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पराली जलाने पर 15 हजार रुपये का लगेगा जुर्माना
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बलरामपुर के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक को संबोधित करते एडीएम व अन्य।
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पराली जलाने को रोकने के लिए गठित सेल एवं उड़ाका दस्तों की बैठक की गई। बैठक में एडीएम ने सेल व उड़ाका दस्तों को तत्काल सक्रिय होने का निर्देश दिया।
कहा कि शासन ने पराली जलाने पर 15 हजार रुपये का अधिकतम जुर्माना लगाने का निर्देश दिया है। बैठक का संचालन करते हुए जिला कृषि अधिकारी मनजीत कुमार ने कहा कि दो एकड़ में पराली जलाने पर 2500 रुपये, दो से पांच एकड़ तक पांच हजार रुपये और पांच एकड़ से ज्यादा पर 15 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है। एडीएम ने तीनों तहसीलों के एसडीएम व सभी 9 ब्लॉकों के बीडीओ गांव-गांव मुनादी कराकर पराली जलाने पर होने वाले प्रदूषण एवं हानिकारक प्रभावों के बारे में लोगों को बताकर जागरुक करें।
बीएसए हरिहर प्रसाद व डीआईओएस एमके कन्नौजिया को विद्यालय स्तर पर पराली से होने वाले नुकसान पर गोष्ठी, वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिताएं कराने का निर्देश दिया गया। किसान सम्मेेलन आयोजित कर किसानों को पंचायत, ब्लॉक व जिला स्तर पर बुलाकर उन्हें पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया जाएगा। डीपीआरओ नरेश चंद्र को प्रधानों के माध्यम से पराली न जलाने के बारे में गांव में लोगों को बताने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सरकारी राशन की दुकानों पर पराली न जलाने से संबंधित बैनर व पोस्टर लगवाने का निर्देश दिया गया।
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बैठक में पराली को गोवंश आश्रय स्थलों में चारों के रुप में प्रयोग करने पर चर्चा की गई। एडीएम सभी किसानों से अपील किया कि अपने खेतों में पराली न जलाएं। पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है और भूमि की उर्वरकता भी कम होती है। वायु प्रदूषण फैलने से बीमारियां फैलती है जिसका स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। बैठक में डीसीओ आरएस कुशवाहा, सदर एसडीएम डॉ. नागेंद्र नाथ यादव सहित तीनों तहसीलों के एसडीएम व सभी 9 ब्लॉकों के बीडीओ मौजूद रहे।
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कहा कि शासन ने पराली जलाने पर 15 हजार रुपये का अधिकतम जुर्माना लगाने का निर्देश दिया है। बैठक का संचालन करते हुए जिला कृषि अधिकारी मनजीत कुमार ने कहा कि दो एकड़ में पराली जलाने पर 2500 रुपये, दो से पांच एकड़ तक पांच हजार रुपये और पांच एकड़ से ज्यादा पर 15 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है। एडीएम ने तीनों तहसीलों के एसडीएम व सभी 9 ब्लॉकों के बीडीओ गांव-गांव मुनादी कराकर पराली जलाने पर होने वाले प्रदूषण एवं हानिकारक प्रभावों के बारे में लोगों को बताकर जागरुक करें।
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बीएसए हरिहर प्रसाद व डीआईओएस एमके कन्नौजिया को विद्यालय स्तर पर पराली से होने वाले नुकसान पर गोष्ठी, वाद-विवाद एवं भाषण प्रतियोगिताएं कराने का निर्देश दिया गया। किसान सम्मेेलन आयोजित कर किसानों को पंचायत, ब्लॉक व जिला स्तर पर बुलाकर उन्हें पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया जाएगा। डीपीआरओ नरेश चंद्र को प्रधानों के माध्यम से पराली न जलाने के बारे में गांव में लोगों को बताने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सरकारी राशन की दुकानों पर पराली न जलाने से संबंधित बैनर व पोस्टर लगवाने का निर्देश दिया गया।
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बैठक में पराली को गोवंश आश्रय स्थलों में चारों के रुप में प्रयोग करने पर चर्चा की गई। एडीएम सभी किसानों से अपील किया कि अपने खेतों में पराली न जलाएं। पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है और भूमि की उर्वरकता भी कम होती है। वायु प्रदूषण फैलने से बीमारियां फैलती है जिसका स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। बैठक में डीसीओ आरएस कुशवाहा, सदर एसडीएम डॉ. नागेंद्र नाथ यादव सहित तीनों तहसीलों के एसडीएम व सभी 9 ब्लॉकों के बीडीओ मौजूद रहे।