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Ballia News: 10 किमी की रफ्तार से चलीं हवाएं, फिर हुई बूंदाबांदी
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बलिया। मौसम में रविवार को फिर से परिवर्तन से किसानों की धुकधुकी बढ़ गई। गेहूं व चने की फसल की कटाई व मड़ाई प्रभावित हो गई है। रविवार की सुबह करीब 11 बजे बादल छा गए और 10 किमी की रफ्तार से धूल भरी तेज हवा चली। कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार दो दिन तक पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा। हालांकि दोपहर बाद आसमान साफ हुआ और धूप खिली तो किसान कटी फसल को समेटने में जुट गए।
नरही : बृहस्पतिवार को आई तेज आंधी बारिश से अभी किसान उबर भी नहीं पाए हैं कि रविवार को भी आसमान में बादल छाने, बूंदाबांदी व तेज हवा चलने से किसानों की परेशानी बढ़ गई। कृषि विज्ञान केंद्र सोहांव के वैज्ञानिक डॉ. संजीत कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को हुई बारिश ने ही किसानों को नुकसान पहुंचा दिया है यदि फिर बारिश हुई तो और अधिक नुकसान होगा। ऐसे में किसान तैयार फसलों की कटाई व मड़ाई कर अनाज को सुरक्षित रख लें। क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अगले चार-पांच दिनों तक रहने की संभावना है।
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उधर किसानों ने बताया कि मौसम के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है। यही हाल रहा तो इस बार खेतों में फसल रहे जाएगी।
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मौसम विज्ञानियों के अनुसार दो दिन तक पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा। हालांकि दोपहर बाद आसमान साफ हुआ और धूप खिली तो किसान कटी फसल को समेटने में जुट गए।
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नरही : बृहस्पतिवार को आई तेज आंधी बारिश से अभी किसान उबर भी नहीं पाए हैं कि रविवार को भी आसमान में बादल छाने, बूंदाबांदी व तेज हवा चलने से किसानों की परेशानी बढ़ गई। कृषि विज्ञान केंद्र सोहांव के वैज्ञानिक डॉ. संजीत कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को हुई बारिश ने ही किसानों को नुकसान पहुंचा दिया है यदि फिर बारिश हुई तो और अधिक नुकसान होगा। ऐसे में किसान तैयार फसलों की कटाई व मड़ाई कर अनाज को सुरक्षित रख लें। क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अगले चार-पांच दिनों तक रहने की संभावना है।
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उधर किसानों ने बताया कि मौसम के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है। यही हाल रहा तो इस बार खेतों में फसल रहे जाएगी।