिंदु भी शामिल होने से कई बड़ों के माथे पर चिंता की लकीरें दिख रही हैं। बृहस्पतिवार को सीबीआई ने छांगुर बाबा की संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाई है। इसकी खासी चर्चा है।
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एटीएस ने अब छांगुर बाबा और नीतू की तलाश तेज कर दी है। पूरे मामले में आठ आरोपी भूमिगत हो गए हैं। स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने का शपथ पत्र ही अब छांगुर बाबा के गले की हड्डी बन गया है। इस शपथ पत्र से धर्म परिवर्तन कराने की पुष्टि हो रही है। इसके लिए छांगुर के जिम्मेदार होने का भी खुलासा हो रहा है। सबसे महत्वपूर्ण तो यह रहा कि एक तरफ तो नवीन के परिवार ने स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन का शपथ पत्र दिया तो दूसरी तरफ छांगुर के घर में ही रहने लगे। जबकि नवीन मूल रूप से मुंबई के रहने वाले हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि छांगुर ने शपथ पत्र दिलाने का कदम नागपुर के एक व्यक्ति की सलाह पर उठाया था। एटीएस छांगुर की तलाश कर रही है।
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स्थानीय स्तर पर बनवाए थे दस्तावेज
धर्म परिवर्तन के बाद नवीन, नीतू और उनकी बेटी के सभी दस्तावेज स्थानीय स्तर से बनवाए गए थे। आधार कार्ड भी बन गया और उसमें पता भी उतरौला के मधपुर का ही दर्ज है। मधपुर गांव ही छांगुर का निवास है। इसके अलावा जमीनों के बैनामे और दाखिल खारिज भी तेजी से हुए। इस दौरान भी स्थानीय अधिकारियों ने जांच करना जरूरी नहीं समझा। एटीएस ने अगस्त 2024 में मामले की छानबीन की तब पूरा मामला पकड़ में आया।
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सीबीआई जांच में खुलेंगे अहम राज
एटीएस की जांच तो देशविरोधी गतिविधियों और धर्म परिवर्तन की एफआईआर पर हो रही है। इसी बीच सीबीआई की पड़ताल से जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। माना जा रहा है कि जमीनों की खरीद-फरोख्त में भी नियमों की अनदेखी हुई है। सीबीआई की जांच में यह बिंदु भी शामिल होने से कई बड़ों के माथे पर चिंता की लकीरें दिख रही हैं। बृहस्पतिवार को सीबीआई ने छांगुर बाबा की संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाई है। इसकी खासी चर्चा है।