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सौभाग्य योजना में हो रहा खेल, अधिकारी पास पब्लिक फेल
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सौभाग्य योजना में हो रहा खेल, अधिकारी पास जनता फेल
बलरामपुर। केंद्र तथा प्रदेश सरकार की अति महात्वाकांक्षी सौभाग्य योजना जिले में ठेकेदारी व अफसरशाही की भेंट चढ़ गई है। योजना के तहत कागजों में जिले को पूरी तरह से संतृप्त दिखा दिया गया है।
हकीकत यह है कि अभी योजना के तहत मात्र 40 से 50 फीसदी काम ही हुआ है। घरों को रोशन करने में लगी एजेंसियां पूरी तरह से बेखौफ है। कहीं खंभे खड़े करके काम रुका हुआ है तो कहीं तार व मीटर लगने के बाद भी कनेक्शन नहीं दिया है।
कुल मिलाकर इस योजना के तहत अधिकारी पूरी तरह से पास है और लाभार्थी फेल दिख रहे है। योजना कब पूरी होगी इस बात का जबाब किसी के पास नहीं है।
सौभाग्य योजना के तहत जिले के 10,6000 लोगों को बिजली कनेक्शन दिया जाना था। 31 दिसंबर को पावर कॉर्पोरेशन के अफसरों ने सरकार के पोर्टल पर योजना को पूरा दिखा दिया है।
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हकीकत यह है कि अभी तक इस योजना के तहत मात्र 40 प्रतिशत काम ही हो पाया है। शासन से जिले में योजना का काम पूरा करने के लिए तीन एजेंसियों को ठेका दिया गया है। रविवार को अमर उजाला टीम ने योजना की सच्चाई परखी तो कुछ इस तरह के मामले सामने आए।
ग्राम पंचायत परसियाकला का मजरा परसपुर में सौभाग्य योजना के तहत खंभे व तार लगा दिए गए है। घरों में बिजली के मीटर भी लगे है। आज तक गांव में बल्ब नहीं जला है।
कनेक्शनधारक अमित कुमार वर्मा ने बताया कि गांव के 10 से 15 कनेक्शन धारकों को बिना बिजली दिए ही विभाग ने 1012 रुपये का बिल भी भेज दिया है।
ग्राम पंचायत दांदव यहां भी सौभाग्य योजना के तहत खंभे, तार व मीटर तो लगा दिए गए लेकिन आज तक बिजली नहीं दी गई। उपभोक्ता सेवापति, मोहम्मद अली, रिजवान, पल्टूराम यादव तथा चेतराम ने बताया कि गांव में विद्युत आपूर्ति कब शुरु होगी इस बात का जबाब किसी के पास नहीं है।
ग्राम पंचायत शिवचरनडीह के मजरे फाजिलडीह में सौभाग्य योजना के तहत खंभे तो गाडे़ है लेकिन आज तक इन खंभों पर तार नहीं खींचा गया है। ग्रामीण अभिषेक, गौरीशंकर, नवल किशोर, सागर व विजय यादव ने बताया कि गांव में बिजली लगाने के लिए कार्यदाई संस्था के सुपरवाइजर से अक्सर नोंक-झोंक होती रहती है।
यह मामले तो महज बानगी है सौभाग्य योजना के तहत चयनित गांवों में लगभत 60 फीसदी गांवों का यही हाल है। सदर ब्लॉक के धर्मनगर गांव में कार्यदाई संस्था ने सौभाग्य योजना के तहत पोल तो गिराया था लेकिन इन खंभों को आज तक खड़ा नहीं किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई खंभे संस्था दूसरी जगह भी उठा ले गई है।
- सौभाग्य योजना के तहत पेश किए गए कागजी आंकड़ों के बारे में पावर कारपोरेशन के अधीक्षण अभियंता ललित कुमार ने बताया कि पोर्टल पर योजना को पूरा दिखाया गया है।
एजेंसियां अभी काम कर रही है। मौजूदा स्थिति से उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जा रहा है। 10 जनवरी तक सभी कार्यदाई संस्थाओं से काम पूरा करने का प्रमाण पत्र भी मांगा गया है।
