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Balrampur News: चिप के अभाव में 1200 आवेदकों को ड्राइविंग लाइसेंस लटका
Sat, 25 Mar 2023 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sat, 25 Mar 2023 11:48 PM IST
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बलरामपुर। ड्राइविंग लाइसेंस पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले 1200 से अधिक लोगों का लाइसेंस चिप के अभाव में लटका हुआ है। लाइसेंस न मिलने पर चालान से बचने के लिए आवेदक लाइसेंस स्वीकृति का प्रिंट आउट जेब में लेकर वाहन चलाने को विवश हैं।
वाहन चलाने से पहले चालक को ऑनलाइन आवेदन कर लाइसेंस बनवाना होता है। इसके लिए आवेदक को दो चरणों में टेस्ट देना पड़ता है। दोनों टेस्ट पास होने के बाद संभागीय परिवहन विभाग लाइसेंस जारी करने की संस्तुति करता है। इसके बाद लखनऊ से चिप वाला लाइसेंस डाक के जरिए आवेदक के घर पहुंच जाता है। बीते तीन माह से चिप के अभाव में आवेदकों को समय पर लाइसेंस नहीं मिल पा रहा है। दोनों टेस्ट पास कर चुके 1200 से अधिक आवेदक लाइसेंस पाने के लिए भटक रहे हैं।
इनसेट
आवेदकों ने बयां किया दर्द
हरैया बाजार निवासी राकेश कुमार ने बताया कि 15 फरवरी को ऑनलाइन लाइसेंस स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अब तक रजिस्ट्री घर नहीं पहुंची है। दो बार एआरटीओ कार्यालय का चक्कर लगा चुके हैं। उतरौला निवासी तसव्वर अली, राजू, अनीस कुमार, छोटे व कुसुम ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी लाइसेंस घर नहीं पहुंचा है। प्रिंट आउट लेकर वाहन चला रहे हैं।
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वाहन चलाने से पहले चालक को ऑनलाइन आवेदन कर लाइसेंस बनवाना होता है। इसके लिए आवेदक को दो चरणों में टेस्ट देना पड़ता है। दोनों टेस्ट पास होने के बाद संभागीय परिवहन विभाग लाइसेंस जारी करने की संस्तुति करता है। इसके बाद लखनऊ से चिप वाला लाइसेंस डाक के जरिए आवेदक के घर पहुंच जाता है। बीते तीन माह से चिप के अभाव में आवेदकों को समय पर लाइसेंस नहीं मिल पा रहा है। दोनों टेस्ट पास कर चुके 1200 से अधिक आवेदक लाइसेंस पाने के लिए भटक रहे हैं।
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आवेदकों ने बयां किया दर्द
हरैया बाजार निवासी राकेश कुमार ने बताया कि 15 फरवरी को ऑनलाइन लाइसेंस स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अब तक रजिस्ट्री घर नहीं पहुंची है। दो बार एआरटीओ कार्यालय का चक्कर लगा चुके हैं। उतरौला निवासी तसव्वर अली, राजू, अनीस कुमार, छोटे व कुसुम ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी लाइसेंस घर नहीं पहुंचा है। प्रिंट आउट लेकर वाहन चला रहे हैं।
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