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रुपये आठ करोड़ से 2221 परिषदीय स्कूलों का होगा कायाकल्प
Updated Sat, 01 Dec 2018 11:15 PM IST
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बलरामपुर। जिले के 2221 परिषदीय स्कूलों में चालू वित्तीय वर्ष में आठ करोड़ एक लाख 12 हजार 500 रुपये खर्च करके कायाकल्प किया जाएगा। जिले के सभी 1575 प्राथमिक व 646 उच्च प्राथमिक स्कूलों में संसाधनों के सौंदर्यीकरण पर धनराशि खर्च की जाएगी।
बेसिक शिक्षा महकमा की तरफ से विद्यालय प्रबंध कमेटी के बैंक खातों में शासन से मिली 60 प्रतिशत धनराशि भेज दी गई है। प्रबंध कमेटी के सदस्यों को स्कूलों के सभी संसाधनों को चाक-चौबंद करने का फरमान जारी किया गया है। जिले के सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों के बीईओ को 20-20 स्कूलों के रैंडम जांच करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
4.81 करोड़ रुपये की मिली धनराशि
-डीसी निर्माण एनके सिंह ने बताया कि जिले के 1575 प्राथमिक व 646 उच्च प्राथमिक स्कूलों में विद्यालय प्रबंध समितियों के आवश्यकतानुसार मरम्मत एवं रख-रखाव के लिए शासन से बजट मुहैया कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 में प्रस्ताव भेजा गया था। शासन ने स्कूलों के हैंडपंपों में होने वाली छोटी-छोटी मरम्मतों, आंशिक प्लास्टरों, पैच प्लास्टरों, फर्श की मरम्मत, खिड़कियों को दुरस्त कराने, चौखट के पल्ले तथा विद्यालयों के रंगाई-पुताई के लिए आठ करोड़ एक लाख 12 हजार 500 रुपये का बजट स्वीकृत किया है।
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इस बजट के सापेक्ष शासन ने चार करोड़ 80 लाख 82 हजार 500 रुपये की धनराशि उपलब्ध करा दी है। शासन से प्राप्त बजट को तत्काल एसएमसी के बैंक खातों में धनराशि भेजी जा चुकी है। प्रबंध कमेटी के पदाधिकारियों को बीएसए की तरफ से निर्देश दिया गया है कि रंगाई-पुताई से पहले प्लास्टर आदि ठीक करा लें। बाकी बची धनराशि तीन करोड़ 20 लाख 30 हजार रुपये उपलब्ध कराने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
10 प्रतिशत धनराशि स्वच्छता पर खर्च करना अनिवार्य
मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से वित्तीय वर्ष 2018-19 में समग्र शिक्षा अभियान की वार्षिक कार्ययोजना के लिए कंपोजिट स्कूल ग्रांट के तहत धनराशि मुहैया कराई गई है। स्वीकृत धनराशि में से सभी विद्यालय प्रबंध कमेटियों को 10-10 प्रतिशत स्वच्छता पर खर्च करने का निर्देश दिया गया है। विद्यालयों के हेडमास्टरों को धनराशि के उपभोग का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। स्वच्छता के साथ कंपोजिट स्कूल ग्रांट से उपभोज्य सामाग्री, पेंटिंग कार्य व फर्स्ट-एड-बाक्स पर भी खर्च किया जाएगा।
नामांकन के आधार पर दी गई धनराशि
जिले के सभी 1575 प्राथमिक व 646 उच्च प्राथमिक स्कूलों को छात्रों के नामांकन के आधार पर धनराशि भेजी गई है। छात्रों की संख्या एक 14 होने पर 12 हजार 500 रुपये, छात्रों की संख्या 15 से 100 तक होने पर 25 हजार रुपये, छात्रों की संख्या 101 से 250 तक होने पर 50 हजार रुपये तथा छात्रों की संख्या 251 से एक हजार तक होने पर 75 हजार रुपये की धनराशि भेजी गई है।
बीईओ से तलब की गई रिपोर्ट
जिले के सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों के बीईओ से अपने-अपने क्षेत्र के 20-20 स्कूलों के रैंडम जांच की रिपोर्ट तलब की गई है। बीईओ की रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। स्कूल प्रबंध समितियों के पदाधिकारियों को निर्देश है कि जिन ग्राम प्रधान ने पहले से मरम्मत कार्य करा दिया है उस कार्य पर कोई धनराशि खर्च नहीं की जाएगी।