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बलरामपुर। केंद्र तथा प्रदेश सरकार की अति महात्वाकांक्षी सौभाग्य योजना जिले में ठेकेदारी व अफसरशाही की भेंट चढ़ गई है। योजना के तहत कागजों में जिले को पूरी तरह से संतृप्त दिखा दिया गया है।
हकीकत यह है कि अभी योजना के तहत मात्र 40 से 50 फीसदी काम ही हुआ है। घरों को रोशन करने में लगी एजेंसियां पूरी तरह से बेखौफ है। कहीं खंभे खड़े करके काम रुका हुआ है तो कहीं तार व मीटर लगने के बाद भी कनेक्शन नहीं दिया है।
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कुल मिलाकर इस योजना के तहत अधिकारी पूरी तरह से पास है और लाभार्थी फेल दिख रहे है। योजना कब पूरी होगी इस बात का जबाब किसी के पास नहीं है।
सौभाग्य योजना के तहत जिले के 10,6000 लोगों को बिजली कनेक्शन दिया जाना था। 31 दिसंबर को पावर कॉर्पोरेशन के अफसरों ने सरकार के पोर्टल पर योजना को पूरा दिखा दिया है।
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हकीकत यह है कि अभी तक इस योजना के तहत मात्र 40 प्रतिशत काम ही हो पाया है। शासन से जिले में योजना का काम पूरा करने के लिए तीन एजेंसियों को ठेका दिया गया है। रविवार को अमर उजाला टीम ने योजना की सच्चाई परखी तो कुछ इस तरह के मामले सामने आए।
ग्राम पंचायत परसियाकला का मजरा परसपुर में सौभाग्य योजना के तहत खंभे व तार लगा दिए गए है। घरों में बिजली के मीटर भी लगे है। आज तक गांव में बल्ब नहीं जला है।
कनेक्शनधारक अमित कुमार वर्मा ने बताया कि गांव के 10 से 15 कनेक्शन धारकों को बिना बिजली दिए ही विभाग ने 1012 रुपये का बिल भी भेज दिया है।
ग्राम पंचायत दांदव यहां भी सौभाग्य योजना के तहत खंभे, तार व मीटर तो लगा दिए गए लेकिन आज तक बिजली नहीं दी गई। उपभोक्ता सेवापति, मोहम्मद अली, रिजवान, पल्टूराम यादव तथा चेतराम ने बताया कि गांव में विद्युत आपूर्ति कब शुरु होगी इस बात का जबाब किसी के पास नहीं है।
ग्राम पंचायत शिवचरनडीह के मजरे फाजिलडीह में सौभाग्य योजना के तहत खंभे तो गाडे़ है लेकिन आज तक इन खंभों पर तार नहीं खींचा गया है। ग्रामीण अभिषेक, गौरीशंकर, नवल किशोर, सागर व विजय यादव ने बताया कि गांव में बिजली लगाने के लिए कार्यदाई संस्था के सुपरवाइजर से अक्सर नोंक-झोंक होती रहती है।
यह मामले तो महज बानगी है सौभाग्य योजना के तहत चयनित गांवों में लगभत 60 फीसदी गांवों का यही हाल है। सदर ब्लॉक के धर्मनगर गांव में कार्यदाई संस्था ने सौभाग्य योजना के तहत पोल तो गिराया था लेकिन इन खंभों को आज तक खड़ा नहीं किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई खंभे संस्था दूसरी जगह भी उठा ले गई है।
- सौभाग्य योजना के तहत पेश किए गए कागजी आंकड़ों के बारे में पावर कारपोरेशन के अधीक्षण अभियंता ललित कुमार ने बताया कि पोर्टल पर योजना को पूरा दिखाया गया है।
एजेंसियां अभी काम कर रही है। मौजूदा स्थिति से उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जा रहा है। 10 जनवरी तक सभी कार्यदाई संस्थाओं से काम पूरा करने का प्रमाण पत्र भी मांगा गया है।