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तीज पर महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत
ballia
Updated Thu, 24 Aug 2017 11:59 PM IST
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शहर के बालेश्वर मंदिर में तीज पर कथा सुनती महिलाएं।
- फोटो : ballia
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अखंड सौभाग्यवती की मनोकामना के लिए महिलाओं ने गुरुवार को निर्जला व्रत रखा। इस दौरान महिलाओं ने प्रात: उठकर स्नान-ध्यान किया और पति के दीर्घायु के लिए 24 घंटे निर्जला उपवास रखा। शाम को स्नान करने के बाद नए वस्त्र धारण किया और केले का मंडप बनाकर भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा व कथा श्रवण कर परिवार की सुख-समृद्धि के लिए कामना की। साथ ही पति, सास और ससुर समेत बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
हरितालिता तीज के अवसर पर सौभाग्यवती महिलाओं ने पति की दीर्घायु और सदासुहागन की मनोकाना के लिए निर्जला व्रत रखा। इस दौरान व्रती महिलाओं ने नदी, सरोवर, तालाब आदि में स्नान किया। नए वस्त्र धारण कर हाथ में मेहंदी, पैर में महावर समेत सोलहों श्रृंगार किया। इसके बाद नजदीक के शिवालयों और घरों में केले का मंडप बनाकर भगवान शिव और मां पार्वती का चित्र स्थापित किया। सामर्थ्य के अनुसार फल-फूल, मिष्ठान, गंगाजल आदि चढ़ाया और पुरोहित से हरितालिका व्रत की कथा श्रवण की।
कथा समाप्त होने के बाद पुरोहित का पैर छूकर आशीर्वाद लिया और दान-पुण्य किया। 24 घंटे व्रत रखने के बाद सुबह में निर्धारित समय पर सावां का सत्तू, गुड़ आदि से पारण किया।
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हरितालिता तीज के अवसर पर सौभाग्यवती महिलाओं ने पति की दीर्घायु और सदासुहागन की मनोकाना के लिए निर्जला व्रत रखा। इस दौरान व्रती महिलाओं ने नदी, सरोवर, तालाब आदि में स्नान किया। नए वस्त्र धारण कर हाथ में मेहंदी, पैर में महावर समेत सोलहों श्रृंगार किया। इसके बाद नजदीक के शिवालयों और घरों में केले का मंडप बनाकर भगवान शिव और मां पार्वती का चित्र स्थापित किया। सामर्थ्य के अनुसार फल-फूल, मिष्ठान, गंगाजल आदि चढ़ाया और पुरोहित से हरितालिका व्रत की कथा श्रवण की।
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कथा समाप्त होने के बाद पुरोहित का पैर छूकर आशीर्वाद लिया और दान-पुण्य किया। 24 घंटे व्रत रखने के बाद सुबह में निर्धारित समय पर सावां का सत्तू, गुड़ आदि से पारण किया।
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