{"_id":"5705523e4f1c1b8663c81383","slug":"two-killed-in-fire-flames","type":"story","status":"publish","title_hn":"आग में झुलसकर दो की मौत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आग में झुलसकर दो की मौत
ब्यूरो/ अमर उजाला, बलिया
Updated Wed, 06 Apr 2016 11:45 PM IST
विज्ञापन
आग से झुलसकर दो की मौत
अगलगी की दो अलग-अलग घटनाओं में बुधवार को दो लोगों की जान चली गई जबकि 17 रिहायशी झोपड़ियां जलकर राख हो गई। पहली घटना रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के नीबू कबीर गांव में हुई जिसमें एक मासूम की जबकि नरहीं थाना क्षेत्र के लड्डूपुर (बहाबुद्दीनपुर) गांव में हुई अगलगी में वृद्धा की मौत हो गई। दोनों ही घटनाओं से कई परिवार बेघर हो गए हैं।
रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के नीबू कबीरपुर गांव निवासी सुरेंद्र राजभर के झोपड़ी में दोपहर करीब ढाई बजे अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग बढ़ती गई, जिससे सुरेंद्र राजभर के पांच तथा शीला राजभर पत्नी सिकंदर राजभर की तीन झोपड़ियां भी जल गईं। इस दौरान झोपड़ी में सो रहे सुरेंद्र राजभर के छह वर्षीय पुत्र सत्येंद्र राजभर की मौत हो गई।
हादसे के समय सुरेंद्र मजदूरी करने और मां मंशा राजभर गेहूं काटने गई थी। अन्य दोनों बेटे बाहर खेल रहे थे। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार मिथिलेश त्रिपाठी, कानूनगो विक्रम बहादुर सिंह एवं लेखपाल राजनारायण मौर्या ने दो परिवारों को आवास के लिए आठ-आठ हजार रुपये का चेक प्रदान किया। वहीं शव को कब्जे में लेकर अंत्य परीक्षण के लिए भेज दिया।
विज्ञापन
वहीं नरहीं थाना क्षेत्र के लड्डूपुर (बहाबुद्दीनपुर) निवासी घुरहू राजभर के झोपड़ी में बुधवार शाम करीब तीन बजे अज्ञात कारणों से आग लपटें उठने लगी। आग से जवाहर, रामचंद्र, राजेश, बैजनाथ, केदार, निरहू, नागेंद्र की झोपड़ी भी जल गई। इस दौरान उसमें मौजूद रेशमी देवी (70) भी झुलसकर मर गई। सदर एसडीएम रामानुज सिंह ने आपदा राहत कोष से चार लाख रुपये दिलाने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के नीबू कबीरपुर गांव निवासी सुरेंद्र राजभर के झोपड़ी में दोपहर करीब ढाई बजे अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग बढ़ती गई, जिससे सुरेंद्र राजभर के पांच तथा शीला राजभर पत्नी सिकंदर राजभर की तीन झोपड़ियां भी जल गईं। इस दौरान झोपड़ी में सो रहे सुरेंद्र राजभर के छह वर्षीय पुत्र सत्येंद्र राजभर की मौत हो गई।
विज्ञापन
हादसे के समय सुरेंद्र मजदूरी करने और मां मंशा राजभर गेहूं काटने गई थी। अन्य दोनों बेटे बाहर खेल रहे थे। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार मिथिलेश त्रिपाठी, कानूनगो विक्रम बहादुर सिंह एवं लेखपाल राजनारायण मौर्या ने दो परिवारों को आवास के लिए आठ-आठ हजार रुपये का चेक प्रदान किया। वहीं शव को कब्जे में लेकर अंत्य परीक्षण के लिए भेज दिया।
विज्ञापन
वहीं नरहीं थाना क्षेत्र के लड्डूपुर (बहाबुद्दीनपुर) निवासी घुरहू राजभर के झोपड़ी में बुधवार शाम करीब तीन बजे अज्ञात कारणों से आग लपटें उठने लगी। आग से जवाहर, रामचंद्र, राजेश, बैजनाथ, केदार, निरहू, नागेंद्र की झोपड़ी भी जल गई। इस दौरान उसमें मौजूद रेशमी देवी (70) भी झुलसकर मर गई। सदर एसडीएम रामानुज सिंह ने आपदा राहत कोष से चार लाख रुपये दिलाने का आश्वासन दिया।