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बंद हुआ गन्ना क्रय केंद्र, किसानों पर मनमानी का आरोप
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बंद हुआ गन्ना क्रय केंद्र, किसानों पर मनमानी का आरोप
बलरामपुर। शुगर कंपनी तुलसीपुर मिल प्रबंधन ने किसानों पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। मिल प्रबंधन ने एक गन्ना क्रय केंद्र बंद कर दिया है। मिल का कोई भी लिपिक गन्ना तौलने के लिए तैयार नहीं है।
शुगर कंपनी की तरफ से उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है। तौल केंद्र से जुड़े किसानों को खेतों में भारी मात्रा में खड़ा गन्ना बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
तुलसीपुर शुगर कंपनी बेनीनगर गन्ना क्रय केंद्र मिल बंद होने से पहले ही बंद कर दिया गया है। मुख्य प्रबंधक गन्ना आरपी शाही ने बीते दिन बताया कि बेनीनगर गन्ना क्रय केंद्र पहले बजाज चीनी मिल इटईमैदा को अलाट किया गया था।
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भुगतान को लेकर किसानों के आंदोलन के बाद यह केंद्र तुलसीपुर शुगर कंपनी से संबद्ध कर दिया गया। बताया कि इस क्रय केंद्र के किसान अस्वीकृत प्रजाति का गन्ना बेचने का अनावश्यक दबाव बनाते हैं।
मिल का कोई भी तौल लिपिक इस केंद्र पर जाने के लिए तैयार नहीं है। ऐसी स्थिति में इस क्रय केंद्र को बंद करना पड़ा है। किसान अस्वीकृत प्रजाति के गन्ने की बोवाई कदापि न करें।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए शासन ने भी बीओ-110 तथा 5191 प्रजाति स्वीकृति नहीं की है, इसलिए इस प्रजाति के गन्ने की बोवाई या तो न करें या फिर कम से कम करें। तौल केंद्र बंद होने से किसानों को खेतों में भारी मात्रा में खड़ा गन्ना बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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बलरामपुर। शुगर कंपनी तुलसीपुर मिल प्रबंधन ने किसानों पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। मिल प्रबंधन ने एक गन्ना क्रय केंद्र बंद कर दिया है। मिल का कोई भी लिपिक गन्ना तौलने के लिए तैयार नहीं है।
शुगर कंपनी की तरफ से उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है। तौल केंद्र से जुड़े किसानों को खेतों में भारी मात्रा में खड़ा गन्ना बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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तुलसीपुर शुगर कंपनी बेनीनगर गन्ना क्रय केंद्र मिल बंद होने से पहले ही बंद कर दिया गया है। मुख्य प्रबंधक गन्ना आरपी शाही ने बीते दिन बताया कि बेनीनगर गन्ना क्रय केंद्र पहले बजाज चीनी मिल इटईमैदा को अलाट किया गया था।
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भुगतान को लेकर किसानों के आंदोलन के बाद यह केंद्र तुलसीपुर शुगर कंपनी से संबद्ध कर दिया गया। बताया कि इस क्रय केंद्र के किसान अस्वीकृत प्रजाति का गन्ना बेचने का अनावश्यक दबाव बनाते हैं।
मिल का कोई भी तौल लिपिक इस केंद्र पर जाने के लिए तैयार नहीं है। ऐसी स्थिति में इस क्रय केंद्र को बंद करना पड़ा है। किसान अस्वीकृत प्रजाति के गन्ने की बोवाई कदापि न करें।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए शासन ने भी बीओ-110 तथा 5191 प्रजाति स्वीकृति नहीं की है, इसलिए इस प्रजाति के गन्ने की बोवाई या तो न करें या फिर कम से कम करें। तौल केंद्र बंद होने से किसानों को खेतों में भारी मात्रा में खड़ा गन्ना बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।