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बाढ़ में बह गईं 45 सड़कें, आवागमन दूभर
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बलरामपुर। बीते दिनों आई बाढ़ का असर अब भी देखने को मिल रहा है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद सड़कों की हालत दयनीय हो गई है। 45 से अधिक जगह पर पीडब्ल्यूडी की सड़कें बाढ़ के पानी में बहकर खराब हो गईं हैं। जिले में राप्ती नदी पर बने तीनों पुलों के एप्रोच भी कट गए हैं। इससे करीब 15 लाख आबादी को आवागमन में दुश्वारियां झेलनी पड़ रहीं हैं।
बताते चलें कि पिछले दिनों आई बाढ़ ने फसलों और लोगों के साथ-साथ सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। हरैया सतघरवा क्षेत्र की लाइफ लाइन मानी जाने वाली हरिहरगंज-ललिया सड़क कई जगह कटकर पानी में बह गई है। इस सड़क पर कोड़री घाट पर बने राप्ती नदी के पुल का एप्रोच भी कट गया है।
इसी तरह महराजगंज तराई, गौरा चौराहा, पचपेड़वा, गैसड़ी तथा तुलसीपुर क्षेत्र में भी कई सड़कें बाढ़ में कटने से पूरी तरह से खराब हो गईं हैं। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि 45 से अधिक जगह सड़कें बाढ़ में बह गईं हैं। पिपरहाघाट तथा सिंगारजोत घाट पर बने राप्ती नदी के पुल का एप्रोच भी कटा गया है। इन पुलों पर भारी वाहनों का आवागमन बंद है।
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इसी तरह श्रीदत्तगंज, गैड़ास बुजुर्ग, महदेइया आदि क्षेत्र में भी तमाम सड़कें बाढ़ से खराब हुईं हैं। इससे करीब 15 लाख लोगों को आवागमन में असुविधा हो रही है। लोक निर्माण विभाग के समक्ष सड़कों की मरम्मत कराकर आवागमन शुरू कराना चुनौती बना हुआ है।
पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता भानु प्रताप यादव का कहना है कि बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुईं सड़कों तथा राप्ती नदी के पुलों का एप्रोच ठीक कराने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इसके लिए शासन से विशेष पैकेज की मांग भी की गई है। गुरुवार को कोड़री घाट पुल का एप्रोच ठीक कराकर आवागमन शुरू करा दिया गया है। अन्य सड़कों की मरम्मत का काम भी जारी है।
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बताते चलें कि पिछले दिनों आई बाढ़ ने फसलों और लोगों के साथ-साथ सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। हरैया सतघरवा क्षेत्र की लाइफ लाइन मानी जाने वाली हरिहरगंज-ललिया सड़क कई जगह कटकर पानी में बह गई है। इस सड़क पर कोड़री घाट पर बने राप्ती नदी के पुल का एप्रोच भी कट गया है।
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इसी तरह महराजगंज तराई, गौरा चौराहा, पचपेड़वा, गैसड़ी तथा तुलसीपुर क्षेत्र में भी कई सड़कें बाढ़ में कटने से पूरी तरह से खराब हो गईं हैं। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि 45 से अधिक जगह सड़कें बाढ़ में बह गईं हैं। पिपरहाघाट तथा सिंगारजोत घाट पर बने राप्ती नदी के पुल का एप्रोच भी कटा गया है। इन पुलों पर भारी वाहनों का आवागमन बंद है।
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इसी तरह श्रीदत्तगंज, गैड़ास बुजुर्ग, महदेइया आदि क्षेत्र में भी तमाम सड़कें बाढ़ से खराब हुईं हैं। इससे करीब 15 लाख लोगों को आवागमन में असुविधा हो रही है। लोक निर्माण विभाग के समक्ष सड़कों की मरम्मत कराकर आवागमन शुरू कराना चुनौती बना हुआ है।
पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता भानु प्रताप यादव का कहना है कि बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुईं सड़कों तथा राप्ती नदी के पुलों का एप्रोच ठीक कराने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इसके लिए शासन से विशेष पैकेज की मांग भी की गई है। गुरुवार को कोड़री घाट पुल का एप्रोच ठीक कराकर आवागमन शुरू करा दिया गया है। अन्य सड़कों की मरम्मत का काम भी जारी है।