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प्रदर्शन के दौरान बेहोश हुआ शिक्षामित्र अस्पताल में भर्ती
Updated Sat, 29 Jul 2017 09:46 PM IST
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चक्का जाम और प्रदर्शन के दौरान शिक्षामित्र बेहोश
-डीएम के फोन के बावजूद आधे घंटे तक नहीं पहुंची एंबुलेंस
-सीओ सिटी ने खुद की गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल
-लगातार चौथे दिन भी शिक्षामित्रों का कई जगहों पर चक्का जाम कर किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
बलरामपुर। समायोजन रद्द होने के बाद शुरु हुआ शिक्षामित्रों का हंगामा लगातार चौथे दिन शनिवार को भी जारी रहा। नार्मल स्कूल से निकलकर सैकड़ों शिक्षामित्रों ने जगह-जगह चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर तेज धूप के चलते एक शिक्षामित्र बेहोश हो गया। डीएम के फोन करने पर भी पीड़ित शिक्षामित्र को लेने आधे घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। हालत गंभीर देख सीओ सिटी ने पुलिस की गाड़ी से बेहोश शिक्षामित्र को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद शिक्षामित्रों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया।
शनिवार को नार्मल स्कूल में निकला शिक्षामित्रों का विरोध जुलूस वीर विनय चौराहे पर पहुंचकर चक्का जाम में बदल गया। काफी देर तक नारेबाजी के बाद शिक्षामित्र कलेक्ट्रेट की तरफ चल दिए। आदर्श समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष देव कुमार मिश्र के नेतृत्व में शिक्षामित्रों ने सदर तहसील के सामने नेशनल हाइवे पर बैठकर नारेबाजी शुरु कर दिया। प्रशासन के मान मनौव्वल के बाद शिक्षामित्रों का जुलूस कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुआ। कलेक्ट्रेट पहुंचते ही प्रदर्शन में शामिल शिक्षामित्र किशोरी लाल यादव तेज धूप व गर्मी के चलते बेहोश होकर गिर गया। साथियों से उसे डीएम कार्यालय के सामने बेंच पर लिटा दिया। मौके पर मौजूद डीएम राकेश कुमार मिश्र भी बाहर निकले और बेहोश शिक्षामित्र को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए एंबुलेंस को फोन किया। करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस के न पहुंचने पर डीएम ने मौके पर खड़े सीओ सिटी को निर्देश दिया कि पीड़ित को अस्पताल पहुंचाएं। सीओ नीतेश कुमार सिंह ने पुलिस की गाड़ी से बेहोश शिक्षामित्र को जिला मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद शिक्षामित्र का स्वास्थ्य बेहतर हो गया। कलेक्ट्रेट में मौजूद शिक्षामित्रों ने अपने समर्थन में नारेबाजी करते हुए आरटीई एक्ट में संशोधन कर बर्खास्त हुए शिक्षामित्रों को शिक्षक पद पर नियुक्त करने की मांग की। शिक्षामित्रों ने संशोधन प्रक्रिया पूर्ण होने तक सभी शिक्षामित्रों को शिक्षकों की भांति समान कार्य समान वेतन दिए जाने की मांग की। शिक्षामित्रों ने अपनी मांगों से संबंधित प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। शिक्षामित्रों के हंगामें के दौरान भारी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रही।
बाक्स
बेटे के नौकरी जाने के सदमे से शिक्षामित्र के मां की मौत
बलरामपुर। करीब चार दिन पूर्व शिक्षामित्र बेटे की नौकरी जाने के बाद आश्रित मां सदमें के चलते बीमार हो गई। इसी सदमें में शनिवार को शिक्षामित्र के मां की मौत हो गई। फजरडीह गांव में तैनात शिक्षामित्र अमरजीत यादव ने बताया कि चार दिन पूर्व शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द होने के बाद उनकी (55) वर्षीय मां शीला सदमे के कारण बीमार हो गई। परिवार की रोजी-रोटी छिन जाने की चिंता में शीला की हालत इलाज के बावजूद भी लगातार बिगड़ती गई। इसी सदमे में शनिवार को शीला की मौत हो गई।
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-डीएम के फोन के बावजूद आधे घंटे तक नहीं पहुंची एंबुलेंस
-सीओ सिटी ने खुद की गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल
-लगातार चौथे दिन भी शिक्षामित्रों का कई जगहों पर चक्का जाम कर किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
बलरामपुर। समायोजन रद्द होने के बाद शुरु हुआ शिक्षामित्रों का हंगामा लगातार चौथे दिन शनिवार को भी जारी रहा। नार्मल स्कूल से निकलकर सैकड़ों शिक्षामित्रों ने जगह-जगह चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर तेज धूप के चलते एक शिक्षामित्र बेहोश हो गया। डीएम के फोन करने पर भी पीड़ित शिक्षामित्र को लेने आधे घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। हालत गंभीर देख सीओ सिटी ने पुलिस की गाड़ी से बेहोश शिक्षामित्र को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के बाद शिक्षामित्रों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया।
शनिवार को नार्मल स्कूल में निकला शिक्षामित्रों का विरोध जुलूस वीर विनय चौराहे पर पहुंचकर चक्का जाम में बदल गया। काफी देर तक नारेबाजी के बाद शिक्षामित्र कलेक्ट्रेट की तरफ चल दिए। आदर्श समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष देव कुमार मिश्र के नेतृत्व में शिक्षामित्रों ने सदर तहसील के सामने नेशनल हाइवे पर बैठकर नारेबाजी शुरु कर दिया। प्रशासन के मान मनौव्वल के बाद शिक्षामित्रों का जुलूस कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुआ। कलेक्ट्रेट पहुंचते ही प्रदर्शन में शामिल शिक्षामित्र किशोरी लाल यादव तेज धूप व गर्मी के चलते बेहोश होकर गिर गया। साथियों से उसे डीएम कार्यालय के सामने बेंच पर लिटा दिया। मौके पर मौजूद डीएम राकेश कुमार मिश्र भी बाहर निकले और बेहोश शिक्षामित्र को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए एंबुलेंस को फोन किया। करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस के न पहुंचने पर डीएम ने मौके पर खड़े सीओ सिटी को निर्देश दिया कि पीड़ित को अस्पताल पहुंचाएं। सीओ नीतेश कुमार सिंह ने पुलिस की गाड़ी से बेहोश शिक्षामित्र को जिला मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद शिक्षामित्र का स्वास्थ्य बेहतर हो गया। कलेक्ट्रेट में मौजूद शिक्षामित्रों ने अपने समर्थन में नारेबाजी करते हुए आरटीई एक्ट में संशोधन कर बर्खास्त हुए शिक्षामित्रों को शिक्षक पद पर नियुक्त करने की मांग की। शिक्षामित्रों ने संशोधन प्रक्रिया पूर्ण होने तक सभी शिक्षामित्रों को शिक्षकों की भांति समान कार्य समान वेतन दिए जाने की मांग की। शिक्षामित्रों ने अपनी मांगों से संबंधित प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। शिक्षामित्रों के हंगामें के दौरान भारी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रही।
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बेटे के नौकरी जाने के सदमे से शिक्षामित्र के मां की मौत
बलरामपुर। करीब चार दिन पूर्व शिक्षामित्र बेटे की नौकरी जाने के बाद आश्रित मां सदमें के चलते बीमार हो गई। इसी सदमें में शनिवार को शिक्षामित्र के मां की मौत हो गई। फजरडीह गांव में तैनात शिक्षामित्र अमरजीत यादव ने बताया कि चार दिन पूर्व शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द होने के बाद उनकी (55) वर्षीय मां शीला सदमे के कारण बीमार हो गई। परिवार की रोजी-रोटी छिन जाने की चिंता में शीला की हालत इलाज के बावजूद भी लगातार बिगड़ती गई। इसी सदमे में शनिवार को शीला की मौत हो गई।
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