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एससी-एसटी एक्ट में चार दोषियों को तीन वर्ष का कारावास
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बलरामपुर। देहात कोतवाली क्षेत्र के दुबौलिया गांव में बच्चों के विवाद को लेकर मारपीट तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के मामले में न्यायालय ने चार अभियुक्तों को तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास तथा सात-सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी है।
27 फरवरी 2009 को देहात थाने में मारपीट व एससी/एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें कुन्नू शेख, गागी, शमीम तथा वासिद अली को आरोपी बनाया गया था। मामला न्यायालय में पेश हुआ। विशेष लोक अभियोजक विनोद कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने चारों अभियुक्तों को तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास तथा सात-सात हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
वहीं, वर्ष 2009 में देहात थाने में मारपीट व जान से मारने की धमकी का मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें मुर्तजा, जुज्जुन व कुन्नू पासी को आरोपी बनाया गया था। मामला न्यायालय में चला। विशेष लोक अभियोजक कोतवाली देहात रणधीर सिंह ने बताया कि न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीनों अभियुक्तों को तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। (संवाद)
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27 फरवरी 2009 को देहात थाने में मारपीट व एससी/एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसमें कुन्नू शेख, गागी, शमीम तथा वासिद अली को आरोपी बनाया गया था। मामला न्यायालय में पेश हुआ। विशेष लोक अभियोजक विनोद कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने चारों अभियुक्तों को तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास तथा सात-सात हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
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वहीं, वर्ष 2009 में देहात थाने में मारपीट व जान से मारने की धमकी का मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें मुर्तजा, जुज्जुन व कुन्नू पासी को आरोपी बनाया गया था। मामला न्यायालय में चला। विशेष लोक अभियोजक कोतवाली देहात रणधीर सिंह ने बताया कि न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीनों अभियुक्तों को तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। (संवाद)
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