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पारंपरिक ढंग से हुई गोर्वधन पूजा
ballia
Updated Sat, 21 Oct 2017 10:56 PM IST
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नगर से सटे बहादुरपुर ग्राम मे गोवर्धन पूजा के दौरान गोधन की कुटाई करती महिलाएं।
- फोटो : ballia
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दीपों का पर्व दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा परंपरागत तरीके से मनाया गया। महिलाओं ने पौराणिक तथा पारंपरिक गीत गाए। इस दौरान महिलाओं ने इस पर्व से जुड़े कथा को सुनाया। नगर के बहादुरपुर स्थित नई बस्ती में महिलाओं ने गोबर से गोवर्धन भगवान की आकृति बनाकर उसका विधिवत पूजन-अर्चन किया। करीब घंटे भर कथा सुनने के बाद गोधन की कुटाई की। इसके उपरांत भगवान गोर्वधन का प्रसाद ग्रहण किया। निधरिया नई बस्ती में भी महिलाओं ने गोवर्धन पूजा की।
इस दौरान समाज के मंगल आदि की कामना की। इसके साथ चिलकहर क्षेत्र के कुरेजी, बलेसरा, नरांव, चिलकहर, असनवार, बसनवार, इंदरपुर, ताखा, पांडेयपुर, कुकुरहा, हजौली, आमडारी, रतसर, बुढ़ऊ आदि गांवों में भी गोवर्धन की पूजा की गई। इस दौरान विविध मांगलिक गीत गाए। भाइयों के दीर्घायु के लिए इस पर्व पर बहनों ने गीत गाया और उन्हें प्रसाद खिलाया।
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इस दौरान समाज के मंगल आदि की कामना की। इसके साथ चिलकहर क्षेत्र के कुरेजी, बलेसरा, नरांव, चिलकहर, असनवार, बसनवार, इंदरपुर, ताखा, पांडेयपुर, कुकुरहा, हजौली, आमडारी, रतसर, बुढ़ऊ आदि गांवों में भी गोवर्धन की पूजा की गई। इस दौरान विविध मांगलिक गीत गाए। भाइयों के दीर्घायु के लिए इस पर्व पर बहनों ने गीत गाया और उन्हें प्रसाद खिलाया।
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