यूपी : बलिया में पत्रकार रतन सिंह की हत्या मामले में सीएम की सख्ती का असर, एसओ निलंबित, 6 गिरफ्तार
- फेफना थानाध्यक्ष शशिमौलि पांडेय निलंबित
- पट्टीदारी के झगड़े में हत्या, तीन गिरफ्तार
विस्तार
इलेक्ट्रानिक चैनल के पत्रकार रतन सिंह की हत्या के दूसरे दिन मंगलवार को ग्रामीणों और पत्रकारों ने शव को सड़क पर रख कर तीन घंटे तक जाम लगाया। प्रशासन ने पांच लाख की फौरी सहायता और पत्नी को संविदा पर नौकरी देने की घोषणा की है। सीएम की ओर से भी दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। मृतक के पिता विनोद कुमार सिंह की तहरीर पर प्रधान प्रतिनिधि समेत 10 लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया है। छह को गिरफ्तार कर लिया गया है। फेफना थानाध्यक्ष को निलंबित किया जा चुका है।
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव रतन सिंह घर ले जाया गया, वहां आवास के सामने पत्रकारों व ग्रामीणों ने रसड़ा-फेफना मार्ग को जाम कर दिया। सपा व कांग्रेस के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंच गए। पत्रकारों ने एडीएम को ज्ञापन सौंप कर पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा, मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, आरोपियों पर रासुका लगाने के साथ ही उनके घर को जमीदोंज करने तथा मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने की मांग की।
वहीं मृतक के पिता ने आरोप लगाया है कि मेरे पुत्र रतन सिंह को साजिश के तहत मेरे गांव के ही सोनू सिंह पुत्र स्व. विश्वनाथ सिंह घर से बुलाकर ले गए जहां मेरे बेटे को लाठी-डंडा से पीटा गया। इसके बाद तमंचा और रिवाल्वर से सिर में गोली मार दी गई। इस घटना को मेरे भाई मनोज सिंह और कौशल कुमार सिंह ने देखा है।