{"_id":"655e3ef7bdd0262fc8025297","slug":"anganwadi-workers-will-learn-the-tricks-of-intellectual-development-of-children-balrampur-news-c-99-1-slko1019-4654-2023-11-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: बच्चों के बौद्धिक विकास के गुर सीखेंगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: बच्चों के बौद्धिक विकास के गुर सीखेंगी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
Wed, 22 Nov 2023 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 22 Nov 2023 11:18 PM IST
विज्ञापन
बलरामपुर। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के शारीरिक व बौद्धिक विकास के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं काे प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए जिले के सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों से दो-दो संकुल शिक्षक व बाल विकास एवं पुष्टाहार से सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद संदर्भदाता अपने-अपने क्षेत्र के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे।
डायट में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ उपशिक्षा निदेशक/डायट प्राचार्य हिफजुर्रहमान ने किया। प्रशिक्षण में संदर्भदाताओं को आंगनबाड़ी केंद्र पर नामांकित 3 से 6 आयु वर्ग के बच्चों के लिए 52 सप्ताह की गतिविधियों के बारे में बताया गया। केंद्र पर विभाग की तरफ से उपलब्ध कराई गई सीखने-सिखाने की सामग्री के बेहतर प्रयोग एवं सामग्री से बच्चों के शारीरिक, बौद्धिक, मौखिक, भाषा, सामाजिक, भावनात्मक एवं रचनात्मक विकास की गतिविधियों को कैसे बेहतर किया जाए, इसकी जानकारी दी गई।
इसके साथ ही उन्हें गतिविधि कैलेंडर, पहल पुस्तिका, कैलेंडर निर्देशिका, कलंकुर , वांडर बॉक्स, चहक, परिकलन एवं गतिविधि पुस्तिका और एनबीटी की पुस्तक को कैसे प्रभावी एवं बेहतर प्रयोग किया जाए, इसके बारे में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यशाला में जिला स्तरीय संदर्भदाता डायट प्रवक्ता रेखा देवी, एसआरजी प्रतिमा सिंह तथा संकुल शिक्षक अनिल कुमार एवं विनोद पांडेय ने प्रतिभागियों को जानकारी दी।
विज्ञापन
इस अवसर पर डायट प्राचार्य ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में शासन की तरफ से की जा रही पहल के महत्व पर चर्चा की। कहा कि यदि प्री प्राइमरी शिक्षा के बेहतर प्रयोग के लिए बच्चों के स्तर के अनुसार गतिविधियां होंगी तो बच्चे आगामी कक्षाओं के लिए अपनी बेहतर समझ बना सकेंगे। उनके तार्किक सोच का विस्तार हो सकेगा और एक बेहतर भविष्य की संकल्पना की जा सकती है।
विज्ञापन
डायट में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ उपशिक्षा निदेशक/डायट प्राचार्य हिफजुर्रहमान ने किया। प्रशिक्षण में संदर्भदाताओं को आंगनबाड़ी केंद्र पर नामांकित 3 से 6 आयु वर्ग के बच्चों के लिए 52 सप्ताह की गतिविधियों के बारे में बताया गया। केंद्र पर विभाग की तरफ से उपलब्ध कराई गई सीखने-सिखाने की सामग्री के बेहतर प्रयोग एवं सामग्री से बच्चों के शारीरिक, बौद्धिक, मौखिक, भाषा, सामाजिक, भावनात्मक एवं रचनात्मक विकास की गतिविधियों को कैसे बेहतर किया जाए, इसकी जानकारी दी गई।
विज्ञापन
इसके साथ ही उन्हें गतिविधि कैलेंडर, पहल पुस्तिका, कैलेंडर निर्देशिका, कलंकुर , वांडर बॉक्स, चहक, परिकलन एवं गतिविधि पुस्तिका और एनबीटी की पुस्तक को कैसे प्रभावी एवं बेहतर प्रयोग किया जाए, इसके बारे में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यशाला में जिला स्तरीय संदर्भदाता डायट प्रवक्ता रेखा देवी, एसआरजी प्रतिमा सिंह तथा संकुल शिक्षक अनिल कुमार एवं विनोद पांडेय ने प्रतिभागियों को जानकारी दी।
विज्ञापन
इस अवसर पर डायट प्राचार्य ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में शासन की तरफ से की जा रही पहल के महत्व पर चर्चा की। कहा कि यदि प्री प्राइमरी शिक्षा के बेहतर प्रयोग के लिए बच्चों के स्तर के अनुसार गतिविधियां होंगी तो बच्चे आगामी कक्षाओं के लिए अपनी बेहतर समझ बना सकेंगे। उनके तार्किक सोच का विस्तार हो सकेगा और एक बेहतर भविष्य की संकल्पना की जा सकती है।