{"_id":"625c53111013e12ace0bb86f","slug":"20-thousand-population-craving-for-pure-drinking-water-balrampur-news-lko6265612153","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेयजल के तरस रही 20 हजार आबादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेयजल के तरस रही 20 हजार आबादी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। गैसड़ी बाजार की 20 हजार आबादी शुद्ध पेयजल के लिए तरस रही है। बाजार में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए करीब 12 साल पहले पानी की दो टंकियों का निर्माण कराया गया था। हैंडओवर के बाद गड़बड़ी आने से दोनों टंकियों का संचालन ठप है। बाजार के लोगों ने डीएम को पत्र भेजकर दोनों टंकियों को चालू कराने की मांग की है।
बाजारवासी दीपक जायसवाल, संजय मोदनवाल, आकाश कसौंधन, प्रिंस वर्मा, विनीत गुप्ता, अमरेश चौरसिया, सरोज चौरसिया आदि ने डीएम को भेजे गए पत्र में कहा है कि वर्ष 2007-08 में गैसड़ी बाजार में पानी की दो टंकियों का निर्माण कराया गया था। पांच वर्ष में दोनों टंकियों का निर्माण कार्य पूरा कराकर कार्यदाई संस्था जल निगम ने हैंडओवर कर दी थीं। मगर घटिया पाइप लाइन के चलते कुछ दिन बाद ही टंकियों का संचालन ठप हो गया।
पानी की टंकी चालू करते ही जगह-जगह जलभराव हो जाता है। टंकी चालू कराने के लिए व्यापार मंडल व बाजार के लोगों ने कई बार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी कई बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अभी तक समस्या का निराकरण नहीं हो सका। बाजार की करीब 20 हजार आबादी शुद्ध पानी के लिए तरस रही है। इन लोगों ने डीएम से पानी की दोनों टंकियों को चालू कराने की मांग की है।
विज्ञापन
इस संबंध में जल निगम के एक्सईएन मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पानी की टंकियों को हैंडओवर कराने के बाद मरम्मत व अन्य समस्या के निराकरण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। पानी की टंकियों को दुरुस्त रखने के लिए ग्राम पंचायत में केंद्रीय वित्त खाते में टाइड फंड से बजट आता है, जिसमें 60 प्रतिशत धनराशि केंद्र और 40 प्रतिशत धनराशि राज्य सरकार की तरफ से दी जाती है।
विज्ञापन
बाजारवासी दीपक जायसवाल, संजय मोदनवाल, आकाश कसौंधन, प्रिंस वर्मा, विनीत गुप्ता, अमरेश चौरसिया, सरोज चौरसिया आदि ने डीएम को भेजे गए पत्र में कहा है कि वर्ष 2007-08 में गैसड़ी बाजार में पानी की दो टंकियों का निर्माण कराया गया था। पांच वर्ष में दोनों टंकियों का निर्माण कार्य पूरा कराकर कार्यदाई संस्था जल निगम ने हैंडओवर कर दी थीं। मगर घटिया पाइप लाइन के चलते कुछ दिन बाद ही टंकियों का संचालन ठप हो गया।
विज्ञापन
पानी की टंकी चालू करते ही जगह-जगह जलभराव हो जाता है। टंकी चालू कराने के लिए व्यापार मंडल व बाजार के लोगों ने कई बार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी कई बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अभी तक समस्या का निराकरण नहीं हो सका। बाजार की करीब 20 हजार आबादी शुद्ध पानी के लिए तरस रही है। इन लोगों ने डीएम से पानी की दोनों टंकियों को चालू कराने की मांग की है।
विज्ञापन
इस संबंध में जल निगम के एक्सईएन मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पानी की टंकियों को हैंडओवर कराने के बाद मरम्मत व अन्य समस्या के निराकरण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है। पानी की टंकियों को दुरुस्त रखने के लिए ग्राम पंचायत में केंद्रीय वित्त खाते में टाइड फंड से बजट आता है, जिसमें 60 प्रतिशत धनराशि केंद्र और 40 प्रतिशत धनराशि राज्य सरकार की तरफ से दी जाती है।