{"_id":"5d2f541a8ebc3e6cbc33974e","slug":"action-on-officers-balrampur-news-lko471271731","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही पर 32 अफसरों का कटा वेतन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही पर 32 अफसरों का कटा वेतन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाह 32 अफसरों का 11 जुलाई का एक दिन वेतन काटा गया है। सात दिन में संतोषजनक जवाब न देने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायतों का समय से निस्तारण न होने पर डीएम कृष्णा करुणेश ने कड़ी नाराजगी जताई है। जनसुनवाई पोर्टल पर भविष्य में जन शिकायतें लंबित होने पर अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा। जनसुनवाई पोर्टल पर 32 अफसरों के 145 जन शिकायतों का निस्तारण नहीं कराया गया है।
समीक्षा के दौरान बीडीओ सदर, गैसड़ी, पचपेड़वा, रेहरा बाजार के दो-दो व तुलसीपुर के 12, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राज्य सड़क परिवहन निगम के पांच, सीडीपीओ हैरया सतघरवा के एक, डीपीआरओ के नौ, एडीओ पंचायत सदर के छह, गैसड़ी के दो, हरैया सतघरवा के छह, पचपेड़वा के आठ, रेहरा बाजार के नौ मामले।
विज्ञापन
तुलसीपुर के पांच, थाना देहात व तुलसीपुर के एक-एक, थाना पचपेड़वा व ललिया के दो-दो, जिला कृषि रक्षा अधिकारी व सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता के एक-एक, तहसीलदार सदर के तीन, सदर तहसीलदार न्यायिक के पांच, नायब तहसीलदार सदर के छह मामले।
तहसीलदार तुलसीपुर के एक, तहसीलदार उतरौला के 14, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी के एक, परियोजना अधिकारी वैकल्पिक ऊर्जा विकास संस्थान नेडा के 13, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के 10, जिला पूर्ति अधिकारी, पीएचसी व सीएचसी गैड़ास बुजुर्ग व गैसड़ी के प्रभारी चिकित्साधिकारी के तीन-तीन तथा पीएचसी व सीएचसी हरैया सतघरवा के प्रभारी चिकित्साधिकारी के चार मामले आईजीआरएस पोर्टल पर पेंडिंग पाए गए हैं।
इन सभी अधिकारियों का 11 जुलाई का एक दिन का वेतन काटा गया है। डीएम ने एसपी देवरंजन वर्मा, सीडीओ अमनदीप डुली, एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल, नोडल अधिकारी आईजीआरएस तथा वरिष्ठ कोषाधिकारी को की गई कार्रवाई का अनुपालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी है।
विज्ञापन
आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायतों का समय से निस्तारण न होने पर डीएम कृष्णा करुणेश ने कड़ी नाराजगी जताई है। जनसुनवाई पोर्टल पर भविष्य में जन शिकायतें लंबित होने पर अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा। जनसुनवाई पोर्टल पर 32 अफसरों के 145 जन शिकायतों का निस्तारण नहीं कराया गया है।
विज्ञापन
समीक्षा के दौरान बीडीओ सदर, गैसड़ी, पचपेड़वा, रेहरा बाजार के दो-दो व तुलसीपुर के 12, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राज्य सड़क परिवहन निगम के पांच, सीडीपीओ हैरया सतघरवा के एक, डीपीआरओ के नौ, एडीओ पंचायत सदर के छह, गैसड़ी के दो, हरैया सतघरवा के छह, पचपेड़वा के आठ, रेहरा बाजार के नौ मामले।
विज्ञापन
तुलसीपुर के पांच, थाना देहात व तुलसीपुर के एक-एक, थाना पचपेड़वा व ललिया के दो-दो, जिला कृषि रक्षा अधिकारी व सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता के एक-एक, तहसीलदार सदर के तीन, सदर तहसीलदार न्यायिक के पांच, नायब तहसीलदार सदर के छह मामले।
तहसीलदार तुलसीपुर के एक, तहसीलदार उतरौला के 14, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी के एक, परियोजना अधिकारी वैकल्पिक ऊर्जा विकास संस्थान नेडा के 13, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के 10, जिला पूर्ति अधिकारी, पीएचसी व सीएचसी गैड़ास बुजुर्ग व गैसड़ी के प्रभारी चिकित्साधिकारी के तीन-तीन तथा पीएचसी व सीएचसी हरैया सतघरवा के प्रभारी चिकित्साधिकारी के चार मामले आईजीआरएस पोर्टल पर पेंडिंग पाए गए हैं।
इन सभी अधिकारियों का 11 जुलाई का एक दिन का वेतन काटा गया है। डीएम ने एसपी देवरंजन वर्मा, सीडीओ अमनदीप डुली, एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल, नोडल अधिकारी आईजीआरएस तथा वरिष्ठ कोषाधिकारी को की गई कार्रवाई का अनुपालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी है।