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Balrampur News: घटेंगे बोर्ड परीक्षा केंद्र, कसेगा नकल पर शिकंजा
Fri, 15 Sep 2023 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 15 Sep 2023 12:06 AM IST
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बलरामपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा 2024 में अब केंद्रों की संख्या घटेगी। इससे परीक्षा के दौरान कड़ी निगरानी हो सकेगी। इसके लिए राजकीय और एडेड विद्यालयों में परीक्षार्थियों की अधिकतम संख्या 1200 से बढ़ाकर 1500 कर दी गई है। 20 सितंबर तक फीडिंग का कार्य पूरा करके 25 तक कार्रवाई पूरी करनी है। 28 नवंबर तक केंद्रों का निर्धारण हो जाएगा।
जिले में 2023 की परीक्षा में 62 केंद्र बने थे। इस बार 50 के करीब केंद्र ही बनने की उम्मीद जताई जा रही है। नई व्यवस्था से परीक्षा के दौरान निगरानी में आसानी होगी, सचल दलों की पहुंच स्कूलों तक पहुंच हाे सकेगी। परीक्षा के लिए बनाए जाने वाले केंद्रों की दूरी को लेकर हर साल विवाद होता है। ऐसे में यूपी बोर्ड ने परीक्षा केंद्र निर्धारण के लिए स्कूलों के बीच परस्पर दूरी मापने के लिए नया मोबाइल एप तैयार कराया है। इसको स्कूल के प्रधानाचार्यों या जिला समिति के सदस्यों को अपने एंड्रॉयड फोन वर्जन 10 या उससे बेहतर मोबाइल में बोर्ड की वेबसाइट से डाउनलोड करना होगा।
भौतिक सत्यापन के बाद समिति को डीआईओएस के माध्यम से परिषद की वेबसाइट पर अपडेट करना होगा। बोर्ड के अपर सचिव की तरफ से अपने परिक्षेत्र में आने वाले जिले में रैंडम कम से कम 15 विद्यालयों की आधारभूत सूचनाओं का सत्यापन करेंगे। इसमें सीसीटीवी कैमरा, वायस रिकाॅर्डर, राउटर, डीवीआर, मॉनीटर, हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन आदि की क्रियाशीलता को जानना होगा।
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40 फीसदी स्थायी दिव्यांगता वाले छात्रों की स्वकेंद्र परीक्षा
परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति में 40 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता वाले छात्र-छात्राओं को यदि उनका विद्यालय परीक्षा केंद्र बनाया गया है तो दिव्यांग परीक्षार्थियों को सीएमओ से जारी प्रमाण पत्र की जांच करने के बाद डीआईओएस द्वारा स्वकेंद्र की सुविधा दी जाएगी। अगर ऐसे परीक्षार्थियों के विद्यालय को केंद्र नहीं बनाया गया है तो सात किलोमीटर के अंदर बने केंद्र पर परीक्षार्थियों को समायोजित किया जाएगा।
नाइटविजन कैमरे से होगी प्रश्नपत्रों की निगरानी
परीक्षा केंद्रों में प्रश्नपत्रों को रखने के लिए बनाए गए स्ट्रांग रूम की निगरानी की नई व्यवस्था रहेगी। रात में भी अच्छी तरह से निगरानी करने के लिए स्ट्रांगरूम एवं प्रश्नपत्रों की डबल लॉक अलमारी की निगरानी नाइटविजन वाले सीसीटीवी कैमरे से होगी। इसके लिए केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं।
तैयार की जा रही रिपोर्ट
परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया तय नियमों के तहत पूरी की जा रही है। स्कूलों का निरीक्षण करके वास्तविक स्थितियों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। - गोविंद राम, जिला विद्यालय निरीक्षक
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जिले में 2023 की परीक्षा में 62 केंद्र बने थे। इस बार 50 के करीब केंद्र ही बनने की उम्मीद जताई जा रही है। नई व्यवस्था से परीक्षा के दौरान निगरानी में आसानी होगी, सचल दलों की पहुंच स्कूलों तक पहुंच हाे सकेगी। परीक्षा के लिए बनाए जाने वाले केंद्रों की दूरी को लेकर हर साल विवाद होता है। ऐसे में यूपी बोर्ड ने परीक्षा केंद्र निर्धारण के लिए स्कूलों के बीच परस्पर दूरी मापने के लिए नया मोबाइल एप तैयार कराया है। इसको स्कूल के प्रधानाचार्यों या जिला समिति के सदस्यों को अपने एंड्रॉयड फोन वर्जन 10 या उससे बेहतर मोबाइल में बोर्ड की वेबसाइट से डाउनलोड करना होगा।
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भौतिक सत्यापन के बाद समिति को डीआईओएस के माध्यम से परिषद की वेबसाइट पर अपडेट करना होगा। बोर्ड के अपर सचिव की तरफ से अपने परिक्षेत्र में आने वाले जिले में रैंडम कम से कम 15 विद्यालयों की आधारभूत सूचनाओं का सत्यापन करेंगे। इसमें सीसीटीवी कैमरा, वायस रिकाॅर्डर, राउटर, डीवीआर, मॉनीटर, हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन आदि की क्रियाशीलता को जानना होगा।
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40 फीसदी स्थायी दिव्यांगता वाले छात्रों की स्वकेंद्र परीक्षा
परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति में 40 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता वाले छात्र-छात्राओं को यदि उनका विद्यालय परीक्षा केंद्र बनाया गया है तो दिव्यांग परीक्षार्थियों को सीएमओ से जारी प्रमाण पत्र की जांच करने के बाद डीआईओएस द्वारा स्वकेंद्र की सुविधा दी जाएगी। अगर ऐसे परीक्षार्थियों के विद्यालय को केंद्र नहीं बनाया गया है तो सात किलोमीटर के अंदर बने केंद्र पर परीक्षार्थियों को समायोजित किया जाएगा।
नाइटविजन कैमरे से होगी प्रश्नपत्रों की निगरानी
परीक्षा केंद्रों में प्रश्नपत्रों को रखने के लिए बनाए गए स्ट्रांग रूम की निगरानी की नई व्यवस्था रहेगी। रात में भी अच्छी तरह से निगरानी करने के लिए स्ट्रांगरूम एवं प्रश्नपत्रों की डबल लॉक अलमारी की निगरानी नाइटविजन वाले सीसीटीवी कैमरे से होगी। इसके लिए केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं।
तैयार की जा रही रिपोर्ट
परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया तय नियमों के तहत पूरी की जा रही है। स्कूलों का निरीक्षण करके वास्तविक स्थितियों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। - गोविंद राम, जिला विद्यालय निरीक्षक