{"_id":"630a5289061e615d1d3d9135","slug":"case-will-be-registered-against-negligent-executive-organization-balrampur-news-lko6455323200","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाह कार्यदायी संस्था पर दर्ज होगा केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाह कार्यदायी संस्था पर दर्ज होगा केस
विज्ञापन
बलरामपुर। जिलाधिकारी ने शनिवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। अस्पताल में नौ महीने से बंद पड़ी एक्स-रे मशीन देख डीएम भड़क गए। उन्होंने सीएमएस को डिजिटल एक्स-रे मशीन लगाने वाली कार्यदायी संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
डीएम डॉ. महेंद्र कुमार शनिवार सुबह जिला संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंचे। ओपीडी, इमरजेंसी ट्रीटमेंट कक्ष व वार्डों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने भर्ती मरीजों से बातचीत की। मरीज के एक्स-रे एवं सीटी स्कैन जांच की जानकारी ली।
वार्ड में भर्ती एक मरीज को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन दी जा रही थी। उन्होंने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया। डीएम ने सीटी स्कैन कक्ष के निरीक्षण के दौरान रजिस्टर देखा और दिन में कितने मरीजों का सीटी स्कैन किया गया? इसकी जानकारी ली।
विज्ञापन
उन्होंने सीटी स्कैन का कंट्रास्ट बढ़ाने का निर्देश दिया। एक्स-रे कक्ष के निरीक्षण में उन्हें बताया गया कि यहां दो एक्स-रे मशीन लगी हैं, मगर इनमें से केवल एक ही संचालित हो रही है। डिजिटल एक्स-रे कक्ष की नींव धंसने के कारण नौ महीने से डिजिटल एक्स-रे की मशीन बंद है।
डीएम को बताया गया कि फाउंडेशन की मरम्मत कराकर डिजिटल एक्स-रे का संचालन शुरू कराने के लिए कार्यदायी संस्था प्रोग्नोसिस डायग्नोस्टिक सिस्टम के प्रतिनिधियों को कई बार पत्र लिखा गया लेकिन उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सीएमएस डॉ. प्रवीण कुमार को निर्देश दिया कि कार्यदायी संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।
उन्होंने ये भी निर्देश दिया कि अस्पताल आने वाले मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने के साथ ही उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराएं। निरीक्षण के दौरान एसपी राजेश कुमार सक्सेना व सीएमओ डॉ. सुशील कुमार मौजूद रहे।
डीएम डॉ. महेंद्र कुमार ने शनिवार को ग्राम पिपरी कोल्हुई में निर्माणाधीन पेयजल परियोजना का निरीक्षण किया। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण के अभियंता ने डीएम को बताया कि परियोजना की लागत 289.51 लाख रुपये है। शासन द्वारा प्राप्त धनराशि 129.27 लाख रुपये का शत-प्रतिशत व्यय किया जा चुका है।
बोरिंग का कार्य पूरा हो गया है। ओवर हेड टंकी का कार्य भी 85 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। डीएम ने निर्देश दिया कि निर्धारित समयावधि में गुणवत्ता पूर्ण ढंग से कार्य पूर्ण करके ग्रामीणों को पेयजल योजना का लाभ दिया जाए। उन्होंने पेयजल परियोजना के कार्य के चलते खराब हुई सड़कों की मरम्मत कराने का निर्देश भी दिया।
विज्ञापन
डीएम डॉ. महेंद्र कुमार शनिवार सुबह जिला संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंचे। ओपीडी, इमरजेंसी ट्रीटमेंट कक्ष व वार्डों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने भर्ती मरीजों से बातचीत की। मरीज के एक्स-रे एवं सीटी स्कैन जांच की जानकारी ली।
विज्ञापन
वार्ड में भर्ती एक मरीज को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन दी जा रही थी। उन्होंने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया। डीएम ने सीटी स्कैन कक्ष के निरीक्षण के दौरान रजिस्टर देखा और दिन में कितने मरीजों का सीटी स्कैन किया गया? इसकी जानकारी ली।
विज्ञापन
उन्होंने सीटी स्कैन का कंट्रास्ट बढ़ाने का निर्देश दिया। एक्स-रे कक्ष के निरीक्षण में उन्हें बताया गया कि यहां दो एक्स-रे मशीन लगी हैं, मगर इनमें से केवल एक ही संचालित हो रही है। डिजिटल एक्स-रे कक्ष की नींव धंसने के कारण नौ महीने से डिजिटल एक्स-रे की मशीन बंद है।
डीएम को बताया गया कि फाउंडेशन की मरम्मत कराकर डिजिटल एक्स-रे का संचालन शुरू कराने के लिए कार्यदायी संस्था प्रोग्नोसिस डायग्नोस्टिक सिस्टम के प्रतिनिधियों को कई बार पत्र लिखा गया लेकिन उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सीएमएस डॉ. प्रवीण कुमार को निर्देश दिया कि कार्यदायी संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।
उन्होंने ये भी निर्देश दिया कि अस्पताल आने वाले मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने के साथ ही उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराएं। निरीक्षण के दौरान एसपी राजेश कुमार सक्सेना व सीएमओ डॉ. सुशील कुमार मौजूद रहे।
डीएम डॉ. महेंद्र कुमार ने शनिवार को ग्राम पिपरी कोल्हुई में निर्माणाधीन पेयजल परियोजना का निरीक्षण किया। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश जल निगम ग्रामीण के अभियंता ने डीएम को बताया कि परियोजना की लागत 289.51 लाख रुपये है। शासन द्वारा प्राप्त धनराशि 129.27 लाख रुपये का शत-प्रतिशत व्यय किया जा चुका है।
बोरिंग का कार्य पूरा हो गया है। ओवर हेड टंकी का कार्य भी 85 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। डीएम ने निर्देश दिया कि निर्धारित समयावधि में गुणवत्ता पूर्ण ढंग से कार्य पूर्ण करके ग्रामीणों को पेयजल योजना का लाभ दिया जाए। उन्होंने पेयजल परियोजना के कार्य के चलते खराब हुई सड़कों की मरम्मत कराने का निर्देश भी दिया।