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श्रमिक विरोधी नीतियों की निंदा की
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Wed, 10 Dec 2014 10:15 PM IST
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उदयभान स्थित कार्यालय पर वाम दलों की संयुक्त बैठक कृष्णदेव सिंह की
अध्यक्षता में हुई। इसमें वक्ताओं ने केंद्रसरकार पर मजदूर विरोधी नीतियां
बनाने का आरोप लगाया।
बैठक मंें देश में मजदूर वर्ग और मेहनतकशों पर केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे निरंतर बोझ पर चर्चा की गई। केंद्र सरकार के श्रम विरोधी नीतियों और रुझान की निंदा भी की।
इस दौरान सीपीएम, सीपीआई, एसयूसीआई (सी), फारवर्ड ब्लाक, भाकपा माले के प्रमुख सदस्य और नेताओं की उपस्थिति में वाम समन्वय समिति की शुरूआत की गई।
इसके लिए केशव सिंह आजाद को संयोजक और जिला सचिव शैलेंद्र को सह संयोजक चुना गया। वक्ताओं ने देश में बीमा रक्षा, रेलवे आदि विभिन्न क्षेत्र में एफडीआई की भागीदारी पर आक्रोश जताया।
सरकार के विभिन्न नीतियों का विरोध करते हुए वक्ताओं ने कहा कि काला धन को विदेशों से वापस लाने और सांप्रदायिक ताकतों के बीच केंद्र सरकार का गठजोड़ नापाक है।
वक्ताओं नेे कहा कि गन्ना किसानों के बकाए मूल्य, रसोई गैस सिलेंडरों पर शासन-प्रशासन द्वारा की जा रही मनमानी से उपभोक्ता परेशान हो जा रहे हैं।
इस मौके पर वक्ताओं ने धान का समर्थन मूल्य 1800 रुपये प्रति कुंतल किए जाने की मांग की। साथ ही उपरोक्त बिंदुओं पर 16 दिसंबर को डीएम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
इस मौके पर सुभाषचंद्र सिंह, रामकृष्ण यादव, परमात्मानंद राय, लालसाहब, डा. एम इलियास, शमीम आदि उपस्थित रहे।
बैठक मंें देश में मजदूर वर्ग और मेहनतकशों पर केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे निरंतर बोझ पर चर्चा की गई। केंद्र सरकार के श्रम विरोधी नीतियों और रुझान की निंदा भी की।
इस दौरान सीपीएम, सीपीआई, एसयूसीआई (सी), फारवर्ड ब्लाक, भाकपा माले के प्रमुख सदस्य और नेताओं की उपस्थिति में वाम समन्वय समिति की शुरूआत की गई।
इसके लिए केशव सिंह आजाद को संयोजक और जिला सचिव शैलेंद्र को सह संयोजक चुना गया। वक्ताओं ने देश में बीमा रक्षा, रेलवे आदि विभिन्न क्षेत्र में एफडीआई की भागीदारी पर आक्रोश जताया।
सरकार के विभिन्न नीतियों का विरोध करते हुए वक्ताओं ने कहा कि काला धन को विदेशों से वापस लाने और सांप्रदायिक ताकतों के बीच केंद्र सरकार का गठजोड़ नापाक है।
वक्ताओं नेे कहा कि गन्ना किसानों के बकाए मूल्य, रसोई गैस सिलेंडरों पर शासन-प्रशासन द्वारा की जा रही मनमानी से उपभोक्ता परेशान हो जा रहे हैं।
इस मौके पर वक्ताओं ने धान का समर्थन मूल्य 1800 रुपये प्रति कुंतल किए जाने की मांग की। साथ ही उपरोक्त बिंदुओं पर 16 दिसंबर को डीएम कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
इस मौके पर सुभाषचंद्र सिंह, रामकृष्ण यादव, परमात्मानंद राय, लालसाहब, डा. एम इलियास, शमीम आदि उपस्थित रहे।