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गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक भोजन करने की सलाह
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बलरामपुर। गर्भवती महिलाओं को सेहतमंद रहने के लिए पौष्टिक भोजन करने की जरुरत है। भोजन के साथ-साथ फल, दूध व सब्जियों का सेवन करने से माताएं स्वस्थ रहेंगी और गर्भ में पहले वाला बच्चा भी कुपोषण से पूरी तरह मुक्त रहेगा।
यह बातें प्रशिक्षु आईएएस नेहा बंधु ने मंगलवार को सदर तहसील सभागार के दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि जब मां स्वस्थ रहेगी तभी गर्भ में पलने वाला उसका बच्चा भी पूरी तरह से हष्ट-पुष्ट रहेगा।
डीपीओ केएम पांडेय ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि बच्चों व गर्भवती महिलाओं को सेहतमंद बनाने के लिए पोषण अभियान के तहत संभव अभियान की शुरुआत की गई है।
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संभव अभियान की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला कराई गई है जिसमें आईसीडीएस के सभी सीडीपीओ व मुख्य सेविकाओं को प्रशिक्षित किया गया है।
मुख्य प्रशिक्षक डीआरपी यूनीसेफ डॉ. प्रफुल्ल ने कहा कि गर्भवती माताओं को पूरे दिन में रोटी-चावल के अलावा चार अन्य खाद्य समूह लेने के लिए उन्हें जागरूक करना अनिवार्य है तभी कुपोषण का खात्मा किया जा सकता है।
नियमित रूप से अनाज, कंदमूल, दाल, फलिया, दूध, दूध से बने पदार्थ, फल, सब्जी अंडा व मांस मछली खाने वालों की सेहत दुरुस्त रहती है। सीडीपीओ सत्येंद्र सिंह, राकेश शर्मा, संदीप, संजीव कुमार, राजेंद्र कुमार, प्रियंका दूबे व गरिमा श्रीवास्तव आदि ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
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यह बातें प्रशिक्षु आईएएस नेहा बंधु ने मंगलवार को सदर तहसील सभागार के दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि जब मां स्वस्थ रहेगी तभी गर्भ में पलने वाला उसका बच्चा भी पूरी तरह से हष्ट-पुष्ट रहेगा।
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डीपीओ केएम पांडेय ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि बच्चों व गर्भवती महिलाओं को सेहतमंद बनाने के लिए पोषण अभियान के तहत संभव अभियान की शुरुआत की गई है।
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संभव अभियान की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला कराई गई है जिसमें आईसीडीएस के सभी सीडीपीओ व मुख्य सेविकाओं को प्रशिक्षित किया गया है।
मुख्य प्रशिक्षक डीआरपी यूनीसेफ डॉ. प्रफुल्ल ने कहा कि गर्भवती माताओं को पूरे दिन में रोटी-चावल के अलावा चार अन्य खाद्य समूह लेने के लिए उन्हें जागरूक करना अनिवार्य है तभी कुपोषण का खात्मा किया जा सकता है।
नियमित रूप से अनाज, कंदमूल, दाल, फलिया, दूध, दूध से बने पदार्थ, फल, सब्जी अंडा व मांस मछली खाने वालों की सेहत दुरुस्त रहती है। सीडीपीओ सत्येंद्र सिंह, राकेश शर्मा, संदीप, संजीव कुमार, राजेंद्र कुमार, प्रियंका दूबे व गरिमा श्रीवास्तव आदि ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए।