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1.17 अरब से 800 ग्राम पंचायतों का होगा विकास
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बलरामपुर। चालू वित्तीय वर्ष में जिले की सभी 800 ग्राम पंचायतों में 1.17 अरब रुपये से विकास कार्य कराने की कार्ययोजना तैयार की गई है। मनरेगा योजना से सभी गांवों में विकास कार्य कराए जाएंगे। काम करने वाले श्रमिकों की मजदूरी पर 60 और निर्माण सामग्री की खरीद पर 40 फीसदी धनराशि खर्च की जाएगी। जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 33 लाख मानव दिवस सृजित किए जाएंगे। गांवों में काम करने के अवसर उपलब्ध कराकर सभी श्रमिकों को गांवों में ही रोजगार मुहैया कराया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में मनरेगा योजना से गांवों में ही श्रमिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए मानव दिवस के साथ ही श्रम बजट निर्धारित कर दिया गया है। जिले की 800 ग्राम पंचायतों में 32 लाख 91 हजार 775 मानव दिवस सृजित करने के लिए एक अरब 16 करोड़ 85 लाख 80 हजार 125 रुपये श्रम बजट का प्रस्ताव रखा गया है। प्रस्ताव में श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान करने के लिए श्रम बजट का 60 फीसदी 70 करोड़ 11 लाख 28 हजार 75 रुपये साल भर में खर्च किए जाएंगे।
विकास कार्यों में प्रयोग होने वाली निर्माण सामग्री की खरीद पर 46 करोड़ 74 लाख 32 हजार 50 रुपये खर्च होंगे। मनरेगा योजना से सभी गांवों में नाली, खड़ंजा, चकरोड, तालाबों व पौधरोपण के लिए गड्ढों के साथ गोशालाओं, शौचालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों आदि के निर्माण पर धनराशि खर्च की जाएगी। मनरेगा योजना के पोर्टल पर जिले के सभी नौ ब्लॉकों में 1,89,152 परिवारों का गांव में मजदूरी करने के लिए ब्योरा अपलोड है, जिसमें से 80.47 फीसदी के साथ 1,52,221 परिवारों का ब्योरा उनके आधार नंबर से भी लिंक है।
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जिले के सभी नौ ब्लॉकों के सभी श्रमिकों के जॉबकार्ड से आधार नंबर व बैंक खाता नंबर प्रमाणित है। पांच प्रतिशत श्रमिकों का डाटा आधार नंबर के साथ पोस्ट आफिस के खाते से लिंक है। मनरेगा योजना से सभी श्रमिकों को गांवों में ही रोजगार दिलाने के सुनहरे अवसर मुहैया कराए जाएंगे।
डीएम श्रुति का कहना है कि मनरेगा योजना से जिले के सभी नौ ब्लॉकों की 800 ग्राम पंचायतों का बेहतर विकास होगा। चालू वित्तीय वर्ष में जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 32,91,775 मानव दिवस सृजित कराने का लक्ष्य मिला है। एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 तक 1,16,85,80,125 रुपये खर्च किए जाएंगे। सीडीओ रिया केजरीवाल को गांवों में मनरेगा योजना से होने वाले कार्यों की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी ब्लॉकों के बीडीओ व ग्राम पंचायत सचिवों को लक्ष्य के अनुरूप कार्य कराने का निर्देश दिया गया है।
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वित्तीय वर्ष 2022-23 में मनरेगा योजना से गांवों में ही श्रमिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए मानव दिवस के साथ ही श्रम बजट निर्धारित कर दिया गया है। जिले की 800 ग्राम पंचायतों में 32 लाख 91 हजार 775 मानव दिवस सृजित करने के लिए एक अरब 16 करोड़ 85 लाख 80 हजार 125 रुपये श्रम बजट का प्रस्ताव रखा गया है। प्रस्ताव में श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान करने के लिए श्रम बजट का 60 फीसदी 70 करोड़ 11 लाख 28 हजार 75 रुपये साल भर में खर्च किए जाएंगे।
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विकास कार्यों में प्रयोग होने वाली निर्माण सामग्री की खरीद पर 46 करोड़ 74 लाख 32 हजार 50 रुपये खर्च होंगे। मनरेगा योजना से सभी गांवों में नाली, खड़ंजा, चकरोड, तालाबों व पौधरोपण के लिए गड्ढों के साथ गोशालाओं, शौचालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों आदि के निर्माण पर धनराशि खर्च की जाएगी। मनरेगा योजना के पोर्टल पर जिले के सभी नौ ब्लॉकों में 1,89,152 परिवारों का गांव में मजदूरी करने के लिए ब्योरा अपलोड है, जिसमें से 80.47 फीसदी के साथ 1,52,221 परिवारों का ब्योरा उनके आधार नंबर से भी लिंक है।
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जिले के सभी नौ ब्लॉकों के सभी श्रमिकों के जॉबकार्ड से आधार नंबर व बैंक खाता नंबर प्रमाणित है। पांच प्रतिशत श्रमिकों का डाटा आधार नंबर के साथ पोस्ट आफिस के खाते से लिंक है। मनरेगा योजना से सभी श्रमिकों को गांवों में ही रोजगार दिलाने के सुनहरे अवसर मुहैया कराए जाएंगे।
डीएम श्रुति का कहना है कि मनरेगा योजना से जिले के सभी नौ ब्लॉकों की 800 ग्राम पंचायतों का बेहतर विकास होगा। चालू वित्तीय वर्ष में जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 32,91,775 मानव दिवस सृजित कराने का लक्ष्य मिला है। एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 तक 1,16,85,80,125 रुपये खर्च किए जाएंगे। सीडीओ रिया केजरीवाल को गांवों में मनरेगा योजना से होने वाले कार्यों की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी ब्लॉकों के बीडीओ व ग्राम पंचायत सचिवों को लक्ष्य के अनुरूप कार्य कराने का निर्देश दिया गया है।