फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Balrampur News ›   balrampur,fraud,gonda

Balrampur News: पति प्रधान, पत्नी की फर्म पर 5.10 लाख रुपये का भुगतान

Thu, 12 Jan 2023 11:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Jan 2023 11:36 PM IST
विज्ञापन
balrampur,fraud,gonda
महराजगंज तराई (बलरामपुर)। मनरेगा में नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। तुलसीपुर की ग्राम पंचायत लालनगर में ग्राम प्रधान की पत्नी के फर्म को 5.10 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। इसकी शिकायत के बाद अब जांच शुरू हो गई है। सहायक विकास अधिकारी पंचायत ने इस मामले में ग्राम पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन

लालनगर सिपहिया निवासी पवन कुमार ने अधिकारियों को शिकायत भेजी थी। कहा था कि ग्राम प्रधान ने ग्राम पंचायत में कराए विकास कार्य, ग्राम निधि और मनरेगा पर व्यय धनराशि का भुगतान अपने व्यक्तिगत फर्म केजीएन ट्रेडर्स लालनगर सिपहिया, बलरामपुर जनरल ऑर्डर सप्लायर्स के नाम से किया है। कहा गया कि शासनादेश के विपरीत धनराशि निर्गत की गई है। शिकायत के साथ बिल वाउचर दाखिल किया गया।
विज्ञापन

सहायक विकास अधिकारी पंचायत केके श्रीवास्तव ने कहा है कि बिल बाउचर से साफ है कि जिस फर्म को भुगतान किया गया है, उसकी प्रोपराइटर प्रधान की पत्नी किस्मतुन्निशा हैं। ग्राम पंचायत सचिव को स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। ग्राम पंचायत सचिव अनिल कुमार द्वितीय से जब बात की गई तो उन्होंने सीधे तौर पर कुछ भी बताने से मना कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

बीडीओ राजीव मोहन त्रिपाठी का कहना है कि मामले की जानकारी कर रहे हैं। ग्राम प्रधान का कहना है कि यह बात सही है कि उनकी फर्म है। पत्नी प्रोपराइटर हैं। सारे काम सही हुए हैं। काम की जांच करा ली जाय। कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।
इन कार्यों पर हुआ भुगतान
शिकायत के साथ लगाए बिल वाउचर के मुताबिक, केजीएन ट्रेडर्स को सामग्री व मजदूरी भुगतान के नाम पर 27 अगस्त 2022 को तीन बार अलग-अलग भुगतान किया गया। इससे पहले 17 अगस्त को अलग-अलग तीन बार भुगतान किया गया। ऐसे में अलग-अलग तिथियों में फर्म को 5 लाख 10 हजार रुपये भुगतान करने की बात कही जा रही है।

क्या है नियम
26 अप्रैल 2022 के शासनादेश के मुताबिक मैटेरियल, ईधन, स्टेशनरी व अन्य सामग्री अथवा सेवाओं की आपूर्ति के लिए पंचायती राज विभाग से जुड़े पदाधिकारी, कर्मी, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, पंचायत सहायक, पंचायतीराज विभाग के कर्मी तथा विभाग में संविदा पर कार्यरत कर्मी के पारिवारिक सदस्यों व रिश्तेदारों द्वारा स्थापित फर्म व कंपनी से वेंडर के रूप में काम नहीं लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed