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मेडिकल कालेज के निर्माण पर खर्च होंगे पांच सौ करोड़ रुपये
Updated Wed, 12 Dec 2018 11:51 PM IST
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25 को रखी जाएगी केजीएमयू के सेटेलाइट सेंटर की आधारशिला
बलरामपुर। केजीएमयू के सेटेलाइट सेंटर के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 25 दिसंबर को इसकी आधारशिला रखे जाने की उम्मीद है। पूरे प्रोजेक्ट पर पांच करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
केजीएमयू का सेटेलाइट सेंटर शुरू होने से जिले के 22 लाख लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। अभी जटिल बीमारियों का इलाज कराने के लिए लोगों को लखनऊ व दिल्ली का चक्कर लगाना पड़ता है।
मेडिकल कॉलेज का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा जाएगा। बलरामपुर में केजीएमयू के सेटेलाइट सेंटर को मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई थी।
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इससे पहले प्रदेश सरकार के इस साल के बजट में इसका प्रस्ताव आया था। जिसके बाद जिला प्रशासन को सेंटर के लिए जगह तलाशने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
अटल बिहारी वाजपेयी के नाम बनने वाले मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराने के लिए सदर ब्लॉक के बहादुुरपुर गांव में 23.5 हेक्टेअर जमीन का अधिग्रहण कर प्रशासन की तरफ से शासन को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।
मेडिकल कॉलेज की सभी विंग को सुचारु रूप से संचालित कराने के लिए अभी तीन हेक्टेअर जमीन का और अधिग्रहण किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज बनने से पहले केजीएमयू सेंटर का संचालन संयुक्त जिला चिकित्सालय में शुरू कर दिया जाएगा।
200 बेड का मल्टी स्टोरी वार्ड बनेगा
-सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज व केजीएमयू के सेटेलाइट कैंपस में 200 बेड का मल्टी स्टोरी शानदार वार्ड का निर्माण कराया जाएगा। इस वार्ड में दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने वाले मरीजों को बेड अलाट किए जाएंगे।
अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों को भी इलाज के दौरान इन बेड पर रखा जाएगा। सीएमओ ने बताया कि 25 दिसंबर को संयुक्त जिला चिकित्सालय में ओपीडी शुरू कराने तथा मेडिकल कॉलेज व केजीएमयू के सेटेलाइट कैंपस की आधारशिला रखे जाने की संभावना है।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के भी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मेडिकल कॉलेज के निर्माण में करीब तीन साल का समय लगेगा। इससे पहले संयुक्त जिला चिकित्सालय में ओपीडी की सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। इस बारे में केजीएमयू के कुलपति को जानकारी दे दी गई है।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी
मेडिकल कॉलेज व केजीएमयू के सेटेलाइट सेंटर के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया करीब-करीब पूरी हो गई है। सदर ब्लॉक के बहादुरापुर गांव में करीब 23.5 हेक्टेअर जमीन का अधिग्रहण करके शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
बाकी बची तीन हेक्टेअर जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही इसका भी अधिग्रहण कर रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
कृष्णा करुणेश, डीएम
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बलरामपुर। केजीएमयू के सेटेलाइट सेंटर के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 25 दिसंबर को इसकी आधारशिला रखे जाने की उम्मीद है। पूरे प्रोजेक्ट पर पांच करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
केजीएमयू का सेटेलाइट सेंटर शुरू होने से जिले के 22 लाख लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। अभी जटिल बीमारियों का इलाज कराने के लिए लोगों को लखनऊ व दिल्ली का चक्कर लगाना पड़ता है।
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मेडिकल कॉलेज का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा जाएगा। बलरामपुर में केजीएमयू के सेटेलाइट सेंटर को मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई थी।
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इससे पहले प्रदेश सरकार के इस साल के बजट में इसका प्रस्ताव आया था। जिसके बाद जिला प्रशासन को सेंटर के लिए जगह तलाशने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
अटल बिहारी वाजपेयी के नाम बनने वाले मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराने के लिए सदर ब्लॉक के बहादुुरपुर गांव में 23.5 हेक्टेअर जमीन का अधिग्रहण कर प्रशासन की तरफ से शासन को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।
मेडिकल कॉलेज की सभी विंग को सुचारु रूप से संचालित कराने के लिए अभी तीन हेक्टेअर जमीन का और अधिग्रहण किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज बनने से पहले केजीएमयू सेंटर का संचालन संयुक्त जिला चिकित्सालय में शुरू कर दिया जाएगा।
200 बेड का मल्टी स्टोरी वार्ड बनेगा
-सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज व केजीएमयू के सेटेलाइट कैंपस में 200 बेड का मल्टी स्टोरी शानदार वार्ड का निर्माण कराया जाएगा। इस वार्ड में दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने वाले मरीजों को बेड अलाट किए जाएंगे।
अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों को भी इलाज के दौरान इन बेड पर रखा जाएगा। सीएमओ ने बताया कि 25 दिसंबर को संयुक्त जिला चिकित्सालय में ओपीडी शुरू कराने तथा मेडिकल कॉलेज व केजीएमयू के सेटेलाइट कैंपस की आधारशिला रखे जाने की संभावना है।
इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के भी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मेडिकल कॉलेज के निर्माण में करीब तीन साल का समय लगेगा। इससे पहले संयुक्त जिला चिकित्सालय में ओपीडी की सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। इस बारे में केजीएमयू के कुलपति को जानकारी दे दी गई है।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी
मेडिकल कॉलेज व केजीएमयू के सेटेलाइट सेंटर के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया करीब-करीब पूरी हो गई है। सदर ब्लॉक के बहादुरापुर गांव में करीब 23.5 हेक्टेअर जमीन का अधिग्रहण करके शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
बाकी बची तीन हेक्टेअर जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही इसका भी अधिग्रहण कर रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
कृष्णा करुणेश, डीएम