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अपराजिता कार्यक्रम भाग-1

Fri, 04 Jan 2019 10:46 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jan 2019 10:46 PM IST
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अपराजिता कार्यक्रम भाग-1
हरैया सतघरवा (बलरामपुर)। अमर उजाला का स्माइल अपराजिता कार्यक्रम कन्या इंटर कॉलेज हरैया सतघरवा में शुक्रवार को किया गया। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने बेटियों को स्वच्छता के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने पर भी बल दिया। कार्यक्रम में मौजूद बेटियों ने सरकार की तरफ से चलाई जा रही महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में भी जाना।
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डायल 100, 1090, 1098 व एंटी रोमियो जैसी योजनाएं के बारे में बेटियों को जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बेटियों ने भी अपने सुनहरे भविष्य के बारे में विचार साझा किए। अमर उजाला का अपराजिता कार्यक्रम का सभी मुक्त कंठ से सराहना की और ऐसे कार्यक्रम आयोजित कराने पर बल दिया।
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अपनी सुरक्षा में हमेशा रहें सतर्क
बेटियों को भी अपनी सुरक्षा में सतर्क रहने की जरुरत है। स्कूलों व कॉलेजों में बेटियों के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले शोहदों के खिलाफ एंटी रोमियो की टीमें कार्रवाई कर रही है। महिला हेल्पलाइन 1090 से अराजक तत्वों पर शिकंजा कसा जा रहा है। बच्चों को मानव तस्करी से बचाने के लिए चाईल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के माध्यम से बस व रेलवे स्टेशन तथा घरों व होटलों में दबिश देकर आरोपियों को दबोचा जा रहा है।
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संजय नाथ तिवारी, प्रभारी निरीक्षक हरैया थाना


बेटियों को बनना होगा आत्मनिर्भर
बेटियों को शिक्षित होकर आर्थिक रुप से स्वयं को आत्मनिर्भर बनाना होगा। शिक्षकों को बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा का निखार करना होगा। बेटियां फाइटर प्लेन उड़ाकर बेटियों ने अपने अदम्य साहस का परिचय दिया है। बेटियों को अपने अंदर स्वयं आत्म विश्वास पैदा करना होगा। कानूनी पहल भी बेटियों को सुरक्षा देने का प्रयास कर रहे हैं। अमर उजाला का प्रयास बेटियों को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगा। सुरक्षा के साथ-साथ बेटियों को स्वच्छता पर भी ध्यान देना होगा।
सुमन यादव, प्रधानाचार्य कन्या इंटर कॉलेज हरैया



बेटियां हर क्षेत्र में फैला रहीं उजाला
अमर उजाला की तरफ से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम बेटियों के उत्थान में मील का पत्थर साबित होगा। बेटियां भी हर क्षेत्र में अपनी सफलता बुलंद कर मां-बाप का गौरव बढ़ा रही हैं। सभी क्षेत्रों में अपनी सहभागिता निभाकर बेटियां नए-नए मुकाम हासिल कर रही हैं। बेटियों के शानदार उपलब्धियों से देश की तरक्की हो रही है। अमर उजाला के इस कार्यक्रम की तहे दिल से सराहना करता हूं। कार्यक्रमों का लगातार आयोजन होने से बेटियों में जागरुकता आएगी और आगे बढ़ेंगी।
मधुर विनायक श्रीवास्तव, शिक्षक



अपराजिता बनें बेटियां
- अपराजिता का मतलब है किसी भी स्थिति में बेटियां पराजित न हों। बेटियां अपनी शक्तियों को पहचाने और खुद को कमजोर न समझें। इतिहास गवाह है कि जब भी नारी शक्ति को समझा है तब सत्ता को झुकने पर विवश किया है। बाल विवाह जैसी कुप्रथा वाली सत्ता को भी खत्म करने में बेटियों को आगे आना होगा। स्वच्छता अपनाकर बेटियां स्वस्थ रहने के लिए खुद के साथ-साथ लोगों को जागरूक करें। अमर उजाला का अपराजिता कार्यक्रम सराहनीय कदम है।
रचना पांडेय, शिक्षिका



बेटियों के लिए बनाया गए कड़े कानून
- ऑपरेशन मुस्कान से एनआईसी के सॉफ्टवेयर पर गुमशुदा बच्चों का फोटो अपलोड करके अभिभावक की तलाश की जा रही है। बच्चों को तलाश करके उनके मां-बाप तक पहुंचाया जा रहा है। एसिड अटैक व यौन हिंसा के मामलों में सरकार पावर एंजेल, निर्भया फंड के माध्यम से पीड़िताओं की मदद कर रही है।
सरिता मौर्या, महिला कांस्टेबल



