Agnipath Yojana: पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह बोले- चार वर्ष बाद क्या करेंगे अग्निवीर, आंदोलन की चेतावनी दी
पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ने पूछा कि चार साल में हथियार चलाना सीखकर सेना से बाहर आए अग्निवीर क्या करेंगे। इसका अंदाजा सरकार में बैठे लोगों को नहीं है। न पेंशन देंगे, ना भत्ता देंगे और जवानी के चार महत्वपूर्ण साल ले लेंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बलिया जिले के बैरिया से पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ने युवाओं को अग्निवीर के रूप में सेना में चार वर्ष के लिए भर्ती करने के सरकार के निर्णय गलत बताया है। उन्होंने कहा कि सेना में युवकों को चार नहीं बल्कि चौबीस साल के लिए भर्ती होना चाहिए। युवा को सरकार से पूर्णकालिक भर्ती की मांग कर रहे हैं। इसके खिलाफ उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।
उन्होंने पूछा कि चार साल में हथियार चलाना सीखकर सेना से बाहर आए अग्निवीर क्या करेंगे। इसका अंदाजा सरकार में बैठे लोगों को नहीं है। न पेंशन देंगे, ना भत्ता देंगे और जवानी के चार महत्वपूर्ण साल ले लेंगे। उसके बाद उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। इस पर सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए। युवकों को सेना स्थाई नियुक्ति दी जानी चाहिए।
सेना भर्ती के मामले में राजनीति उचित नहीं
बैरिया डाक बंगला में पत्रकारों से उन्होंने कहा कि पांच वर्ष विधायक व सांसद रहने पर सरकार जीवन भर पेंशन व भत्ता देती है। सेना ही एक ऐसी संस्था है जहां बिना आरक्षण सामान्य वर्ग के लोगों को सेवा का अवसर मिल जाता है। इसमें राजनीति उचित नहीं है। इसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने विरोध स्वरूप प्रधानमंत्री, रक्षामंत्री और गृहमंत्री को पत्र भेजकर इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।
अग्निपथ योजना पर बोले युवा, रोजगार तो मिलेगा, लेकिन भविष्य अंधरकारमय
केंद्र सरकार द्वारा तीनों सेनाओं में अग्निपथ योजना के तहत जवानों की भर्ती करने को लेकर जिले के युवाओं ने मिलीं जुली प्रतिक्रिया दी है। कुछ का कहना है कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेगें तो अधिकांश चार वर्ष बाद की स्थिती को लेकर असमंजस में है।
उनका कहना है कि जीवन के चार महत्वपूर्ण वर्ष देने के बाद युवाओं को नौकरी के लिए दर-दर की ठोकरें खानीं पड़ेगी। जबकि सेवानिवृत्त फौजियों से अग्निपथ योजना को अनुचित बताया है। अधिोकांश का मत है कि इसराइल और रुस की तर्ज पर 12वीं के बाद सेना की नौकरी सबके लिए अनिवार्य कर दिया जाए।
रिटायर्ड जवानों का मत है कि भले ही विदेशों की तर्ज पर सरकार सेना का आधुनिकी करण की कवायद करने में जुटी है, लेकिन इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा। क्योंकि अधिकांश युवा चार वर्ष बाद रोजगार के लिए इधर-उधर की ठोकरें खाने को मजबूर हो जाएंगे। हालांकि योजना के तहत सरकार बेरोजगारी की समस्या के निदान के लिए तीनों सेनाओं में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना की घोषणा की है।
इसके तहत अल्प अवधि यानि चार साल के लिए संविदा पर सेना में युवाओं की भर्ती की जाएगी। हर साल 10 वीं और 12 वीं पास साढ़े सत्रह साल से लेकर 21 वर्ष की आयु के 46000 युवाओं को इस योजना के तहत बतौर अग्निवीर जवान भर्ती किया जाएगा। इन्हें आकर्षक वेतन के साथ एकमुश्त सेवा निधि भी दी जाएगी।