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दहेज हत्या के आरोपी पति को 10 वर्ष की कैद
Updated Wed, 04 Apr 2018 11:49 PM IST
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दहेज हत्या के आरोपी पति को 10 वर्ष की कैद
बलरामपुर। त्वरित सत्र न्यायाधीश द्वितीय ने दहेज हत्या के आरोपी पति को 10 वर्ष व सास-ससुर को 7-7 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपियों को 10-10 हजार रुपए अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
कोतवाली उतरौला के ग्राम रैगांवा निवासी राजेश वर्मा का विवाह मुक्ता प्रसाद वर्मा की लड़की पूनल देवी से 2008 में हुआ था। 19 मार्च 2011 की रात में पूनम संदिग्ध अवस्था में गायब हो गई। पूनम की लाश सिंगारजोत पुल के पास 29 मार्च 2011 को मिली।
पूनम के पिता मुक्ता प्रसाद ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उसके पति राजेश वर्मा, ससुर मेवालाल व सास शांति देवी दहेज के लिए तंग करती थी तथा चार पहिया गाड़ी की मांग कर रही थी। पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया।
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विवेचना के बाद पुलिस ने न्यायालय में दहेज हत्या के आरोप में तीनों आारोपियों के विरुद्घ आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता नरेन्द्र प्रताप पांडेय ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
पत्रावली का अवलोकन करने व दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलो को सुनने के बाद एफटीसी द्वितीय प्रमेन्द्र कुमार ने राजेश वर्मा, मेवालाल व शांति देवी को दहेज हत्या का दोषी माना। न्यायाधीश ने राजेश वर्मा को 10 वर्ष व मेवालाल तथा शांति देवी को 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
न्यायाधीश ने आरोपियों को 10-10 हजार रुपए अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता गोमती प्रसाद त्रिपाठी ने मुकदमें में सार्थक प्रयास करने के लिए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता को बधाई दी है।
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बलरामपुर। त्वरित सत्र न्यायाधीश द्वितीय ने दहेज हत्या के आरोपी पति को 10 वर्ष व सास-ससुर को 7-7 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपियों को 10-10 हजार रुपए अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
कोतवाली उतरौला के ग्राम रैगांवा निवासी राजेश वर्मा का विवाह मुक्ता प्रसाद वर्मा की लड़की पूनल देवी से 2008 में हुआ था। 19 मार्च 2011 की रात में पूनम संदिग्ध अवस्था में गायब हो गई। पूनम की लाश सिंगारजोत पुल के पास 29 मार्च 2011 को मिली।
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पूनम के पिता मुक्ता प्रसाद ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उसके पति राजेश वर्मा, ससुर मेवालाल व सास शांति देवी दहेज के लिए तंग करती थी तथा चार पहिया गाड़ी की मांग कर रही थी। पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया।
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विवेचना के बाद पुलिस ने न्यायालय में दहेज हत्या के आरोप में तीनों आारोपियों के विरुद्घ आरोप पत्र प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता नरेन्द्र प्रताप पांडेय ने सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
पत्रावली का अवलोकन करने व दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलो को सुनने के बाद एफटीसी द्वितीय प्रमेन्द्र कुमार ने राजेश वर्मा, मेवालाल व शांति देवी को दहेज हत्या का दोषी माना। न्यायाधीश ने राजेश वर्मा को 10 वर्ष व मेवालाल तथा शांति देवी को 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
न्यायाधीश ने आरोपियों को 10-10 हजार रुपए अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता गोमती प्रसाद त्रिपाठी ने मुकदमें में सार्थक प्रयास करने के लिए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता को बधाई दी है।