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साहब नहीं पता कहां बंटता है भूसा
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फोटो-11-बलरामपुर के पशु अस्पताल से ट्रैक्टर-ट्राली पर पशुओं को बांटने के लिए ले जाया जा रहा भूसा।-स?
- फोटो : BALRAMPUR
बलरामपुर। बाढ़ का पानी खिसकने के बाद से मवेशियों का पेट भरना बाढ़ पीड़ितों के लिए बड़ी मुसीबत बना हुआ है। जिला प्रशासन अब तक बाढ़ पीड़ितों को 1250 क्विंटल से अधिक भूसा बांटने का दावा कर रहा है। मगर कई दिनों तक राप्ती नदी से घिरे गांव के लोगों को भूसा बांटे जाने की कोई जानकारी नहीं है। बाढ़ पीड़ित गाय-भैंस का पेट भरने के लिए भटक रहे हैं।
बलरामपुर देहात के मजरे जोरावरपुर निवासी रामजी, छोटकऊ, सियाराम, मन्नीपुर टिकुईया निवासी संतोष व राजू ने बताया कि कई दिनों तक गांव पानी से घिरा हुआ था। मवेशियों के लिए रखा भूसा खराब हो गया है। खेतों में लगे हरे चारे पर रेत पट गई है। जानवर भूख से तड़प रहे हैं। बिजलीपुर निवासी राम किशुन ने बताया कि लोगों के खाने के लिए किट व राशन तो मिल गया लेकिन पशुओं का पेट भरना मुश्किल हो रहा है। तुलसीपुर क्षेत्र के बरगदही बेला निवासी धनीराम वर्मा, राम अछैयबर व स्वामीनाथ ने बताया कि जानवरों के लिए चारे की काई व्यवस्था नहीं है। साहब नहीं पता कहां बंटता है भूसा।
रामरूप, मोती, सामता व राजेंद्र यादव ने बताया कि कई बार ग्राम प्रधान व लेखपाल से इसकी मांग की गई लेकिन किसी ने भूसा बंटने की जानकारी नहीं दी। ग्रामीण राकेश ने बताया कि भूसा पाने के लिए सुबह कंट्रोल रूम में फोन किया था। वहां से कर्मचारी ने तहसीलदार का नंबर दिया। तहसीलदार अवधेश कुमार ने फोन पर बताया कि अब तक हमें भूसा नहीं मिला है। आप मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी के नंबर पर बात करिए, लेकिन उनके नंबर पर बात नहीं हो पाई।
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रोज बांटा जा रहा भूसा
डिप्टी सीवीओ समदर्शी सरोज ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को पांच किलो प्रति पशु के हिसाब से भूसा वितरित किया जा रहा है। सीवीओ डॉ. आरबी सिंह तुलसीपुर में भूसा वितरित करा रहे हैं। मैंने गौरा रोड पर भूसा बंटवाया था और आज 22 क्विंटल भूसा लेकर बांटने के लिए श्रावस्ती रोड की तरफ जा रहा हूं।
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बलरामपुर देहात के मजरे जोरावरपुर निवासी रामजी, छोटकऊ, सियाराम, मन्नीपुर टिकुईया निवासी संतोष व राजू ने बताया कि कई दिनों तक गांव पानी से घिरा हुआ था। मवेशियों के लिए रखा भूसा खराब हो गया है। खेतों में लगे हरे चारे पर रेत पट गई है। जानवर भूख से तड़प रहे हैं। बिजलीपुर निवासी राम किशुन ने बताया कि लोगों के खाने के लिए किट व राशन तो मिल गया लेकिन पशुओं का पेट भरना मुश्किल हो रहा है। तुलसीपुर क्षेत्र के बरगदही बेला निवासी धनीराम वर्मा, राम अछैयबर व स्वामीनाथ ने बताया कि जानवरों के लिए चारे की काई व्यवस्था नहीं है। साहब नहीं पता कहां बंटता है भूसा।
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रामरूप, मोती, सामता व राजेंद्र यादव ने बताया कि कई बार ग्राम प्रधान व लेखपाल से इसकी मांग की गई लेकिन किसी ने भूसा बंटने की जानकारी नहीं दी। ग्रामीण राकेश ने बताया कि भूसा पाने के लिए सुबह कंट्रोल रूम में फोन किया था। वहां से कर्मचारी ने तहसीलदार का नंबर दिया। तहसीलदार अवधेश कुमार ने फोन पर बताया कि अब तक हमें भूसा नहीं मिला है। आप मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी के नंबर पर बात करिए, लेकिन उनके नंबर पर बात नहीं हो पाई।
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रोज बांटा जा रहा भूसा
डिप्टी सीवीओ समदर्शी सरोज ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को पांच किलो प्रति पशु के हिसाब से भूसा वितरित किया जा रहा है। सीवीओ डॉ. आरबी सिंह तुलसीपुर में भूसा वितरित करा रहे हैं। मैंने गौरा रोड पर भूसा बंटवाया था और आज 22 क्विंटल भूसा लेकर बांटने के लिए श्रावस्ती रोड की तरफ जा रहा हूं।