हरिहर प्रसाद, बीएसए
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बेसिक शिक्षा महकमा की तरफ से विद्यालय प्रबंध कमेटी के बैंक खातों में शासन से मिली 60 प्रतिशत धनराशि भेज दी गई है। प्रबंध कमेटी के सदस्यों को स्कूलों के सभी संसाधनों को चाक-चौबंद करने का फरमान जारी किया गया है। जिले के सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों के बीईओ को 20-20 स्कूलों के रैंडम जांच करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
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4.81 करोड़ रुपये की मिली धनराशि
-डीसी निर्माण एनके सिंह ने बताया कि जिले के 1575 प्राथमिक व 646 उच्च प्राथमिक स्कूलों में विद्यालय प्रबंध समितियों के आवश्यकतानुसार मरम्मत एवं रख-रखाव के लिए शासन से बजट मुहैया कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2018-19 में प्रस्ताव भेजा गया था। शासन ने स्कूलों के हैंडपंपों में होने वाली छोटी-छोटी मरम्मतों, आंशिक प्लास्टरों, पैच प्लास्टरों, फर्श की मरम्मत, खिड़कियों को दुरस्त कराने, चौखट के पल्ले तथा विद्यालयों के रंगाई-पुताई के लिए आठ करोड़ एक लाख 12 हजार 500 रुपये का बजट स्वीकृत किया है।
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इस बजट के सापेक्ष शासन ने चार करोड़ 80 लाख 82 हजार 500 रुपये की धनराशि उपलब्ध करा दी है। शासन से प्राप्त बजट को तत्काल एसएमसी के बैंक खातों में धनराशि भेजी जा चुकी है। प्रबंध कमेटी के पदाधिकारियों को बीएसए की तरफ से निर्देश दिया गया है कि रंगाई-पुताई से पहले प्लास्टर आदि ठीक करा लें। बाकी बची धनराशि तीन करोड़ 20 लाख 30 हजार रुपये उपलब्ध कराने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
10 प्रतिशत धनराशि स्वच्छता पर खर्च करना अनिवार्य
मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से वित्तीय वर्ष 2018-19 में समग्र शिक्षा अभियान की वार्षिक कार्ययोजना के लिए कंपोजिट स्कूल ग्रांट के तहत धनराशि मुहैया कराई गई है। स्वीकृत धनराशि में से सभी विद्यालय प्रबंध कमेटियों को 10-10 प्रतिशत स्वच्छता पर खर्च करने का निर्देश दिया गया है। विद्यालयों के हेडमास्टरों को धनराशि के उपभोग का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। स्वच्छता के साथ कंपोजिट स्कूल ग्रांट से उपभोज्य सामाग्री, पेंटिंग कार्य व फर्स्ट-एड-बाक्स पर भी खर्च किया जाएगा।
नामांकन के आधार पर दी गई धनराशि
जिले के सभी 1575 प्राथमिक व 646 उच्च प्राथमिक स्कूलों को छात्रों के नामांकन के आधार पर धनराशि भेजी गई है। छात्रों की संख्या एक 14 होने पर 12 हजार 500 रुपये, छात्रों की संख्या 15 से 100 तक होने पर 25 हजार रुपये, छात्रों की संख्या 101 से 250 तक होने पर 50 हजार रुपये तथा छात्रों की संख्या 251 से एक हजार तक होने पर 75 हजार रुपये की धनराशि भेजी गई है।
बीईओ से तलब की गई रिपोर्ट
जिले के सभी 10 शिक्षा क्षेत्रों के बीईओ से अपने-अपने क्षेत्र के 20-20 स्कूलों के रैंडम जांच की रिपोर्ट तलब की गई है। बीईओ की रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। स्कूल प्रबंध समितियों के पदाधिकारियों को निर्देश है कि जिन ग्राम प्रधान ने पहले से मरम्मत कार्य करा दिया है उस कार्य पर कोई धनराशि खर्च नहीं की जाएगी।
हरिहर प्रसाद, बीएसए