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लोग आए साथ, बदल गई पोखरे की सूरत
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Sat, 04 Jul 2015 10:31 PM IST
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शासन-प्रशासन से गुहार के बाद कोई कार्यवाही न होते देख गांव के युवागण खुद ही विशाल पोखरे के जीर्णोद्धार करने का बीड़ा उठा लिया। क्षेत्र के शीतलदवनी गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के पास करीब चार एकड़ जमीन में फैला विशाल पोखरा समुचित देखरेख के अभाव में अपनी सूरत-ए-हाल पर आंसू बहा रहा था। शासन-प्रशासन से मांग के बावजूद जब कोई कार्यवाही नहीं हुई तो युवक खुद ही इस काम में लग गए। आज चार हफ्तों से युवाओं द्वारा पोखेरे की साफ-सफाई युद्धस्तर पर चल रही है।
शीतल दवनी गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के बगल में करीब चार एकड़ जमीन में फैला पोखरा तकरीबन दो सौ वर्ष पुराना है। कभी समय था कि पूरे गांव के लोग इसी पोखरे में स्नान करते थे। सूर्योपासना का बड़ा पर्व छठ भी यहीं मनाया जाता था। समय के साथ पोखरा का पानी सूखता गया।
इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। पूरे पोखरे में झंखाड़ उग गया। बार-बार प्रशासन और जिम्मेदारों का ध्यान आकृष्ट कराने के बावजूद जब इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई तो गांव के युवकों ने खुद ही सफाई का बीड़ा उठाया। लगातार एक माह तक श्रमदान कर पोखरे की सफाई की। साथ ही लोगों के स्नान आदि के लिए सीढ़ियां भी बना रहे हैं।
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शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री नारद राय भी पोखरे का जायजा लेने पहुंचे और युवाओं के इस कार्य की सराहना की। राय ने आश्वासन दिया कि पोखरे के पास 50 फीट की पक्की सीढ़ी बनवाई जाएगी। मौके से ही डीएफओ को पोखरे की चारों तरफ पौध रोपण कराने का निर्देश दिया। पोखरे की सूरत बदलने वाले युवकों में विशाल सिंह, रवि सिंह, शशिधर सिंह, शैलेंद्र सिंह, अभिषेक सिंह आदि हैं।
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शीतल दवनी गांव स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के बगल में करीब चार एकड़ जमीन में फैला पोखरा तकरीबन दो सौ वर्ष पुराना है। कभी समय था कि पूरे गांव के लोग इसी पोखरे में स्नान करते थे। सूर्योपासना का बड़ा पर्व छठ भी यहीं मनाया जाता था। समय के साथ पोखरा का पानी सूखता गया।
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इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। पूरे पोखरे में झंखाड़ उग गया। बार-बार प्रशासन और जिम्मेदारों का ध्यान आकृष्ट कराने के बावजूद जब इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई तो गांव के युवकों ने खुद ही सफाई का बीड़ा उठाया। लगातार एक माह तक श्रमदान कर पोखरे की सफाई की। साथ ही लोगों के स्नान आदि के लिए सीढ़ियां भी बना रहे हैं।
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शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री नारद राय भी पोखरे का जायजा लेने पहुंचे और युवाओं के इस कार्य की सराहना की। राय ने आश्वासन दिया कि पोखरे के पास 50 फीट की पक्की सीढ़ी बनवाई जाएगी। मौके से ही डीएफओ को पोखरे की चारों तरफ पौध रोपण कराने का निर्देश दिया। पोखरे की सूरत बदलने वाले युवकों में विशाल सिंह, रवि सिंह, शशिधर सिंह, शैलेंद्र सिंह, अभिषेक सिंह आदि हैं।