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आकांक्षी जिले में परवान चढ़ेंगी अधूरी परियोजनाएं
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बलरामपुर। आकांक्षी जिले में आधी-अधूरी पड़ी परियोजनाओं के परवान चढ़ने की उम्मीद जगी है। प्रदेश सरकार ने सोमवार को अपने बजट में अधूूरी परियोजनाओं को पूरा कराने की व्यवस्था की है।
प्रदेश सरकार के निर्णय से लोगों में खुशी की लहर है। परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा होने से जिले के 22 लाख लोगों को सड़क, बिजली व पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
जिले में 7.58 अरब वाली 110 परियोजनाओं के समय से पूरा होने के आसार बढ़ गए हैं। इन सभी परियोजनाओं के लिए अब तक सरकार से 3.80 अरब रुपये मिल चुके हैं। परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए 3.77 अरब रुपये मिलने की दरकार है।
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जिले में 10 करोड़ से अधिक की लागत वाली सात परियोजनाओं के निर्माण कार्य के लिए एक अरब 60 करोड़ 91 लाख रुपये स्वीकृत हुए जिसकी तुलना में शासन ने 78 करोड़ 23 लाख रुपये उपलब्ध करा दिया।
परियोजनाओं के निर्माण कार्य को पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को 82 करोड़ 68 लाख रुपये की दरकार है। 17 फरवरी 2020 को सदर ब्लॉक के घुघुलपुर गांव में राजकीय पालीटेक्निक का निर्माण कराने के लिए 18 करोड़ 40 हजार की तुलना में कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को सिर्फ दो करोड़ रुपये दिए गए।
पचपेड़वा ब्लॉक के इमिलिया कोडर में थारु जनजाति संग्रहालय का निर्माण कराने के लिए जल निगम को 25 मार्च 2019 को 19.74 करोड़ की तुलना में 15.80 करोड़, राजकीय महाविद्यालय गैसड़ी का निर्माण कराने के लिए 16 जुलाई 2014 को कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को 12 करोड़ की तुलना में 12 करोड़, रेहरा बाजार ब्लॉक के देवारीखेरा व हरैैैया सतघरवा ब्लॉक के लैबुड़वा गांव में महिला आईटीआई का निर्माण पर कार्यदायी संस्था यूपीआरएनएस को तीन अगस्त 2019 को 12.60-12.60 करोड़ की तुलना में 1.09-1.09 करोड़।
उतरौला पचपेड़वा चंदनपुर मार्ग का 17.70 किलोमीटर निर्माण कराने के लिए पीडब्ल्यूडी को 38.97 करोड़ की तुलना में 23.17 करोड़ रुपये और हरैया सतघरवा ब्लॉक मुख्यालय शिवपुरा को टू-लेन से जोड़ने के लिए 22 किलोमीटर सड़क निर्माण कराने के लिए 46.96 करोड़ की तुलना में 23.08 करोड़ रुपये दिए गए।
50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली 103 परियोजनाओं का निर्माण कार्य कराने के लिए 12 कार्यदाई संस्थाओं को पांच अरब 96 करोड़ 64 लाख की तुलना में तीन अरब एक करोड़ 94 लाख रुपये दिए गए हैं।
कार्यदाई संस्था सीएंडडीएस को 18 परियोजनाओं पर 71.85 करोड़ की तुलना में 69.45 करोड़, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को छह परियोजनाओं पर 4.19 करोड़ की तुलना में 3.71 करोड़, राजकीय निर्माण निगम बहराइच को नौ परियोजनाओं पर 146.10 करोड़ की तुलना में 78.90 करोड़, जल निगम को 26 परियोजनाओं पर 75.07 करोड़ की तुलना में 27.83 करोड़, यूपी सिडको को 10 परियोजनाओं पर 36.05 करोड़ की तुलना में 23 करोड़।
डीएसटीओ संजीव कुमार ने बताया कि 50 लाख व 10 करोड़ से ऊपर और मुख्यमंत्री घोषणा वाले सभी परियोजनाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति व बजट आवंटन के लिए हर माह कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक कराकर शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
