{"_id":"5bf6f00fbdec2241a8748e1d","slug":"171542909967-balrampur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलवारी गांव के","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कलवारी गांव के
Updated Fri, 23 Nov 2018 01:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। जिले की नोडल अफसर व सचिव माध्यमिक शिक्षा संध्या तिवारी ने गुरुवार को दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान सबसे पहले सदर ब्लॉक के कलवारी गांव में चौपाल लगाई। इस दौरान ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के संचालन की जानकारी दी गई और अधिकारियों से समीक्षा भी की गई। चौपाल के बाद नोडल अफसर ने दो परियोजनाओं का निरीक्षण कर पात्रों को लाभान्वित करने का निर्देश दिया। स्कूलों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए प्रेरित किया।
सदर ब्लॉक के कलवारी गांव में चौपाल के दौरान डीएसओ बृजेश कुमार मिश्र ने नोडल अफसर को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गांव के 81 परिवारों को एलपीजी कनेक्शन दिया जा चुका है। ग्राम प्रधान सुशीला मिश्रा ने नोडल अधिकारी को बताया कि चार मजरे पूर्ण रूप से रोशन हो चुके हैं। जहां 24 घंटे विद्युत सप्लाई हो रही है।
गांव की 46 को विधवा पेंशन तथा 22 को दिव्यांग पेंशन दी जा रही है। चौपाल में कई महिलाओं ने विधवा पेंशन नहीं देने की शिकायत पर नोडल अधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी रामप्रसाद को पेंशन दिलाने का निर्देश दिया। नोडल अधिकारी ने ग्रामीणों से शौचालय का प्रयोग करने की अपील की।
विज्ञापन
आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर नोडल अधिकारी ने छह माह के बच्चों को भोजन खिलाया। प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय कलवारी का निरीक्षण किया। कक्षा तीन के बच्चों से हिंदी व अंग्रेजी वर्णमाला सुनी। इस मौके पर सीडीपीओ राकेश शर्मा भी मौजूद रहे। नोडल अफसर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी गांवों के ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दें और उन्हें सशक्त बनाएं।
चौपाल के दौरान सीडीओ कृत्तिका ज्योत्स्ना, सदर एसडीएम कुमार हर्ष, पीडी एके सिंह, डीडीओ गिरिश चंद्र पाठक, डीआईओएस एमके कनौजिया सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
नोडल अफसर ने एआरटीओ कार्यालय का निरीक्षण किया। बायोमीट्रिक कक्ष व रिकार्ड रूम में कार्यों के बारे में जानकारी एआरटीओ फरीदउद्दीन से ली। संयुक्त जिला अस्पताल के दिव्यांग मेडिकल बोर्ड का निरीक्षण करते हुए नोडल अफसर ने समय पर प्रमाणपत्र दिलाने का निर्देश सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह को दिया।
पीएचसी जोकहिया के निरीक्षण में नोडल अफसर ने जनरल व ऑपरेशन रूम व महिला वार्ड की जानकारी ली। इस दौरान सभी मेडिकल व पैरामेडिकल स्टॉफ उपस्थित पाया गया। नोडल अफसर ने महिला तीमारदार न होने पर पुरुष को मरीजों के साथ उपस्थित रहने का विकल्प सुझाया। इस दौरान सभी जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
सदर ब्लॉक के कलवारी गांव में चौपाल के दौरान डीएसओ बृजेश कुमार मिश्र ने नोडल अफसर को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गांव के 81 परिवारों को एलपीजी कनेक्शन दिया जा चुका है। ग्राम प्रधान सुशीला मिश्रा ने नोडल अधिकारी को बताया कि चार मजरे पूर्ण रूप से रोशन हो चुके हैं। जहां 24 घंटे विद्युत सप्लाई हो रही है।
विज्ञापन
गांव की 46 को विधवा पेंशन तथा 22 को दिव्यांग पेंशन दी जा रही है। चौपाल में कई महिलाओं ने विधवा पेंशन नहीं देने की शिकायत पर नोडल अधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी रामप्रसाद को पेंशन दिलाने का निर्देश दिया। नोडल अधिकारी ने ग्रामीणों से शौचालय का प्रयोग करने की अपील की।
विज्ञापन
आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर नोडल अधिकारी ने छह माह के बच्चों को भोजन खिलाया। प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय कलवारी का निरीक्षण किया। कक्षा तीन के बच्चों से हिंदी व अंग्रेजी वर्णमाला सुनी। इस मौके पर सीडीपीओ राकेश शर्मा भी मौजूद रहे। नोडल अफसर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी गांवों के ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दें और उन्हें सशक्त बनाएं।
चौपाल के दौरान सीडीओ कृत्तिका ज्योत्स्ना, सदर एसडीएम कुमार हर्ष, पीडी एके सिंह, डीडीओ गिरिश चंद्र पाठक, डीआईओएस एमके कनौजिया सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
नोडल अफसर ने एआरटीओ कार्यालय का निरीक्षण किया। बायोमीट्रिक कक्ष व रिकार्ड रूम में कार्यों के बारे में जानकारी एआरटीओ फरीदउद्दीन से ली। संयुक्त जिला अस्पताल के दिव्यांग मेडिकल बोर्ड का निरीक्षण करते हुए नोडल अफसर ने समय पर प्रमाणपत्र दिलाने का निर्देश सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह को दिया।
पीएचसी जोकहिया के निरीक्षण में नोडल अफसर ने जनरल व ऑपरेशन रूम व महिला वार्ड की जानकारी ली। इस दौरान सभी मेडिकल व पैरामेडिकल स्टॉफ उपस्थित पाया गया। नोडल अफसर ने महिला तीमारदार न होने पर पुरुष को मरीजों के साथ उपस्थित रहने का विकल्प सुझाया। इस दौरान सभी जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।