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तीन लाख लोगों को मिलेगी राप्ती के बाढ़ से राहत
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बलरामपुर। देश की सबसे बड़ी सरयू नहर परियोजना के लोकार्पण से जिले के 36 से अधिक गांवों मे हर साल कहर ढाने वाली राप्ती की कटान से छुटकारा मिलेगा। साथ ही तीन सौ से अधिक गांवों की तीन लाख से अधिक आबादी को बाढ़ की विभीषिका भी नहीं झेलनी पड़ेगी। राप्ती नदी का पानी सरयू नहर में जमा किया जाएगा जिससे जिले के किसानों को फसलों की सिंचाई करने का मौका मिलेगा। इतना ही नही सिंचाई की सस्ती सुविधा मिलने से किसानों के खेतों में भी फसलें लहलहाने से किसानों के चेहरे पर भी रौनक नजर आएगी।
जिले के तीन तहसील क्षेत्रों के 335 से अधिक गांवों पर हर साल राप्ती की बाढ़ का कहर टूटता है। इससे किसानों को जान माल का भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसके साथ ही सदर व उतरौला तहसीलों के 36 से अधिक गांवों को राप्ती नदी की कटान भी झेलना पड़ती है। राप्ती नदी के कटान को रोकने के लिए जिले में 10 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च की जा चुकी है लेकिन कटान का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। इन गांवों के साथ ही राप्ती के तटवर्ती इलाकों में बसे किसानों के लिए सरयू नहर परियोजना मील का पत्थर साबित होगी। लोकार्पण के दौरान बटन दबाते ही सरयू नहर बैराज में बहराइच से राप्ती का पानी शनिवार को छोड़ दिया गया।
बाढ़ व कटान पर पड़ेगा असर
बरसात के दौरान राप्ती नदी में अधिक पानी हो जाने से यहां के लोगों को कटान व बाढ़ से हर साल जूझना पड़ रहा था। सरयू नहर परियोजना चालू हो जाने से अब बरसात के दौरान राप्ती नदी में बाढ़ जैसे हालात कम होंगे। इससे नदी की कटान पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा। राप्ती नदी के बाढ़ वाले पानी को सरयू नहर में एकत्रित किया जाएगा जिससे किसानों के फसलों की सिंचाई होगी। जेके लाल, एक्सईएन बाढ़ खंड
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जिले के तीन तहसील क्षेत्रों के 335 से अधिक गांवों पर हर साल राप्ती की बाढ़ का कहर टूटता है। इससे किसानों को जान माल का भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसके साथ ही सदर व उतरौला तहसीलों के 36 से अधिक गांवों को राप्ती नदी की कटान भी झेलना पड़ती है। राप्ती नदी के कटान को रोकने के लिए जिले में 10 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च की जा चुकी है लेकिन कटान का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। इन गांवों के साथ ही राप्ती के तटवर्ती इलाकों में बसे किसानों के लिए सरयू नहर परियोजना मील का पत्थर साबित होगी। लोकार्पण के दौरान बटन दबाते ही सरयू नहर बैराज में बहराइच से राप्ती का पानी शनिवार को छोड़ दिया गया।
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बाढ़ व कटान पर पड़ेगा असर
बरसात के दौरान राप्ती नदी में अधिक पानी हो जाने से यहां के लोगों को कटान व बाढ़ से हर साल जूझना पड़ रहा था। सरयू नहर परियोजना चालू हो जाने से अब बरसात के दौरान राप्ती नदी में बाढ़ जैसे हालात कम होंगे। इससे नदी की कटान पर भी प्रभावी अंकुश लगेगा। राप्ती नदी के बाढ़ वाले पानी को सरयू नहर में एकत्रित किया जाएगा जिससे किसानों के फसलों की सिंचाई होगी। जेके लाल, एक्सईएन बाढ़ खंड
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