{"_id":"5c682fdabdec221181374012","slug":"11550331866-balrampur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"42.49 करोड़ रुपये से 40 डीडीसी क्षेत्रों का होगा विकास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
42.49 करोड़ रुपये से 40 डीडीसी क्षेत्रों का होगा विकास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
42.49 करोड़ से होंगे 40 डीडीसी क्षेत्रों में विकास
बलरामपुर। जिले के 40 जिला पंचायत क्षेत्रों का करीब साढ़े 42 करोड़ रुपये से विकास कार्य कराए जाएंगे। अगले वित्तीय वर्ष में जिला पंचायत क्षेत्रों का विकास कराने के लिए प्रस्ताव पारित किए गए है।
चालू वित्तीय वर्ष में विकास कार्यो पर खर्च बजट को भी सामान्य बैठक में पास किया गया। जिला पंचायत सभागार में शनिवार को सामान्य बैठक के दौरान सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए बहिष्कार किया।
जिला पंचायत सभागार में शनिवार को बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष रामावती ने कहा कि सभी सदस्यों के हितों को ध्यान में रखकर प्रस्ताव तैयार किए गए है। अगले वित्तीय वर्ष में इन्हीं प्रस्तावों से जिले के सभी 40 जिला पंचायत क्षेेत्रों का मुकम्मल विकास कराया जाएगा।
विज्ञापन
बैठक का संचालन करते हुए अपर मुख्य अधिकारी जीके सिंह ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिले के 40 जिला पंचायत क्षेत्रों का विकास कराने के लिए 42,49,37,600 रुपये का प्रस्ताव रखा गया है।
इस बजट से राजकीय अनुदान के साथ-साथ जिला पंचायत के निजी स्रोतों को भी शामिल किया गया है। बालू व्यवसाय नियंत्रण शुल्क, विभव एवं सम्पत्ति कर, लाइसेंस, हड्डी-चमड़ा, मत्स्य, शिकार, नौकघाट, कांजी हाउस, किराया, संपत्ति किराया, तरुपालन सहित अन्य स्रोतों से आय अर्जित कर विकास कार्यो पर खर्च किए जाएंगे।
वित्तीय वर्ष 2018-19 में कराए गए कार्यो के सभी प्रस्तावों को भी लेकर बैठक में चर्चा की गई। राज्य वित्त से पहले 40 प्रतिशत का राजस्व सरकार से मिलता था लेकिन अब 25 प्रतिशत ही मिलेगा जिसके चलते गत वित्तीय वर्ष की अपेक्षा चालू वित्तीय वर्ष में बजट घट गया है।
वर्ष 2019-20 में विभिन्न स्रोतों से 37,75,380 रुपये का लाभ होने की उम्मीद है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिला पंचायत को शासन ने 2 करोड़ 57 लाख रुपये के वसूली का लक्ष्य दिया था जिसके सापेक्ष 3 करोड़ 86 लाख सात हजार रुपये का राजस्व प्राप्त किया जा चुका है।
फरवरी और मार्च माह में 40 प्रतिशत और राजस्व वसूला जाएगा। प्रदेश में बेहतर परफार्मेंस के चलते शासन ने पांच करोड़ तथा जिला पंचायत की बेहतर वसूली पर शासन ने दो करोड़ रुपये की धनराशि मुहैया कराई है।
ग्रामीण क्षेेत्रों के सभी कामर्शियल व निजी भवनों, टॉवरों तथा स्कूल व पंचायत आदि भवनों का नक्शा पास कराना अनिवार्य होगा। चालू वित्तीय वर्ष में 93 योजनाओं को पूरा कर लिया गया है जो एक बड़ी उपलब्धि है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि गुरदास सरोज सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे। बैठक से पहले पुलवामा की घटना को लेकर शहीद हुए सैनिकों के आत्मा की शांति तथा घायल सैनिकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के लिए दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से प्रार्थना की गई।
विज्ञापन
बलरामपुर। जिले के 40 जिला पंचायत क्षेत्रों का करीब साढ़े 42 करोड़ रुपये से विकास कार्य कराए जाएंगे। अगले वित्तीय वर्ष में जिला पंचायत क्षेत्रों का विकास कराने के लिए प्रस्ताव पारित किए गए है।
चालू वित्तीय वर्ष में विकास कार्यो पर खर्च बजट को भी सामान्य बैठक में पास किया गया। जिला पंचायत सभागार में शनिवार को सामान्य बैठक के दौरान सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए बहिष्कार किया।
विज्ञापन
जिला पंचायत सभागार में शनिवार को बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष रामावती ने कहा कि सभी सदस्यों के हितों को ध्यान में रखकर प्रस्ताव तैयार किए गए है। अगले वित्तीय वर्ष में इन्हीं प्रस्तावों से जिले के सभी 40 जिला पंचायत क्षेेत्रों का मुकम्मल विकास कराया जाएगा।
विज्ञापन
बैठक का संचालन करते हुए अपर मुख्य अधिकारी जीके सिंह ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में जिले के 40 जिला पंचायत क्षेत्रों का विकास कराने के लिए 42,49,37,600 रुपये का प्रस्ताव रखा गया है।
इस बजट से राजकीय अनुदान के साथ-साथ जिला पंचायत के निजी स्रोतों को भी शामिल किया गया है। बालू व्यवसाय नियंत्रण शुल्क, विभव एवं सम्पत्ति कर, लाइसेंस, हड्डी-चमड़ा, मत्स्य, शिकार, नौकघाट, कांजी हाउस, किराया, संपत्ति किराया, तरुपालन सहित अन्य स्रोतों से आय अर्जित कर विकास कार्यो पर खर्च किए जाएंगे।
वित्तीय वर्ष 2018-19 में कराए गए कार्यो के सभी प्रस्तावों को भी लेकर बैठक में चर्चा की गई। राज्य वित्त से पहले 40 प्रतिशत का राजस्व सरकार से मिलता था लेकिन अब 25 प्रतिशत ही मिलेगा जिसके चलते गत वित्तीय वर्ष की अपेक्षा चालू वित्तीय वर्ष में बजट घट गया है।
वर्ष 2019-20 में विभिन्न स्रोतों से 37,75,380 रुपये का लाभ होने की उम्मीद है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिला पंचायत को शासन ने 2 करोड़ 57 लाख रुपये के वसूली का लक्ष्य दिया था जिसके सापेक्ष 3 करोड़ 86 लाख सात हजार रुपये का राजस्व प्राप्त किया जा चुका है।
फरवरी और मार्च माह में 40 प्रतिशत और राजस्व वसूला जाएगा। प्रदेश में बेहतर परफार्मेंस के चलते शासन ने पांच करोड़ तथा जिला पंचायत की बेहतर वसूली पर शासन ने दो करोड़ रुपये की धनराशि मुहैया कराई है।
ग्रामीण क्षेेत्रों के सभी कामर्शियल व निजी भवनों, टॉवरों तथा स्कूल व पंचायत आदि भवनों का नक्शा पास कराना अनिवार्य होगा। चालू वित्तीय वर्ष में 93 योजनाओं को पूरा कर लिया गया है जो एक बड़ी उपलब्धि है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि गुरदास सरोज सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे। बैठक से पहले पुलवामा की घटना को लेकर शहीद हुए सैनिकों के आत्मा की शांति तथा घायल सैनिकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के लिए दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से प्रार्थना की गई।