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Balrampur News: कोड़री घाट पुल के कटर निर्माण पर खर्च होंगे 2.75 करोड़
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बलरामपुर के कोड़री क्षेत्र में बह रहा बाढ़ का पानी।-फाइल फोटो
बलरामपुर। कोड़री घाट पुल के तटबंधों पर कटर निर्माण कराने के लिए दो करोड़ 74 लाख 98 हजार रुपये खर्च करने की योजना तैयार की गई है। राप्ती में बाढ़ के समय तेज बहाव में कोड़री घाट पुल को नुकसान होने का अंदेशा है। यदि बरसात से पहले तटबंधों पर कटर निर्माण नहीं हुआ तो पुल की सुरक्षा पर खतरा बढ़ेगा। राप्ती नदी पर बना कोड़री घाट का पुल पांच लाख लोगों को शहर से जोड़ता है।
जबदहा निवासी शांतिभूषण शुक्ल, सत्यदेव तिवारी, सुनील पांडेय व त्रिपुरारी ने बताया कि कोड़री घाट पुल के तटबंधों पर मजबूत कटर का निर्माण होना अनिवार्य है, जो राप्ती नदी में बाढ़ के दौरान तेज बहाव के ठोकर को रोक सके। यदि बरसात से पहले कटर का निर्माण नहीं कराया गया तो राप्ती नदी में बाढ़ के समय तेज बहाव से तटबंध को नुकसान पहुंच सकता है। पुल के दोनों तरफ के अप्रोच को भी मजबूत करना होगा, तभी कोड़री घाट पुल की सुरक्षा हो सकेगी।
कोड़री घाट पुल के एफलेक्स तटबंध के निकट राप्ती नदी पिछले दो वर्ष से बाईं तरफ भीषण कटान कर रही है। यदि बरसात से पहले इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो कोड़री घाट एफलेक्स तटबंध के साथ ही नदी के किनारे बसे गांवाें को भी प्रभावित कर सकती है। समय पर कार्य न कराए जाने की स्थिति में कोड़री घाट एफलेक्स तटबंध के अस्तित्व को भी खतरा हो सकता है। राप्ती नदी के बाएं तट पर कोड़री घाट एफलेक्स तटबंध के पास 400 मीटर लंबाई में डैंपनर बनाने व परक्यूपाइन बिछाने पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने दो करोड़ 74 लाख 98 हजार रुपये खर्च किए जाने की योजना तैयार की है। (संवाद)
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कम दूरी तय करके पहुंचते हैं श्रावस्ती
शिव प्रसाद यादव, बलदेव गिरि व कैलाश यादव का कहना है कि कोड़री घाट पुल से हरैया सतघरवा ब्लॉक की 110 ग्राम पंचायतों की साढ़े चार लाख आबादी के साथ सदर तहसील के एक लाख लोगों का आवागमन होता है। कोड़री घाट पुल से होकर श्रावस्ती जनपद मुख्यालय भिनगा जाने वालों को कम दूरी तय करनी पड़ती है।
बजट मिलने पर शुरू कराया जाएगा काम
कोड़री घाट पुल के एफलेक्स तटबंध के निकट राप्ती नदी पिछले दो वर्ष से बाईं तरफ भीषण कटान कर रही है। पुल के पास नदी की कटान को नियंत्रित करने के लिए तटबंध पर कटानरोधी कार्य कराने की योजना तैयार करके शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलने पर तत्काल कार्य शुरू कराया जाएगा।
- संजय कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड
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जबदहा निवासी शांतिभूषण शुक्ल, सत्यदेव तिवारी, सुनील पांडेय व त्रिपुरारी ने बताया कि कोड़री घाट पुल के तटबंधों पर मजबूत कटर का निर्माण होना अनिवार्य है, जो राप्ती नदी में बाढ़ के दौरान तेज बहाव के ठोकर को रोक सके। यदि बरसात से पहले कटर का निर्माण नहीं कराया गया तो राप्ती नदी में बाढ़ के समय तेज बहाव से तटबंध को नुकसान पहुंच सकता है। पुल के दोनों तरफ के अप्रोच को भी मजबूत करना होगा, तभी कोड़री घाट पुल की सुरक्षा हो सकेगी।
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कोड़री घाट पुल के एफलेक्स तटबंध के निकट राप्ती नदी पिछले दो वर्ष से बाईं तरफ भीषण कटान कर रही है। यदि बरसात से पहले इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो कोड़री घाट एफलेक्स तटबंध के साथ ही नदी के किनारे बसे गांवाें को भी प्रभावित कर सकती है। समय पर कार्य न कराए जाने की स्थिति में कोड़री घाट एफलेक्स तटबंध के अस्तित्व को भी खतरा हो सकता है। राप्ती नदी के बाएं तट पर कोड़री घाट एफलेक्स तटबंध के पास 400 मीटर लंबाई में डैंपनर बनाने व परक्यूपाइन बिछाने पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने दो करोड़ 74 लाख 98 हजार रुपये खर्च किए जाने की योजना तैयार की है। (संवाद)
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कम दूरी तय करके पहुंचते हैं श्रावस्ती
शिव प्रसाद यादव, बलदेव गिरि व कैलाश यादव का कहना है कि कोड़री घाट पुल से हरैया सतघरवा ब्लॉक की 110 ग्राम पंचायतों की साढ़े चार लाख आबादी के साथ सदर तहसील के एक लाख लोगों का आवागमन होता है। कोड़री घाट पुल से होकर श्रावस्ती जनपद मुख्यालय भिनगा जाने वालों को कम दूरी तय करनी पड़ती है।
बजट मिलने पर शुरू कराया जाएगा काम
कोड़री घाट पुल के एफलेक्स तटबंध के निकट राप्ती नदी पिछले दो वर्ष से बाईं तरफ भीषण कटान कर रही है। पुल के पास नदी की कटान को नियंत्रित करने के लिए तटबंध पर कटानरोधी कार्य कराने की योजना तैयार करके शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलने पर तत्काल कार्य शुरू कराया जाएगा।
- संजय कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड