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Balrampur News: 159 गांवों को पक्की सड़क की सौगात
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बलरामपुर के सदर ब्लॉक में स्थित ग्रामीण जर्जर सड़क।-संवाद
बलरामपुर। जिले के 159 गांवों को पक्की सड़क से जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)-4 के तहत चयनित गांवों में सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सड़कों का निर्माण होने से जिले की तीन लाख आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। इलाज, पढ़ाई और रोजगार के लिए ग्रामीणों की शहरों तक पहुंच आसान हो सकेगी।
सात विकास खंडों में कार्यरत अवर अभियंताओं को गांव-गांव जाकर मार्ग का सर्वे करने और तकनीकी नक्शा तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत मौजूदा रास्तों, आबादी और भूमि की स्थिति का आकलन किया जा रहा है, ताकि आगे किसी तरह की अड़चन न आए।
सात विकास खंडों के 159 गांव शामिल
योजना के तहत बलरामपुर विकास खंड के 64, गैसड़ी के 6, गैड़ास बुजुर्ग के 34, रेहरा बाजार के 16, श्रीदत्तगंज के 14, तुलसीपुर के 24 और उतरौला के एक गांव को पक्की सड़क से जोड़ा जाएगा। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे गांव हैं, जहां आज भी लोग कच्चे और जर्जर रास्तों से आवागमन करने को मजबूर हैं।
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रेहरा बाजार क्षेत्र निवासी राम अवतार वर्मा ने बताया कि बरसात में रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है। सड़क बदहाल होने से मरीज को अस्पताल ले जाना भी मुश्किल हो जाता है। गैड़ास बुजुर्ग की शांति देवी ने कहा कि बच्चों को स्कूल भेजना रोज की परेशानी है, कई बार बच्चे गिरकर चोटिल हो जाते हैं। अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण कमल किशोर ने बताया कि सभी औपचारिकताएं पूरी कराकर शीघ्र सड़कों का निर्माण शुरू कराया जाएगा।
बदलेगी गांवों की तस्वीर
श्रावस्ती सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने कहा कि गांवों को सड़क से जोड़ना प्राथमिकता है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार तक पहुंच आसान होगी। प्रयास है कि कोई भी आबादी सड़क सुविधा से वंचित न रहे।है।
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सात विकास खंडों में कार्यरत अवर अभियंताओं को गांव-गांव जाकर मार्ग का सर्वे करने और तकनीकी नक्शा तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत मौजूदा रास्तों, आबादी और भूमि की स्थिति का आकलन किया जा रहा है, ताकि आगे किसी तरह की अड़चन न आए।
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सात विकास खंडों के 159 गांव शामिल
योजना के तहत बलरामपुर विकास खंड के 64, गैसड़ी के 6, गैड़ास बुजुर्ग के 34, रेहरा बाजार के 16, श्रीदत्तगंज के 14, तुलसीपुर के 24 और उतरौला के एक गांव को पक्की सड़क से जोड़ा जाएगा। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे गांव हैं, जहां आज भी लोग कच्चे और जर्जर रास्तों से आवागमन करने को मजबूर हैं।
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रेहरा बाजार क्षेत्र निवासी राम अवतार वर्मा ने बताया कि बरसात में रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है। सड़क बदहाल होने से मरीज को अस्पताल ले जाना भी मुश्किल हो जाता है। गैड़ास बुजुर्ग की शांति देवी ने कहा कि बच्चों को स्कूल भेजना रोज की परेशानी है, कई बार बच्चे गिरकर चोटिल हो जाते हैं। अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण कमल किशोर ने बताया कि सभी औपचारिकताएं पूरी कराकर शीघ्र सड़कों का निर्माण शुरू कराया जाएगा।
बदलेगी गांवों की तस्वीर
श्रावस्ती सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने कहा कि गांवों को सड़क से जोड़ना प्राथमिकता है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार तक पहुंच आसान होगी। प्रयास है कि कोई भी आबादी सड़क सुविधा से वंचित न रहे।है।