{"_id":"60ddf62c8ebc3ec23565e9ab","slug":"action-will-be-taken-if-there-is-negligence-in-rejuvenation-of-schools-balrampur-news-lko585034442","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों के कायाकल्प में लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूलों के कायाकल्प में लापरवाही मिलने पर होगी कार्रवाई
विज्ञापन
बलरामपुर। स्कूलों के कायाकल्प अभियान से जुड़े कार्यों में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। आपरेशन कायाकल्प के तहत जिले के सभी स्कूलों को चाक-चौबंद कराने का जिम्मा सभी ब्लॉक के बीडीओ, बीईओ, एडीओ पंचायतों व ग्राम पंचायत सचिवों को सौंपा गया है।
सभी आपस में समन्वय स्थापित करके स्कूलों को बेहतर बनाने का कार्य करेंगे। इस दौरान आउट आफ स्कूल बच्चों का विवरण शारदा एप पर भी अपलोड कराया जाएगा। यह जानकारी सीडीओ रिया केजरीवाल ने दी।
उन्होंने बताया कि जिले के 1837 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों में मूलभूत अवस्थापना संबंधी 14 सुविधाओं को पूरा कराने के साथ फील्ड में आने वाली समस्याएं सुनकर उनका निराकरण कराने का निर्देश भी दिया गया है। एक जुलाई से खुलने वाले स्कूलों के साथ ही जिला व ब्लॉक स्तरीय टॉस्क फोर्स इनका निरीक्षण कर सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का कार्य करेगी।
विज्ञापन
बीएसए डॉ. रामचंद्र ने बताया कि आपरेशन कायाकल्प के साथ स्पोर्टिव सुपरविजन व शैक्षिक कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। एसआरपी, एसआरजी व डायट मेंटर हर माह स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं। शिक्षा के लिए डिजिटल पहल की गई है। दीक्षा एप के माध्यम से शिक्षकों की तरफ से कोर्स पूरा कराया जा रहा है।
शैक्षणिक सामग्री का उपयोग बढ़ाने के लिए आउटरीच कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। प्रत्येक स्कूल में आन लाइन कक्षाओं के संचालन के साथ सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों में एम-स्थापना मोबाइल एप से ऑनलाइन अवकाश स्वीकृत किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
सभी आपस में समन्वय स्थापित करके स्कूलों को बेहतर बनाने का कार्य करेंगे। इस दौरान आउट आफ स्कूल बच्चों का विवरण शारदा एप पर भी अपलोड कराया जाएगा। यह जानकारी सीडीओ रिया केजरीवाल ने दी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि जिले के 1837 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों में मूलभूत अवस्थापना संबंधी 14 सुविधाओं को पूरा कराने के साथ फील्ड में आने वाली समस्याएं सुनकर उनका निराकरण कराने का निर्देश भी दिया गया है। एक जुलाई से खुलने वाले स्कूलों के साथ ही जिला व ब्लॉक स्तरीय टॉस्क फोर्स इनका निरीक्षण कर सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का कार्य करेगी।
विज्ञापन
बीएसए डॉ. रामचंद्र ने बताया कि आपरेशन कायाकल्प के साथ स्पोर्टिव सुपरविजन व शैक्षिक कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। एसआरपी, एसआरजी व डायट मेंटर हर माह स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं। शिक्षा के लिए डिजिटल पहल की गई है। दीक्षा एप के माध्यम से शिक्षकों की तरफ से कोर्स पूरा कराया जा रहा है।
शैक्षणिक सामग्री का उपयोग बढ़ाने के लिए आउटरीच कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। प्रत्येक स्कूल में आन लाइन कक्षाओं के संचालन के साथ सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों में एम-स्थापना मोबाइल एप से ऑनलाइन अवकाश स्वीकृत किए जा रहे हैं।