स्वच्छता से आएगी जीवन में रोशनी
-अमर उजाला का अपराजिता कार्यक्रम बेटियों को कानूनी जानकारी के साथ-साथ स्वच्छता के बारे में भी जागरुक कर रहा है। ऐसे कार्यक्रम से बेटियों के अंदर स्वयं बनने के साथ-साथ समाज को सुधारने का भी हुनर पैदा होगा। स्वच्छता से ही बेटियों के जीवन में रोशनी आएगी। अपने घरों के आसपास लोगों को स्वच्छ रहने के बारे में जानकारी देें।
अवधेश मिश्र, पूर्व प्रधानाचार्य


अमर उजाला कार्यक्रम है सराहनीय
- अमर उजाला का अपराजिता कार्यक्रम बेटियों के जीवन को रोशन करने में सहयोग कर रहा है। ऐसे कार्यक्रम में बेटियों को कानून के बारे में जानकारी होती है। कानून की जानकारी प्राप्त करके बेटियां अपने आप को सुरक्षित कर सकती है। शिक्षा के साथ-साथ स्वच्छता के बारे में भी बेटियों को आगे आकर पहल करनी चाहिए।
आशुतोष तिवारी, समाजसेवी


अमर उजाला का अपराजिता कार्यक्रम कानून की जानकारी के साथ-साथ स्वच्छता से भी लैस कर रहा है। हम सभी अमर उजाला के इस कार्यक्रम की दिल से सराहना करते है।
प्रज्ञा यादव


ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी होने के नाते कानून की अधिक जानकारी जानकारी नहीं है। अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में कानून के संबंध में दी गई जानकारी ज्ञानवर्धक है।
आयुषी मिश्रा


अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम की तरह कक्षाओं में भी बेटियों को जागरुक करने के लिए कानून की जानकारी दी जानी चाहिए। स्वच्छता के बारे में पहले से ही पहल की जा रही है।
कुशमा वर्मा


ग्रामीण क्षेत्र में पढ़ाई करने के बावजूद मन में अच्छे पद पर जाने की तमन्ना है। अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम में आगे बढ़ने का मार्गदर्शन मिला है जो बेहतर है।
अंजनी यादव


अमर उजाला की यह पहल अच्छी है। अपराजिता कार्यक्रम में रुढ़वादी परिवारों की सोच में परिवर्तन आ रहा है। माता-पिता के सोच में बदलाव आया है और बेटियां हर क्षेत्र में बेटों से अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।
कैसर अख्तर


बेटियों के सम्मान व स्वाभिमान के प्रति जागरुकता के लिए अमर उजाला का अपराजिता कार्यक्रम सराहनीय है। ऐसे कार्यक्रमों से समाज में परिवर्तन अवश्य होगा। सरकार एवं अन्य संस्थाएं भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करें।
रिमझिम श्रीवास्तव



गांव में पहले लड़कियों को पढ़ने के लिए बाहर नहीं भेजा जाता था। शिक्षा के प्रति रुढिवादी विचारों के चलते बेटियों का उत्थान तेजी से नहीं हुआ है। लोगों को जागरुक करके बेटियों के जीवन को रंगों से भरा जा सकता है।
आशा चौधरी


-जीवन में तरक्की के लिए हमें खुद प्रयास करने की जरुरत है। हमें अपने कार्यो से यह साबित करना होगा कि बेटियां हर कार्य आसानी से कर सकती हैं। मजबूत इरादों से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
प्रकृति कौशल


जीवन में सफलता के लिए शिक्षा बेहद जरुरी है। बेटियों को पढ़ा-लिखाकर हर कार्य क्षेत्र में आत्म विश्वास से आगे बढ़ाने की जरुरत है। बेटियां अपनी सफलता से परिवार के साथ-साथ देश का गौरव बढ़ा रही हैं।
आराधना पांडेय


लोग अपनी बेटियों को भी आगे बढ़ाना चाहते हैं। उच्च पदों पर महिलाएं शान से अपनी सेवाएं दे रही हैं। कम उम्र में शादी करने के बजाय हमारे मां-बाप को बेटियों को अच्छी शिक्षा देकर उनका भविष्य संवारना चाहिए।
मोहनी मिश्रा


बेटियों के सम्मान व स्वाभिमान के प्रति जागरुकता के लिए अमर उजाला का अपराजिता कार्यक्रम सराहनीय है। ऐसे कार्यक्रमों से समाज में परिवर्तन अवश्य होगा। सरकार एवं अन्य संस्थाएं भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करें।

शोभा मिश्रा


-बेटियों को कमजोर समझना ठीक नहीं है। लड़कियों ने हर क्षेत्र में लड़कों से बेहतर कार्य करके यह सिद्ध कर दिया है कि नारी अब अबला नहीं सबला है। अमर उजाला की यह मुहिम अत्यंत सराहनीय है।
साक्षी तिवारी
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