हैलो....... तुम्हारे कोरोना संक्रमित मरीज की हालत बहुत गंभीर है, 25 लाख भेज दो
- मरीज के मोबाइल से ही परिजनों और रिश्तेदारों से की गई डिमांड
- मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है बलिया का पॉजिटिव मरीज
- पैसे की डिमांड के बाद मरीज की हालत को लेकर चिंतित हुए परिजन
विस्तार
आजमगढ़ जिले के राजकीय मेडिकल कालेज चक्रपानपुर आईसोलेशन वार्ड में भर्ती एक पॉजिटिव मरीज के मोबाइल से परिजनों व रिश्तेदारों को वीडियो कॉल कर व वाट्सएप पर मैसेज किया गया। इसमें मरीज की हालत गंभीर बताते हुए 25 लाख रुपये की डिमांड की गई है।
बलिया निवासी एक व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे 17 जुलाई को बलिया से राजकीय मेडिकल कालेज चक्रपानपुर में रेफर किया गया था। मरीज ने मेडिकल कालेज पहुंचने पर परिजनों को फोन कर भर्ती हो जाने और अस्पताल की व्यवस्था भी ठीक होने की जानकारी दी थी।
इसके बाद मरीज का मोबाइल ऑफ हो गया। 19 जुलाई की रात मरीज के मोबाइल से उसके पटना निवासी रिश्तेदार को वीडियो कॉल गया। इसमें फोन करने वाले ने मरीज की हालत गंभीर होने की बात बताई। वीडियो में मरीज की स्थिति भी दिखाई गई।
इसके साथ ही वाट्सएप पर मैसेज कर 25 लाख रुपये की डिमांड की गई। ऐसा ही मैसेज उसके कुछ अन्य रिश्तदारों को भी भेजा गया। यही नहीं मरीज के पुत्र को फोन कर उसे रात में ही मेडिकल कालेज बुलाया गया और मरीज के ही नंबर पर संपर्क करने को कहा गया।
मैसेज भेजने के बाद मरीज का मोबाइल पुन: ऑफ हो गया। उधर, पैसे की डिमांड के बीच मरीज से बात न हो पाने पर घरवाले और रिश्तेदार परेशान हो उठे। सोमवार की दोपहर 12 बजे तक नंबर बंद ही आ रहा था। परिजनों ने मीडिया को सारे साक्ष्य देने के साथ जिलाधिकारी को पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
चेकबुक से फाड़ लिया गया ब्लैंक चेक
रिश्तेदारों को भेजे गए मैसेज के साथ एक ब्लैंक चेक की कॉपी भी डाली गई है, जो मरीज के बैंकखाते की है और उस पर मरीज के हस्ताक्षर भी हैं। इस चेक का दुरुपयोग होने की संभावना भी है। मरीज के ठीक-ठाक व्यवसायी होने के चलते उसके खाते में ठीक-ठाक धन भी है। सोमवार को परिजनों ने स्टाप पेमेंट के लिए बैंक में पत्र दे दिया है।
ऐसे किसी घटनाक्रम की जानकारी मुझे नहीं है। यह सरकारी अस्पताल है, यहां इलाज का पैसा नहीं लगता है। बलिया का एक मरीज भर्ती है, जिसकी हालत गंभीर है। उसे वाईपैप मशीन पर रखा गया था। यहां किसी मरीज का मोबाइल नहीं लिया जाता है। मरीज वेंटिलेटर अथवा वाईपैप पर होता है तो उसका फोन वार्ड में रखा होता है। फिलहाल मरीज की हालत में सुधार है। जहां तक उसके मोबाइल की बात है तो यह जांच का विषय है कि कौन यूज कर रहा था। - आरपी शर्मा, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कालेज, चक्रपानपुर ।
मरीज की हालत में सुधार है, जो प्रकरण संज्ञान में आया है, उसकी कमेटी गठित कर जांच कराई जाएगी। फिलहाल मेडिकल कालेज प्रशासन को मरीज की बेहतर देखभाल का निर्देश दिया जा चुका है। मरीज का मोबाइल कहां है और कौन उसे प्रयोग कर रहा था और किसने परिजनों व रिश्तेदारों से पैसे की डिमांड की है, उसका भी पता लगाया जा रहा है। जो भी दोषी मिलेगा, उस पर निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी। - विजय विश्वास पंत, मंडलायुक्त, आजमगढ़।