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प्रशिक्षण के नाम पर सरकारी धन के बंदरबांट का आरोप
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प्रशिक्षण के नाम पर सरकारी धन के बंदरबांट का आरोप
बलरामपुर। प्रशिक्षण के नाम पर सरकारी धन के बंदरबांट का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों ने डीपीआरओ को शिकायती पत्र भेजकर मामले में जांच व कार्रवाई की मांग की है। डीपीआरओ ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की बात कही है।
डीपीआरओ नरेश चंद्र ने बताया कि गुरुवार को तुलसीपुर ब्लॉक के कुछ लोगों ने उनसे शिकायत की है कि कौवापुर स्थित तुलसीपुर ब्लॉक सभागार में ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत टास्क फोर्स सदस्यों के प्रशिक्षण के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है।
लोगों ने शिकायती पत्र में ये भी आरोप लगाया है कि सभागार में तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान 12 ग्राम पंचायतों से सदस्य बुलाए गए थे लेकिन सूचना न होने के चलते प्रशिक्षण में सदस्य उपस्थित नहीं हो सके। प्रशिक्षण सभागार में पेयजल तक की व्यवस्था नहीं कराई गई है।
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मात्र 25 लोग प्रशिक्षण में उपस्थित रहे लेकिन 60 लोगों को लंच पैकेट बांटने का खर्च दिखाया गया है। डीपीआरओ ने बताया कि लोगों की शिकायत पर मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित को बख्शा नहीं जाएगा।
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बलरामपुर। प्रशिक्षण के नाम पर सरकारी धन के बंदरबांट का आरोप लगाया गया है। स्थानीय लोगों ने डीपीआरओ को शिकायती पत्र भेजकर मामले में जांच व कार्रवाई की मांग की है। डीपीआरओ ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई की बात कही है।
डीपीआरओ नरेश चंद्र ने बताया कि गुरुवार को तुलसीपुर ब्लॉक के कुछ लोगों ने उनसे शिकायत की है कि कौवापुर स्थित तुलसीपुर ब्लॉक सभागार में ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत टास्क फोर्स सदस्यों के प्रशिक्षण के नाम पर सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है।
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लोगों ने शिकायती पत्र में ये भी आरोप लगाया है कि सभागार में तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान 12 ग्राम पंचायतों से सदस्य बुलाए गए थे लेकिन सूचना न होने के चलते प्रशिक्षण में सदस्य उपस्थित नहीं हो सके। प्रशिक्षण सभागार में पेयजल तक की व्यवस्था नहीं कराई गई है।
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मात्र 25 लोग प्रशिक्षण में उपस्थित रहे लेकिन 60 लोगों को लंच पैकेट बांटने का खर्च दिखाया गया है। डीपीआरओ ने बताया कि लोगों की शिकायत पर मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित को बख्शा नहीं जाएगा।