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भाजपा विधायक केस दर्ज होने पर भड़के
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Tue, 29 Sep 2015 11:53 PM IST
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बिना अनुमति चुनाव प्रचार का जुलूस निकालने के आरोप में नरहीं थाने में मुकदमा दर्ज होने से नाराज भाजपा विधायक उपेंद्र तिवारी मंगलवार को विरोधियों पर खूब बरसे।
नगर के टैगोरनगर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनके क्षेत्र के रहने वाले एक कबीना मंत्री के इशारे पर उन पर कार्रवाई की गई है। जबकि किसी भी विधायक पर मुकदमा दर्ज करने से पहले विधानसभा अध्यक्ष से अनुमति लेनी पड़ती है।
विधायक ने कहा कि जनपद में कुछ अधिकारी सपा के एजेंट के रूप में कार्य कर रहे हैं। फेफना विधान सभा क्षेत्र में तीन थानों पर ऐसे थानाध्यक्ष तैनात हैं, जिन्हें पहले से ही सपा एजेंट का लेबल दिया जा चुका था। उन लोगों पर सपा नेताओं को अधिक लाभ पहुंचाने का आरोप लगा था।
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सोमवार को भी नरहीं थानाध्यक्ष संतलाल यादव ने मंत्री की नजर में गुड वर्क करने वाला एसओ बनने के लिए एक जुलूस को बिना अनुमति निकालते दिखाकर उनके समेत 22 नामजद समेत 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया।
जबकि एक विधायक के खिलाफ कोई भी मुकदमा दर्ज करने के बाद विधानसभा अध्यक्ष से अनुमति लेनी पड़ती है। भाजपा के एक उम्मीदवार को जुलूस निकालना था। इसके लिए उसने 28 सितंबर को एक आवेदन पत्र दिया लेकिन उस पर अनुमति नहीं दी गई।
जब दूसरे दिन आवेदन पत्र दिया तो उस पर भी कोई अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद मैंने प्रशासनिक अफसरों से बात की। अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इस पर डीएम शरद कुमार सिंह ने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट को बात कर रहा हूं, आप जुलूस निकाल सकते हैं। जब जुलूस निकाला गया तो नरहीं थानाध्यक्ष संतलाल यादव ने खुद को मंत्री का कारखास दिखाने के लिए उनके साथ ही सैकड़ों लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया।
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नगर के टैगोरनगर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनके क्षेत्र के रहने वाले एक कबीना मंत्री के इशारे पर उन पर कार्रवाई की गई है। जबकि किसी भी विधायक पर मुकदमा दर्ज करने से पहले विधानसभा अध्यक्ष से अनुमति लेनी पड़ती है।
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विधायक ने कहा कि जनपद में कुछ अधिकारी सपा के एजेंट के रूप में कार्य कर रहे हैं। फेफना विधान सभा क्षेत्र में तीन थानों पर ऐसे थानाध्यक्ष तैनात हैं, जिन्हें पहले से ही सपा एजेंट का लेबल दिया जा चुका था। उन लोगों पर सपा नेताओं को अधिक लाभ पहुंचाने का आरोप लगा था।
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सोमवार को भी नरहीं थानाध्यक्ष संतलाल यादव ने मंत्री की नजर में गुड वर्क करने वाला एसओ बनने के लिए एक जुलूस को बिना अनुमति निकालते दिखाकर उनके समेत 22 नामजद समेत 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया।
जबकि एक विधायक के खिलाफ कोई भी मुकदमा दर्ज करने के बाद विधानसभा अध्यक्ष से अनुमति लेनी पड़ती है। भाजपा के एक उम्मीदवार को जुलूस निकालना था। इसके लिए उसने 28 सितंबर को एक आवेदन पत्र दिया लेकिन उस पर अनुमति नहीं दी गई।
जब दूसरे दिन आवेदन पत्र दिया तो उस पर भी कोई अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद मैंने प्रशासनिक अफसरों से बात की। अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इस पर डीएम शरद कुमार सिंह ने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट को बात कर रहा हूं, आप जुलूस निकाल सकते हैं। जब जुलूस निकाला गया तो नरहीं थानाध्यक्ष संतलाल यादव ने खुद को मंत्री का कारखास दिखाने के लिए उनके साथ ही सैकड़ों लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया।