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Balrampur News: रिश्वतखोरी में बाल विकास विभाग के दोनों बाबू निलंबित
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बाल विकास परियोजना के निलंबित बाबू। संवाद
बलरामपुर। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चयन में रिश्वत लेने के आरोपी बाल विकास विभाग के दोनों बाबू को निलंबित कर दिया गया।30 जनवरी को दोनों के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। बाल विकास एवं पुष्टाहार निदेशालय ने जिला कार्यक्रम अधिकारी की संस्तुति पर निलंबन के आदेश जारी किए हैं।
घटना तुलसीपुर क्षेत्र के ग्राम लालबोझी की है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती प्रक्रिया-2025 के दौरान आवेदक रूबी सिंह के पति महेंद्र प्रताप सिंह ने 1.40 लाख रुपये रिश्वत लिए जाने का आरोप लगाया था। इसकी शिकायत जिलाधिकारी से भी की थी। शिकायत पर गठित जांच टीम की रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों और एक बिचौलिये के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार किया था।
निलंबित किए गए कर्मचारियों में परियोजना लिपिक जमुना प्रसाद और आंगनबाड़ी नियुक्ति पटल पर तैनात लिपिक रामसूचित वर्मा शामिल हैं। दोनों की भूमिका रिश्वत लेकर चयन प्रभावित करने में पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी इफ्तखार अहमद ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों कर्मचारियों के निलंबन की संस्तुति निदेशालय को भेजी गई थी, जिस पर अब आदेश जारी कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में पूर्व में हुई आंगनबाड़ी चयन प्रक्रियाओं की भी समीक्षा कराई जा रही है, ताकि यदि कहीं अनियमितता सामने आए तो कार्रवाई की जा सके।
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घटना तुलसीपुर क्षेत्र के ग्राम लालबोझी की है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती प्रक्रिया-2025 के दौरान आवेदक रूबी सिंह के पति महेंद्र प्रताप सिंह ने 1.40 लाख रुपये रिश्वत लिए जाने का आरोप लगाया था। इसकी शिकायत जिलाधिकारी से भी की थी। शिकायत पर गठित जांच टीम की रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों और एक बिचौलिये के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार किया था।
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निलंबित किए गए कर्मचारियों में परियोजना लिपिक जमुना प्रसाद और आंगनबाड़ी नियुक्ति पटल पर तैनात लिपिक रामसूचित वर्मा शामिल हैं। दोनों की भूमिका रिश्वत लेकर चयन प्रभावित करने में पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी इफ्तखार अहमद ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों कर्मचारियों के निलंबन की संस्तुति निदेशालय को भेजी गई थी, जिस पर अब आदेश जारी कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में पूर्व में हुई आंगनबाड़ी चयन प्रक्रियाओं की भी समीक्षा कराई जा रही है, ताकि यदि कहीं अनियमितता सामने आए तो कार्रवाई की जा सके।
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