प्रदेश सरकार के बजट में अधूरी परियोजनाओं को पूरा कराने का इंतजाम किए जाने को लेकर जिले के लोगों में खुशी की लहर है। बातचीत के दौरान लोगों ने बताया कि परियोजनाओं का समय से कार्य पूरा होने से जिले के लोगों को लाभ मिल सकेगा।
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प्रदेश सरकार के निर्णय से लोगों में खुशी की लहर है। परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूरा होने से जिले के 22 लाख लोगों को सड़क, बिजली व पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
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जिले में 7.58 अरब वाली 110 परियोजनाओं के समय से पूरा होने के आसार बढ़ गए हैं। इन सभी परियोजनाओं के लिए अब तक सरकार से 3.80 अरब रुपये मिल चुके हैं। परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए 3.77 अरब रुपये मिलने की दरकार है।
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जिले में 10 करोड़ से अधिक की लागत वाली सात परियोजनाओं के निर्माण कार्य के लिए एक अरब 60 करोड़ 91 लाख रुपये स्वीकृत हुए जिसकी तुलना में शासन ने 78 करोड़ 23 लाख रुपये उपलब्ध करा दिया।
परियोजनाओं के निर्माण कार्य को पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को 82 करोड़ 68 लाख रुपये की दरकार है। 17 फरवरी 2020 को सदर ब्लॉक के घुघुलपुर गांव में राजकीय पालीटेक्निक का निर्माण कराने के लिए 18 करोड़ 40 हजार की तुलना में कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को सिर्फ दो करोड़ रुपये दिए गए।
पचपेड़वा ब्लॉक के इमिलिया कोडर में थारु जनजाति संग्रहालय का निर्माण कराने के लिए जल निगम को 25 मार्च 2019 को 19.74 करोड़ की तुलना में 15.80 करोड़, राजकीय महाविद्यालय गैसड़ी का निर्माण कराने के लिए 16 जुलाई 2014 को कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को 12 करोड़ की तुलना में 12 करोड़, रेहरा बाजार ब्लॉक के देवारीखेरा व हरैैैया सतघरवा ब्लॉक के लैबुड़वा गांव में महिला आईटीआई का निर्माण पर कार्यदायी संस्था यूपीआरएनएस को तीन अगस्त 2019 को 12.60-12.60 करोड़ की तुलना में 1.09-1.09 करोड़।
उतरौला पचपेड़वा चंदनपुर मार्ग का 17.70 किलोमीटर निर्माण कराने के लिए पीडब्ल्यूडी को 38.97 करोड़ की तुलना में 23.17 करोड़ रुपये और हरैया सतघरवा ब्लॉक मुख्यालय शिवपुरा को टू-लेन से जोड़ने के लिए 22 किलोमीटर सड़क निर्माण कराने के लिए 46.96 करोड़ की तुलना में 23.08 करोड़ रुपये दिए गए।
50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली 103 परियोजनाओं का निर्माण कार्य कराने के लिए 12 कार्यदाई संस्थाओं को पांच अरब 96 करोड़ 64 लाख की तुलना में तीन अरब एक करोड़ 94 लाख रुपये दिए गए हैं।
कार्यदाई संस्था सीएंडडीएस को 18 परियोजनाओं पर 71.85 करोड़ की तुलना में 69.45 करोड़, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को छह परियोजनाओं पर 4.19 करोड़ की तुलना में 3.71 करोड़, राजकीय निर्माण निगम बहराइच को नौ परियोजनाओं पर 146.10 करोड़ की तुलना में 78.90 करोड़, जल निगम को 26 परियोजनाओं पर 75.07 करोड़ की तुलना में 27.83 करोड़, यूपी सिडको को 10 परियोजनाओं पर 36.05 करोड़ की तुलना में 23 करोड़।
डीएसटीओ संजीव कुमार ने बताया कि 50 लाख व 10 करोड़ से ऊपर और मुख्यमंत्री घोषणा वाले सभी परियोजनाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति व बजट आवंटन के लिए हर माह कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक कराकर शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
प्रदेश सरकार के बजट में अधूरी परियोजनाओं को पूरा कराने का इंतजाम किए जाने को लेकर जिले के लोगों में खुशी की लहर है। बातचीत के दौरान लोगों ने बताया कि परियोजनाओं का समय से कार्य पूरा होने से जिले के लोगों को लाभ मिल सकेगा।