{"_id":"625db05590dc172f1834e105","slug":"to-prevent-floods-and-erosion-work-will-be-done-on-five-projects-from-36-crores-ballia-news-vns6490099171","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ व कटान रोकने के लिए 36 करोड़ से पांच परियोजनाओं पर होगा काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ व कटान रोकने के लिए 36 करोड़ से पांच परियोजनाओं पर होगा काम
विज्ञापन
रामगढ़ स्पर संख्या 27,500मीटर से लेकर दुबेछपरा तक रीवेटमेंट कर का स्थान।
- फोटो : BALLIA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कटान रोकने के लिए 36 करोड़ से पांच परियोजनाओं पर होगा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
रामगढ़। गंगा की कटान से हर साल किसानों की सैकड़ों एकड़ जमीन पानी में चली जाती है। कटान रोकने के लिए 36 करोड़ रुपये से काम किया जाएगा। इसके तहत पांच परियोजनाओं पर काम होना है। इसके लिए शासन से हरी झंडी मिल गई है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता ने बताया कि धन भी मिल गया है। जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
बरसात के दिनों में जब नदियां उफनाने लगती हैं तो किसानों और ग्रामीणों के दिल तेजी से धड़कने लगते हैं। हर साल गंगा जब रौद्र रूप अख्तियार करती है तो सैकड़ों एकड़ जमीन और घर काट ले जाती है। कटान रोकने के लिए हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन कटान का स्थाई समाधान नहीं निकल पाया है। एक जगह काम होता है तो नदी दूसरी जगह काटने लगती है। अबकी गंगा पर कटान रोकने के लिए पांच परियोजनाओं पर काम कराने को मंजूरी मिली है।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता ने बताया कि रामगढ़ से लेकर दुबे छपरा तक गंगा के मुहाने पर बसे गांव सुघर छपरा, दुबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा को बचाने के लिए पांच परियोजनाएं शासन को भेजी गई थीं, जिनकी स्वीकृत हो चुकी है। इसके लिए टेंडर आठ अप्रैल को खोली गया और 14 अप्रैल को टेंडर पास भी हो गया है। बताया कि रामगढ़ चौबे छपरा के समीप बने स्पर के आगे 27.950 मीटर पर एक और स्पर बनेगा। साथ ही 27.500 मीटर से लेकर दुबे छपरा तक करीब एक किलोमीटर की लंबाई तक रिवेटमेंट का कार्य किया जाएगा। दुबे छपरा के समीप एक आर्क स्पर भी बनेगा ताकि गंगा नदी की धारा को मोड़ा जा सके। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के अंदर ही कार्य शुरू हो जाएगा। इस कार्य के लिए बोल्डर गिरने शुरू हो गए हैं। इन पांचों परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए शासन स्तर से पांच माह का समय मिला है। लेकिन विभाग का टारगेट है कि हर हाल में इन परियोजनाओं का कार्य 15 जून से पहले पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि गंगा का जलस्तर बढ़ता भी है तो गांव को कोई खतरा न रह सके।
विज्ञापन
----------------
शासन से स्वीकृत पांच परियोजनाओं के टेंडर का आवंटन किया जा चुका है। एक सप्ताह में कार्य शुरु हो जाएगा। प्रयास है कि 15 जून से पूर्व कार्य को पूरा कर लिया जाए।
- संजय कुमार मिश्र, अधिशासी अभियंता, बाढ़ विभाग, बलिया
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामगढ़। गंगा की कटान से हर साल किसानों की सैकड़ों एकड़ जमीन पानी में चली जाती है। कटान रोकने के लिए 36 करोड़ रुपये से काम किया जाएगा। इसके तहत पांच परियोजनाओं पर काम होना है। इसके लिए शासन से हरी झंडी मिल गई है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता ने बताया कि धन भी मिल गया है। जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
बरसात के दिनों में जब नदियां उफनाने लगती हैं तो किसानों और ग्रामीणों के दिल तेजी से धड़कने लगते हैं। हर साल गंगा जब रौद्र रूप अख्तियार करती है तो सैकड़ों एकड़ जमीन और घर काट ले जाती है। कटान रोकने के लिए हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन कटान का स्थाई समाधान नहीं निकल पाया है। एक जगह काम होता है तो नदी दूसरी जगह काटने लगती है। अबकी गंगा पर कटान रोकने के लिए पांच परियोजनाओं पर काम कराने को मंजूरी मिली है।
विज्ञापन
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता ने बताया कि रामगढ़ से लेकर दुबे छपरा तक गंगा के मुहाने पर बसे गांव सुघर छपरा, दुबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा को बचाने के लिए पांच परियोजनाएं शासन को भेजी गई थीं, जिनकी स्वीकृत हो चुकी है। इसके लिए टेंडर आठ अप्रैल को खोली गया और 14 अप्रैल को टेंडर पास भी हो गया है। बताया कि रामगढ़ चौबे छपरा के समीप बने स्पर के आगे 27.950 मीटर पर एक और स्पर बनेगा। साथ ही 27.500 मीटर से लेकर दुबे छपरा तक करीब एक किलोमीटर की लंबाई तक रिवेटमेंट का कार्य किया जाएगा। दुबे छपरा के समीप एक आर्क स्पर भी बनेगा ताकि गंगा नदी की धारा को मोड़ा जा सके। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के अंदर ही कार्य शुरू हो जाएगा। इस कार्य के लिए बोल्डर गिरने शुरू हो गए हैं। इन पांचों परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए शासन स्तर से पांच माह का समय मिला है। लेकिन विभाग का टारगेट है कि हर हाल में इन परियोजनाओं का कार्य 15 जून से पहले पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि गंगा का जलस्तर बढ़ता भी है तो गांव को कोई खतरा न रह सके।
विज्ञापन
----------------
शासन से स्वीकृत पांच परियोजनाओं के टेंडर का आवंटन किया जा चुका है। एक सप्ताह में कार्य शुरु हो जाएगा। प्रयास है कि 15 जून से पूर्व कार्य को पूरा कर लिया जाए।
- संजय कुमार मिश्र, अधिशासी अभियंता, बाढ़ विभाग, बलिया