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3.5 लाख बच्चों को मिलेंगी नई किताबें
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बलरामपुर। नए शिक्षा सत्र में तीन माह से पुरानी किताबों से ककहरा पढ़ रहे बच्चों को जल्द ही नई किताबें व कार्य पुस्तिकाएं मिलेंगी। बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े साढ़े तीन लाख छात्र-छात्राओं को नई किताबें देने की तैयारी की जा रही है। प्रस्ताव में 18.72 लाख किताबें व कार्य पुस्तिकाएं शामिल हैं। हिंदी, अंग्रेजी व उर्दू माध्यम से पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को किताबें व कार्य पुस्तिकाएं देने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
परिषदीय विद्यालयों में एक अप्रैल से शिक्षा सत्र 2022-23 की शुरुआत हुई। अभी तक कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं को नई किताबों के दर्शन भी नहीं हुए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े हिंदी माध्यम के 1,716 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट, अंग्रेजी माध्यम के 95 प्राथमिक, 19 माध्यमिक विद्यालयों के वित्तपोषित विद्यालयों, बेसिक के अधीन संचालित 12 वित्तपोषित, 11 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों, 25 मदरसों व चार आश्रम पद्धति विद्यालयों के करीब तीन लाख 50 हजार छात्र-छात्राओं को नई पाठ्य-पुस्तकें मुहैया कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
प्रस्ताव में हिंदी माध्यम की 15,15,016 किताबें, अंग्रेजी माध्यम की 80,354 किताबें और उर्दू माध्यम की 22,704 किताबें शामिल हैं। हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान, पर्यावरण संतुलन, कला, नैतिक शिक्षा, उर्दू, नागरिक शास्त्र, इतिहास व भूगोल आदि की कुल 16,18,074 किताबें शासन को भेजे गये प्रस्ताव में शामिल हैं।
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कक्षा एक से तीन तक के छात्र-छात्राओं को 2,53,871 कार्य पुस्तिकाएं निशुल्क मुहैया कराई जाएंगी। अभिभावक राजाराम, नरेंद्र, मोहित, संजय कुमार, राहुल, बलदेव आदि का आरोप है कि शिक्षा सत्र के तीन माह बीतने के बाद भी उनके बच्चों को नई किताबें व कार्य पुस्तिकाएं मुहैया नहीं कराई गई हैं। सभी विद्यालयों में पुरानी किताबों से ही बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष ज्ञान सागर पाठक व संयुक्त मंत्री शिवकुमार सोनी का कहना है कि नई किताबें व कार्य पुस्तिकाएं नहीं मिलने से विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पढ़ाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जून माह में बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से किताबें मुहैया कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, जबकि सत्र शुरू होते ही शासन को प्रस्ताव जाना चाहिए। (संवाद)
बीएसए डॉ. रामचंद्र ने बताया कि बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित सभी विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं के लिए नई किताबें व कार्य पुस्तिकाएं मुहैया कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। हिंदी, अंग्रेजी व उर्दू माध्यम के सभी छात्र-छात्राओं को शीघ्र ही नई किताबें व कार्य पुस्तिकाएं मुहैया कराई जाएंगी। शिक्षकों को तब तक पुरानी किताबों से ही पढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
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परिषदीय विद्यालयों में एक अप्रैल से शिक्षा सत्र 2022-23 की शुरुआत हुई। अभी तक कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं को नई किताबों के दर्शन भी नहीं हुए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े हिंदी माध्यम के 1,716 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट, अंग्रेजी माध्यम के 95 प्राथमिक, 19 माध्यमिक विद्यालयों के वित्तपोषित विद्यालयों, बेसिक के अधीन संचालित 12 वित्तपोषित, 11 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों, 25 मदरसों व चार आश्रम पद्धति विद्यालयों के करीब तीन लाख 50 हजार छात्र-छात्राओं को नई पाठ्य-पुस्तकें मुहैया कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
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प्रस्ताव में हिंदी माध्यम की 15,15,016 किताबें, अंग्रेजी माध्यम की 80,354 किताबें और उर्दू माध्यम की 22,704 किताबें शामिल हैं। हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान, पर्यावरण संतुलन, कला, नैतिक शिक्षा, उर्दू, नागरिक शास्त्र, इतिहास व भूगोल आदि की कुल 16,18,074 किताबें शासन को भेजे गये प्रस्ताव में शामिल हैं।
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कक्षा एक से तीन तक के छात्र-छात्राओं को 2,53,871 कार्य पुस्तिकाएं निशुल्क मुहैया कराई जाएंगी। अभिभावक राजाराम, नरेंद्र, मोहित, संजय कुमार, राहुल, बलदेव आदि का आरोप है कि शिक्षा सत्र के तीन माह बीतने के बाद भी उनके बच्चों को नई किताबें व कार्य पुस्तिकाएं मुहैया नहीं कराई गई हैं। सभी विद्यालयों में पुरानी किताबों से ही बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।
प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष ज्ञान सागर पाठक व संयुक्त मंत्री शिवकुमार सोनी का कहना है कि नई किताबें व कार्य पुस्तिकाएं नहीं मिलने से विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पढ़ाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जून माह में बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से किताबें मुहैया कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, जबकि सत्र शुरू होते ही शासन को प्रस्ताव जाना चाहिए। (संवाद)
बीएसए डॉ. रामचंद्र ने बताया कि बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित सभी विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं के लिए नई किताबें व कार्य पुस्तिकाएं मुहैया कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। हिंदी, अंग्रेजी व उर्दू माध्यम के सभी छात्र-छात्राओं को शीघ्र ही नई किताबें व कार्य पुस्तिकाएं मुहैया कराई जाएंगी। शिक्षकों को तब तक पुरानी किताबों से ही पढ़ाने का निर्देश दिया गया है।