{"_id":"626194078f3aac324439e009","slug":"balrampur-balrampur-news-lko627197790","type":"story","status":"publish","title_hn":"वकीलों की हड़ताल से 50 लाख का राजस्व नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वकीलों की हड़ताल से 50 लाख का राजस्व नुकसान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। उतरौला तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में अधिवक्ता गत 16 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे हैं। इसके चलते बैनामा कार्य ठप होने से करीब 50 लाख रुपये का राजस्व नुकसान हुआ है। न्यायालय का कार्य न होने से दूरदराज से आने वाले वादकारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। धारा-38 में संशोधन व फाइलों में आदेश न होने से वादकारी मायूस हैं।
बार संघ अध्यक्ष प्रहलाद यादव ने बताया कि तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर गत 16 अप्रैल से वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है। वकीलों का कहना है कि उतरौला तहसीलदार व उनके दोनों पेशकार पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। ये लोग न्यायिक प्रक्रिया का खुलेआम मजाक उड़ा रहे हैं। वादकारियों से हर कार्य के लिए मनमाने ढंग से धन उगाही की जा रही है। ये लोग वादकारियों के साथ अच्छा व्यवहार भी नहीं करते हैं। तहसील के अधिकांश कर्मचारी 10 वर्ष से अधिक समय से यहीं पर जमे हैं। स्थानांतरण न होने के कारण इनकी कार्यशैली दिनोंदिन भ्रष्ट होती जा रही है। वादकारियों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि 10 वर्षों से एक ही स्थान पर कार्य कर रहे तहसील कर्मियों का स्थानांतरण न किया गया तो हड़ताल जारी रहेगी। इन कर्मचारियों के स्थानांतरण तक सभी वकील न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
वहीं, वकीलों की हड़ताल के कारण करीब 50 लाख रुपये का राजस्व नुकसान हुआ है। न्यायालय आने वाले वादकारी काम न होने से मायूस लौट रहे हैं। बुधवार को तहसील पहुंचे जुगुनतारा, हफीज व जमुनालाल आदि ने बताया कि एसडीएम न्यायालय में धारा 38 में संशोधन व फाइलों में आदेश नहीं हो रहा है। न्यायालय कार्य न होने से वादकारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस अवसर पर बार संघ महामंत्री अखिलेश सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राम प्रताप चौधरी, बबलू सिंह, अमित श्रीवास्तव, आलोक गुप्ता, निजाम अंसारी, लालजी तिवारी, इजहारुल हसन, महेंद्र प्रताप, मोहम्मद असगर सहित तमाम वकील मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बार संघ अध्यक्ष प्रहलाद यादव ने बताया कि तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर गत 16 अप्रैल से वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है। वकीलों का कहना है कि उतरौला तहसीलदार व उनके दोनों पेशकार पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। ये लोग न्यायिक प्रक्रिया का खुलेआम मजाक उड़ा रहे हैं। वादकारियों से हर कार्य के लिए मनमाने ढंग से धन उगाही की जा रही है। ये लोग वादकारियों के साथ अच्छा व्यवहार भी नहीं करते हैं। तहसील के अधिकांश कर्मचारी 10 वर्ष से अधिक समय से यहीं पर जमे हैं। स्थानांतरण न होने के कारण इनकी कार्यशैली दिनोंदिन भ्रष्ट होती जा रही है। वादकारियों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। वकीलों ने चेतावनी दी है कि 10 वर्षों से एक ही स्थान पर कार्य कर रहे तहसील कर्मियों का स्थानांतरण न किया गया तो हड़ताल जारी रहेगी। इन कर्मचारियों के स्थानांतरण तक सभी वकील न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
विज्ञापन
वहीं, वकीलों की हड़ताल के कारण करीब 50 लाख रुपये का राजस्व नुकसान हुआ है। न्यायालय आने वाले वादकारी काम न होने से मायूस लौट रहे हैं। बुधवार को तहसील पहुंचे जुगुनतारा, हफीज व जमुनालाल आदि ने बताया कि एसडीएम न्यायालय में धारा 38 में संशोधन व फाइलों में आदेश नहीं हो रहा है। न्यायालय कार्य न होने से वादकारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस अवसर पर बार संघ महामंत्री अखिलेश सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राम प्रताप चौधरी, बबलू सिंह, अमित श्रीवास्तव, आलोक गुप्ता, निजाम अंसारी, लालजी तिवारी, इजहारुल हसन, महेंद्र प्रताप, मोहम्मद असगर सहित तमाम वकील मौजूद रहे।
विज्ञापन