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बलरामपुर : खेतों में गिरी गेहूं, सरसों, व गन्ने की फसल, किसान परेशान
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बलरामपुर। ओलावृष्टि व बारिश ने अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी है। मौसम की खराबी ने फसलों को भारी चपत लगाया है। खेतों में खड़ी 40 प्रतिशत गेहूं, मसूर, अरहर, मटर व अन्य दलहनी फसलों को नुकसान हुआ है। खलिहान में रखी सरसो व अन्य तिलहनी फसलें भी बर्बादी का शिकार हुई हैं। खेतों में खड़ी गन्ने की फसलों को भी तेज हवाओं के झोंके से नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि व तेज हवाओं के झोंकों से आम की फसलें भी तबाह हुई हैं। अगले दो दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई जा रही है। सभी फसलों के भारी नुकसान से अन्नदाताओं को भुखमरी की चिंता सताने लगी है।
अन्नदाताओं के लिए शुक्रवार का दिन भारी तबाही का रहा है। भोर पहर में ही भारी बारिश व तेज हवाओं के झोकें से अचानक मौसम में बदलाव आ गया। बीते दो दिनों से तेज धूप होने के चलते लोगों को गर्मी का एहसास होने लगा था लेकिन अचानक मौसम बदलने से ठंड बढ़ गई। जिले के सभी क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ दो चरणों में तेज चमक के साथ ओलावृष्टि हुई है। ओलावृष्टि होने से 40 प्रतिशत से अधिक खेतों में खड़ी फसलों का नुकसान हुआ है। मटर, सरसों व मसूर की फसलों को शति-प्रतिशत नुकसान हुआ है। गेहूं को 30 से 40 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। खलिहान में रखी सरसों की फसलें बारिश का पानी भर जाने से खराब हो गई हैं।
खराब मौसम का असर आम की फसलों पर भी हुआ है। तेज हवा व ओलावृष्टि में आम के बौर गिर गिए हैं। आम के बागवानी करने वाले किसानों ने भी भारी नुकसान होने की बात बताई है। सदर ब्लॉक सहित तुलसीपुर, गैसड़ी, पचपेड़वा, हरैया सतघरवा, ललिया, मथुरा बाजार, गौरा चौराहा, श्रीदत्तगंज, उतरौला, पेहर बाजार, रेहरा बाजार, सादुल्लाहनगर व गेड़ास बुजुर्ग आदि क्षेत्रों के संवाददाताओं ने किसानों से बातचीत कर ओले, बारिश व तेज हवाओं के चलते फसलों के भारी नुकसान होने की रिपोर्ट भेजी है। जिले भर में गरज चमक के साथ भारी बारिश व जमकर ओले गिरे हैं।
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तेज हवा के चलने से कई स्थानों पर पेड़ों के गिरने की भी सूचना दी गई है। हालांकि पेड़ गिरने से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फसलों का भारी नुकसान होने से अन्नदाताओं को अब भुखमरी की चिंता सताने लगी है। अन्नदाताओं ने शासन-प्रशासन से फसलों के नुकसान का आकलन कराकर सरकारी मदद मुहैया कराने की मांग की है।
किसानों ने जताई भारी नुकसान की संभावना
सदर ब्लॉक के किसान विजय करन, जंगली, ईश्वर सरन व जगदंबा प्रसाद ने बताया कि भारी बारिश व तेज हवाओं के झोंके से खेतों में लगी गेहूं, जौ, सरसो, मसूर, मटर सहित सभी दलहनी व तिलहनी फसलों को नुकसान हुआ। बाकी कसर दोपहर में ओलावृष्टि ने पूरा कर दिया है।
अचानक ओलावृष्टि से लोगों में हडक़ंप
शुक्रवार की दोपहर में अचानक ओलावृष्टि होने से सड़क पर जा रहे लोगों में हड़कंप मच गया है। ओलावृष्टि होते ही लोग अपने आपको बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। स्कूलों की छुट्टी होने के बाद पैदल व साइकिलों से अपने घर जा रहे छात्र-छात्राओं को इधर-उधर छिपकर अपने आपको बचाना पड़ा। मवेशियों को ओलावृष्टि से बचने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा।
30 प्रतिशत तक फसलों के नुकसान का अनुमान
कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा के सस्य वैज्ञानिक डॉ. सियाराम कन्नौजिया, उप कृषि निदेशक डॉ. प्रभाकर सिंह व जिला कृषि अधिकारी मनजीत कुमार ने बताया कि मौसम खराबी के कारण फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। बीते कई दिनों से बारिश होने से किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को हुई भारी बारिश, तेज हवाओं के झोंके व ओलावृष्टि के कारण गेहूं के पैदावार में 30 प्रतिशत तक नुकसान होने का अनुमान है। अन्य फसलों का भी भारी नुकसान हुआ है।
दो दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना
कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा के मौमस वैज्ञानिक डॉ. अंकित तिवारी ने बताया कि पिछले सप्ताह से रुक-रुक कर वर्षा हो रही है। होली पर भी हल्की वर्षा होने के साथ पूरे सप्ताह बारिश का कहर जारी रहा है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अभी अगले दो दिनों तक गरज चमक के साथ वर्षा होने और मध्यम गति से पुरवा हवा चलने का भी अनुमान है। बारिश के साथ ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में सभी फसलों का नुकसान हुआ है। बारिश के साथ तेज हवाओं के चलने से गेहूं व अन्य फसलें जमीन में गिर गई हैं जिससे पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
सभी लेखपालों को दिया क्षति के आकलन का निर्देश
शुक्रवार को अचानक भारी बारिश, तेज हवाओं के झोंको और ओलावृष्टि से होने वाले फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए जिले के सभी लेखपालों को निर्देश दिया है। लेखपालों को फसलों के नुकसान की रिपोर्ट आपदा प्रबंधन कार्यालय को सात दिन में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। लेखपालों की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। -अरुण कुमार शुक्ल, एडीएम वित्त एवं राजस्व/मुख्य कार्यपालक अधिकारी आपदा प्रबंधन
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अन्नदाताओं के लिए शुक्रवार का दिन भारी तबाही का रहा है। भोर पहर में ही भारी बारिश व तेज हवाओं के झोकें से अचानक मौसम में बदलाव आ गया। बीते दो दिनों से तेज धूप होने के चलते लोगों को गर्मी का एहसास होने लगा था लेकिन अचानक मौसम बदलने से ठंड बढ़ गई। जिले के सभी क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ दो चरणों में तेज चमक के साथ ओलावृष्टि हुई है। ओलावृष्टि होने से 40 प्रतिशत से अधिक खेतों में खड़ी फसलों का नुकसान हुआ है। मटर, सरसों व मसूर की फसलों को शति-प्रतिशत नुकसान हुआ है। गेहूं को 30 से 40 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। खलिहान में रखी सरसों की फसलें बारिश का पानी भर जाने से खराब हो गई हैं।
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खराब मौसम का असर आम की फसलों पर भी हुआ है। तेज हवा व ओलावृष्टि में आम के बौर गिर गिए हैं। आम के बागवानी करने वाले किसानों ने भी भारी नुकसान होने की बात बताई है। सदर ब्लॉक सहित तुलसीपुर, गैसड़ी, पचपेड़वा, हरैया सतघरवा, ललिया, मथुरा बाजार, गौरा चौराहा, श्रीदत्तगंज, उतरौला, पेहर बाजार, रेहरा बाजार, सादुल्लाहनगर व गेड़ास बुजुर्ग आदि क्षेत्रों के संवाददाताओं ने किसानों से बातचीत कर ओले, बारिश व तेज हवाओं के चलते फसलों के भारी नुकसान होने की रिपोर्ट भेजी है। जिले भर में गरज चमक के साथ भारी बारिश व जमकर ओले गिरे हैं।
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तेज हवा के चलने से कई स्थानों पर पेड़ों के गिरने की भी सूचना दी गई है। हालांकि पेड़ गिरने से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फसलों का भारी नुकसान होने से अन्नदाताओं को अब भुखमरी की चिंता सताने लगी है। अन्नदाताओं ने शासन-प्रशासन से फसलों के नुकसान का आकलन कराकर सरकारी मदद मुहैया कराने की मांग की है।
किसानों ने जताई भारी नुकसान की संभावना
सदर ब्लॉक के किसान विजय करन, जंगली, ईश्वर सरन व जगदंबा प्रसाद ने बताया कि भारी बारिश व तेज हवाओं के झोंके से खेतों में लगी गेहूं, जौ, सरसो, मसूर, मटर सहित सभी दलहनी व तिलहनी फसलों को नुकसान हुआ। बाकी कसर दोपहर में ओलावृष्टि ने पूरा कर दिया है।
अचानक ओलावृष्टि से लोगों में हडक़ंप
शुक्रवार की दोपहर में अचानक ओलावृष्टि होने से सड़क पर जा रहे लोगों में हड़कंप मच गया है। ओलावृष्टि होते ही लोग अपने आपको बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। स्कूलों की छुट्टी होने के बाद पैदल व साइकिलों से अपने घर जा रहे छात्र-छात्राओं को इधर-उधर छिपकर अपने आपको बचाना पड़ा। मवेशियों को ओलावृष्टि से बचने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा।
30 प्रतिशत तक फसलों के नुकसान का अनुमान
कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा के सस्य वैज्ञानिक डॉ. सियाराम कन्नौजिया, उप कृषि निदेशक डॉ. प्रभाकर सिंह व जिला कृषि अधिकारी मनजीत कुमार ने बताया कि मौसम खराबी के कारण फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। बीते कई दिनों से बारिश होने से किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को हुई भारी बारिश, तेज हवाओं के झोंके व ओलावृष्टि के कारण गेहूं के पैदावार में 30 प्रतिशत तक नुकसान होने का अनुमान है। अन्य फसलों का भी भारी नुकसान हुआ है।
दो दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना
कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा के मौमस वैज्ञानिक डॉ. अंकित तिवारी ने बताया कि पिछले सप्ताह से रुक-रुक कर वर्षा हो रही है। होली पर भी हल्की वर्षा होने के साथ पूरे सप्ताह बारिश का कहर जारी रहा है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अभी अगले दो दिनों तक गरज चमक के साथ वर्षा होने और मध्यम गति से पुरवा हवा चलने का भी अनुमान है। बारिश के साथ ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में सभी फसलों का नुकसान हुआ है। बारिश के साथ तेज हवाओं के चलने से गेहूं व अन्य फसलें जमीन में गिर गई हैं जिससे पैदावार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
सभी लेखपालों को दिया क्षति के आकलन का निर्देश
शुक्रवार को अचानक भारी बारिश, तेज हवाओं के झोंको और ओलावृष्टि से होने वाले फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए जिले के सभी लेखपालों को निर्देश दिया है। लेखपालों को फसलों के नुकसान की रिपोर्ट आपदा प्रबंधन कार्यालय को सात दिन में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। लेखपालों की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। -अरुण कुमार शुक्ल, एडीएम वित्त एवं राजस्व/मुख्य कार्यपालक अधिकारी आपदा प्रबंधन