{"_id":"6151f23f8ebc3e0144518367","slug":"villagers-protested-against-aco-who-arrived-for-consolidation-ballia-news-vns6140451107","type":"story","status":"publish","title_hn":"चकबंदी के लिए पहुंचे एसीओ का ग्रामीणों ने किया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चकबंदी के लिए पहुंचे एसीओ का ग्रामीणों ने किया विरोध
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेल्थरारोड। क्षेत्र के चंदाडीह के 80 प्रतिशत किसानों की ओर से चकबंदी का विरोध करने के बाद भी सोमवार को बिना डीएम या एसओसी (बंदोबस्त अधिकारी) के आदेश के तीसरी बार बैठक करने पहुंचे एसीओ (सहायक चकबंदी अधिकारी) का काश्तकारों के विरोध का सामना करना पड़ा। इस दौरान काश्तकारों ने पत्रक सौंप चकबंदी नहीं कराने की मांग की। इसके पूर्व भी विरोध के चलते दो बार बैठक स्थगित की जा चुकी है।
काश्तकारों का आरोप है कि चकबन्दी विभाग के एसीओ और कर्मचारी मनमाने रूप से काश्तकारों का आर्थिक शोषण करने में लगे है। चन्दाडीह के 80 प्रतिशत 215 काश्तकारों के हस्ताक्षर युक्त पत्रक चकबन्दी निरस्त करने के लिए देने के बाद भी सहायक चकबन्दी अधिकारी ने सोमवार को मनमाने ढंग से पर्चा बांटने चंदाडीह पहुंच गए। इसका काश्तकारों ने प्रबल विरोध किया। पुन: 80 प्रतिशत 216 काश्तकारों ने हस्ताक्षर युक्त पत्रक दिया। काश्तकारों का आरोप है कि इसके बाद भी सहायक चकबन्दी अधिकारी जिन लोगों के नाम जमीन नहीं है, उनके कहने पर नियम के विरुद्ध चकबन्दी कराने पर तुले हैं। 80 प्रतिशत काश्तकार यदि नहीं चाहते हैं तो चकबन्दी नहीं हो सकती। ज्ञात हो कि चकबन्दी निरस्त करने के लिए दिए गए पत्रक में उल्लेख किया गया है कि हमारे यहां पूर्व में चकबन्दी हुई है। लगभग 41 एकड़ जमीन ग्राम समाज की शेष है। खेत मे जाने के लिए चकरोड व चकनाली भी है। मांग की कि ऐसे में चकबन्दी निरस्त की जाए। पत्र में कपिलदेव मिश्र, विनय तिवारी, नन्दकिशोर राजभर, ओमकार मणि तिवारी धनन्जय मणि तिवारी, जयप्रकाश मिश्र, अवधेश मिश्र, सुबास मिश्र, पारस नाथ मिश्र, रविन्द्र मिश्र, सदानन्द मिश्र ,अनिरुद्ध मिश्र, विशाल तिवारी, बब्बन पाण्डेय, चन्द्रशेखर आदि काश्तकारों के हस्ताक्षर है। काश्तकारों ने मुख्यमंत्री और चकबन्दी आयुक्त को भी पत्र भेजा है
विज्ञापन
काश्तकारों का आरोप है कि चकबन्दी विभाग के एसीओ और कर्मचारी मनमाने रूप से काश्तकारों का आर्थिक शोषण करने में लगे है। चन्दाडीह के 80 प्रतिशत 215 काश्तकारों के हस्ताक्षर युक्त पत्रक चकबन्दी निरस्त करने के लिए देने के बाद भी सहायक चकबन्दी अधिकारी ने सोमवार को मनमाने ढंग से पर्चा बांटने चंदाडीह पहुंच गए। इसका काश्तकारों ने प्रबल विरोध किया। पुन: 80 प्रतिशत 216 काश्तकारों ने हस्ताक्षर युक्त पत्रक दिया। काश्तकारों का आरोप है कि इसके बाद भी सहायक चकबन्दी अधिकारी जिन लोगों के नाम जमीन नहीं है, उनके कहने पर नियम के विरुद्ध चकबन्दी कराने पर तुले हैं। 80 प्रतिशत काश्तकार यदि नहीं चाहते हैं तो चकबन्दी नहीं हो सकती। ज्ञात हो कि चकबन्दी निरस्त करने के लिए दिए गए पत्रक में उल्लेख किया गया है कि हमारे यहां पूर्व में चकबन्दी हुई है। लगभग 41 एकड़ जमीन ग्राम समाज की शेष है। खेत मे जाने के लिए चकरोड व चकनाली भी है। मांग की कि ऐसे में चकबन्दी निरस्त की जाए। पत्र में कपिलदेव मिश्र, विनय तिवारी, नन्दकिशोर राजभर, ओमकार मणि तिवारी धनन्जय मणि तिवारी, जयप्रकाश मिश्र, अवधेश मिश्र, सुबास मिश्र, पारस नाथ मिश्र, रविन्द्र मिश्र, सदानन्द मिश्र ,अनिरुद्ध मिश्र, विशाल तिवारी, बब्बन पाण्डेय, चन्द्रशेखर आदि काश्तकारों के हस्ताक्षर है। काश्तकारों ने मुख्यमंत्री और चकबन्दी आयुक्त को भी पत्र भेजा है
विज्ञापन